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Health News: मलद्वार से खून...आंत के कैंसर का हो सकता है संकेत, विशेषज्ञ से जांच जरूर करा लें
Sun, 20 Oct 2024 09:11 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 20 Oct 2024 09:11 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज में यूरोलॉजी-पेट रोग के कैंसर में रोबोटिक सर्जरी की जानकारी दी गई। इस दौरान ये भी बताया गया कि मलद्वार से खून आना, ये न समझें कि बवासीर ही है। इसकी जांच जरूर करा लें।
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कैंसर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में ‘यूरोलॉजी और पेट रोग के कैंसर में रोबोटिक सर्जरी’ के बारे में व्याख्यान हुए। मुख्य वक्ता दिल्ली से आए विशेषज्ञ डॉ. मनीष जैन ने कहा कि मलद्वार से खून आ रहा है, जरूरी नहीं है कि वो बवासीर हो, आंत के कैंसर का भी लक्षण है। ऐसे में विशेषज्ञ से जांच जरूर करा लें।
डॉ. मनीष जैन ने कहा कि यूरोलॉजी और पेट रोग के कैंसर में रोबोटिक सर्जरी से आसानी होती है। अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच बनती है। घाव कम होता है और मरीज जल्द ठीक होता है।
रोबोटिक सर्जन डॉ. करण रावत ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से चीरा छोटा लगाने से 5-6 चम्मच रक्तस्राव ही होता है। जख्म कम होने से मरीज जल्द ठीक होता है। रोबोटिक सर्जरी से कैंसर के जख्म की सटीक सर्जरी हो पाती है, इससे दोबारा होने का खतरा काफी कम रहता है।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता और विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत लवानियां ने कहा कि फास्टफूड, तले हुए भोजन लंबे समय तक करने से पेट रोग के कैंसर बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. अनुभव गोयल, डॉ. मयंक अग्रवाल, डॉ. जेपी सिंह शाक्य आदि मौजूद रहे।
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डॉ. मनीष जैन ने कहा कि यूरोलॉजी और पेट रोग के कैंसर में रोबोटिक सर्जरी से आसानी होती है। अंदरूनी हिस्सों तक पहुंच बनती है। घाव कम होता है और मरीज जल्द ठीक होता है।
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रोबोटिक सर्जन डॉ. करण रावत ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी से चीरा छोटा लगाने से 5-6 चम्मच रक्तस्राव ही होता है। जख्म कम होने से मरीज जल्द ठीक होता है। रोबोटिक सर्जरी से कैंसर के जख्म की सटीक सर्जरी हो पाती है, इससे दोबारा होने का खतरा काफी कम रहता है।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता और विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत लवानियां ने कहा कि फास्टफूड, तले हुए भोजन लंबे समय तक करने से पेट रोग के कैंसर बढ़ रहे हैं। कार्यक्रम में डॉ. अनुभव गोयल, डॉ. मयंक अग्रवाल, डॉ. जेपी सिंह शाक्य आदि मौजूद रहे।