अव्यवस्था: कोविड वार्ड में बेड को भटकती रहीं जसराना विधायक की पत्नी, डीएम ने एसएन में कराया था भर्ती
विधायक व उनकी पत्नी दोनों संक्रमित हैं। शुक्रवार रात विधायक प्रतिनिधि अभिषेक राजपूत विधायक की पत्नी संध्या लोधी को भर्ती कराने के लिए अस्पतालों में भटकता रहा।
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विधायक व उनकी पत्नी दोनों संक्रमित हैं। शुक्रवार रात विधायक प्रतिनिधि अभिषेक राजपूत विधायक की पत्नी संध्या लोधी को भर्ती कराने के लिए अस्पतालों में भटकता रहा। डीएम प्रभु एन सिंह से वार्ता के बाद उन्हें एसएस इमरजेंसी से कोविड वार्ड में शिफ्ट किया। यहां दो घंटे तक उन्हें बेड नहीं मिला। अभिषेक ने बताया कि कोविड वार्ड के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें भगा दिया। विधायक की पत्नी को बेड नहीं मिलने से उनकी हालत बिगड़ गई। रात 12 बजे उन्हें डीएम के दोबारा हस्तक्षेप पर बेड मिल सका।
आमजन का क्या होगा
जब विधायक के परिजनों को समय से उपचार नहीं मिल रहा तो सवाल खड़ा होता है कि आमजन को उपचार के लिए क्या-क्या तकलीफ उठानी पड़ रही हैं। डीएम के आदेश के बाद भी एसएन स्टाफ ने तत्परता नहीं दिखाई।
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पहले एंबुलेंस फिर इलाज नहीं मिला, मरीज की मौत
इलाज के अभाव में भी मरीज दम तोड़ रहे हैं। अस्पतालों में जगह नहीं मिल पा रही है। शुक्रवार को खेरागढ़ के मरीज को घर से ले जाने के लिए पहले तो एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाई। ऑटो में लेकर मरीज को परिजन पहले जिला अस्पताल और फिर एसएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां मरीज को भर्ती नहीं किया गया। घर लौटते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई।
खेरागढ़ के रहने वाले 85 वर्ष के नत्थी सिंह को बृहस्पतिवार से तेज बुखार आ रहा था। सांस लेने में परेशानी हो रही थी। परिजन धर्मवीर ने बताया कि शुक्रवार सुबह उन्होंने 108 एंबुलेंस के लिए करीब दस बार फोन मिलाया। फोन नहीं उठा। इसके बाद उन्होंने ऑटो की व्यवस्था की। उससे मरीज को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां से मरीज को एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। यहां बताया गया कि बेड खाली नहीं है। जब काफी समय तक भर्ती नहीं किया गया तो परिजन मरीज को लेकर घर लौटने लगे रास्ते में मौत हो गई। वहीं, दोपहर करीब 12 बजे एक मरीज स्ट्रेचर पर पड़ा हुआ था, परिजन उसको भर्ती कराने के लिए जतन करने में लगे थे, बेड खाली न होने से मरीज को भर्ती किए जाने से मना किया जा रहा था।