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गंगाजल योजना में धीमी गति से काम पर भड़के विधायक, अफसरों से कहा- सीएम से करेंगे शिकायत

Tue, 10 Dec 2019 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 10 Dec 2019 12:02 AM IST
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BJP MLAs inspects Gangajal project in agra
गंगाजल योजना का निरीक्षण करते विधायक योगेंद्र उपाध्याय व पुरुषोत्तम खंडेलवाल - फोटो : अमर उजाला
आगरा में नेशनल हाईवे पर दो जगह कनेक्शन के बाद जनवरी से जीवनी मंडी वाटरवर्क्स को 200 एमएलडी गंगाजल मिलने लगेगा, लेकिन इसका आधा ही लोगों को मिल पाएगा। जीवनी मंडी क्षेत्र से जुड़े बाकी हिस्सों को इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा। दरअसल, वितरण के लिए जरूरी पंपिंग स्टेशनों की क्षमता ही नहीं बढ़ाई गई है। इस पर विधायकों ने जल निगम के अफसरों को फटकार लगाई।
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भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय और पुरुषोत्तम खंडेलवाल सोमवार को जीवनी मंडी वाटरवर्क्स पर गंगाजल योजना की प्रगति जानने पहुंचे तो काम की रफ्तार तो धीमी मिली ही, जल निगम अधिकारियों की अदूरदर्शिता पर भी दोनों विधायक नाराज हुए। 
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उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से लिखित करने को कहा। विधायकों को जल निगम के चीफ इंजीनियर आरके गर्ग ने बताया कि जनवरी 2020 में 200 एमएलडी गंगाजल मिलने लगेगा। फिलहाल 135 एमएलडी ही क्षमता है, जिसमें वास्तविक रूप से 80 से 90 एमएलडी पानी ही सप्लाई हो रहा है।
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प्रमुख सचिव ने रुकवा दिया था पंपिंग स्टेशनों का काम

विधायक योगेंद्र उपाध्याय और पुरुषोत्तम खंडेलवाल के सवालों पर जलनिगम के इंजीनियर आके गर्ग ने बताया कि जुलाई 2018 में प्रमुख सचिव ने पंपिंग स्टेशन अपग्रेड करने के काम को रुकवा दिया। 

इसकी जगह 25-30 किमी लंबी पुरानी मेन राइजिंग बदलने का प्रस्ताव बनाने को कहा गया था, लेकिन इन लाइनों को बदलने में तीन से चार साल लग सकते हैं। उसके बाद ही पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने को कहा गया था, जबकि राइजिंग मेन बदलने की योजना अभी तक तैयार नहीं है।

15 करोड़ रुपये का था पंपिंग स्टेशन का आवंटन

गंगाजल परियोजना में वाटरवर्क्स तक पानी पहुंचाने के साथ पंपिंग स्टेशन के लिए 15 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, लेकिन यह काम रोक दिया गया। गंगाजल के लिए पंपिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ाने को आठ महीने पहले काम शुरू किया जाना चाहिए था। अब यदि काम शुरू भी किया गया तो एक साल तक 100 एमएलडी गंगाजल यमुना नदी में बेकार बहता रहेगा। 

यह अक्षम्य लापरवाही
पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने का काम किया जाना था, पर नहीं किया गया। यह अक्षम्य लापरवाही है, जिसमें दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से मिलेंगे। यह अजब तमाशा है, जिसका खामियाजा लोगों को उठाना पड़ेगा। - योगेंद्र उपाध्याय, विधायक, आगरा दक्षिण क्षेत्र 

अफसरों को देना होगा जवाब
135 की जगह 225 एमएलडी पानी जनवरी से मिलेगा, तब कैसे मौजूदा सिस्टम में पानी बढ़ाकर दे पाएंगे, इसके लिए पहले व्यवस्था क्यों नहीं की। बजट भी है, तो भी न करने के क्या कारण रहे, इसका जवाब अफसरों को सीएम के सामने देना पड़ेगा। - पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विधायक, आगरा उत्तर क्षेत्र आगरा
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