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ब्लैक फंगस: मथुरा में संक्रमण से निपटने को सर्विलांस टीम का गठन, बरतें ये सावधानियां

Mon, 17 May 2021 12:09 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 17 May 2021 12:09 AM IST
सार

सीएमओ ने सर्विलांस टीम तैयार कर ब्लैक फंगस के संक्रमितों से मिलकर डाटा तैयार करने के आदेश दिए हैं। सर्विलांस टीम ने जनपद में मिले तीनों केसों की निगरानी शुरू कर दिया है।

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Black Fungus Case In Mathura Health Department Team Alert
ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मथुरा जनपद में कोरोना संकट के बीच खतरनाक ब्लैक फंगस यानि म्यूकरमाइकोसिस की भी एंट्री हो चुकी है। ऐसे में योगी सरकार ने ब्लैक फंगस को लेकर एडवाइजरी भी जारी कर दी है, जिसमें लक्षण, सावधानियां, क्या करें व क्या न करें आदि समाहित है। प्रदेश सरकार से एडवाइजरी मिलने के बाद मथुरा स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। सीएमओ ने सर्विलांस टीम तैयार कर ब्लैक फंगस के संक्रमितों से मिलकर डाटा तैयार करने के आदेश दिए हैं। सर्विलांस टीम ने जनपद में मिले तीनों केसों की निगरानी शुरू कर दिया है। 

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पिछले दिनों वृंदावन के बनखंडी, मथुरा के मानस नगर और राया में एक केस ब्लैक फंगस का सामने आया था। वहीं प्रदेश स्तर पर ब्लैक फंगस के मामलों के बाद शासन ने एडवाइजरी जारी कर स्वास्थ्य विभाग से अलर्ट रहने को कहा है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों केसों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की है। वहीं ब्लैक फंगस को देखते हुए जनपद के निजी अस्पतालों को भी पत्र लिखकर इस तरह के केस आने पर विभाग को सूचना देने के आदेश दिए गए हैं।
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अभी जनपद में नया ब्लैक फंगस का मामला सामने नहीं आया है। पिछले दिनों मिले केस की निगरानी शुरू की गई है। निजी अस्पतालों को भी ब्लैक फंगस केस के प्रति सचेत रहने के लिए कहा गया है। - डॉ. मुनीश पौरुष, जिला सर्विलांस अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग 

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सावधानियां
- स्वयं या किसी गैर विशेषज्ञ डॉक्टर के दोस्त मित्र या रिश्तेदार के कहने पर स्टेरॉयड दवा कतई शुरू न करें, स्टेरॉयड दवाएं जैसे- डेक्सोना, मेड्रोल इत्यादि।
- लक्षण के पहले 5 से 7 दिनों में स्टेरॉयड देने से दुष्परिणाम होते हैं, बीमारी शुरू होते ही स्टेरॉयड शुरू न करें, इससे बीमारी बढ़ जाती है।
- स्टेरॉयड का प्रयोग विशेषज्ञ डॉक्टर कुछ ही मरीजों को केवल 5-10 दिनों के लिए देते हैं, वो भी बीमारी शुरू होने के 5-7 दिनों बाद केवल गंभीर मरीजों को, इसके पहले बहुत सी जांच आवश्यक है।
- इलाज शुरू होने पर डॉक्टर से पूछें कि इन दवाओं में स्टेरॉयड तो नहीं है, अगर है, तो ये दवाएं मुझे क्यों दी जा रही हैं?
- स्टेरॉयड शुरू होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर के नियमित संपर्क में रहें।

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