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UP: भाजपा पार्षद ने नाले में उतरकर काटा केट, ऐसे मनाया जन्मदिन; देखने वाले भी रह गए हैरान
Fri, 26 Jun 2026 02:32 AM IST
आगरा ब्यूरो
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 02:32 AM IST
सार
आगरा में नाले के निर्माण और सफाई न होने से नाराज भाजपा पार्षद किशन नायक ने घुटनों तक गंदे पानी में उतरकर जन्मदिन का केक काटा और नगर निगम के खिलाफ अनोखा विरोध दर्ज कराया। पार्षद का कहना है कि नाले में गिरकर तीन लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन 30 से अधिक पत्र लिखने के बावजूद अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे।
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लंगड़े की चौकी के पार्षद किशन नायक नाले में खड़े होकर जन्मदिन मनाते हुए। अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा पार्षद किशन नायक ने नाले का निर्माण न होने पर अपने जन्मदिन पर गंदगी से भरे नाले में उतरकर काटा। उन्होंने अनोखे अंदाज में विरोध कर नगर निगम के खिलाफ आक्रोश जताया। लंगड़े की चौकी स्थित नगला हरमुख के पार्षद किशन नायक ने घुटनों तक गंदे पानी में उतरकर केक काटने के बाद बताया कि नाले में गिरकर तीन लोगों की मौत हो चुकी है। अब तक 30 से ज्यादा पत्र वह लिख चुके हैं लेकिन अधिकारी न तो नाला निर्माण करा रहे और न ही सफाई।
लंगड़े की चौकी हनुमान मंदिर के पास नाले के निर्माण और सफाई न होने से गुस्साए पार्षद बृहस्पतिवार शाम को अपना जन्मदिन मनाने नाले पर पहुंचे। समर्थकों के साथ उन्होंने हाथ में बैनर ले रखा था, जिस पर लिखा था कि हनुमान जी कल्याण करें। इसे लेकर उन्होेंने नाले में उतरकर क्षेत्रीय जनता के सामने केक काटा। उन्होंने बताया कि सुल्तानगंज की पुलिया से लंगड़े की चौकी होते हुए यह नाला जीवनी मंडी रोड के रास्ते यमुना तक जाता है। यह शाही कैनाल थी, जो नाला बना दी गई।
पार्षद बने तीन साल हो गए लेकिन इस नाले का निर्माण नहीं कराया जा सका, जबकि 30 से ज्यादा पत्र वह मेयर और नगर आयुक्त को दे चुके हैं। इस नाले में गिरकर दो बच्चों और एक किसान की मौत हो चुकी है। एक बच्चे का पता नहीं चल पाया। निगम के अधिकारी संवेदनहीन हैं।
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जैसे जनता मना रही, वैसे मनाया जन्मदिन
पार्षद ने कहा कि जैसे उनके क्षेत्र की जनता जलभराव, गंदगी, नाले के गंदे पानी के बीच अपने जन्मदिन, शादी समारोह कर रही है, उन्होंने भी वैसे ही अपना जन्मदिन नाले में उतरकर मनाया। जनता इसे झेल रही है तो वह एसी कमरे में कैसे रहें। वह मेयर हेमलता दिवाकर और नगर आयुक्त के साथ स्वास्थ्य अधिकारी संजीव वर्मा से कह चुके, पर निदान नहीं हो रहा। 15 साल पहले 2011 में नाले की सफाई हुई थी, उसके बाद कागज पर ही नाला साफ हुआ है।
35 साल से नगर निगम पर भाजपा काबिज
नगर निगम अधिकारियों के रुख से विरोधी दलों ही नहीं, बल्कि अब सत्ताधारी भाजपा के पार्षद भी नाराज हैं। 35 साल से आगरा नगर निगम पर भाजपा काबिज है। पहली बार सत्ताधारी पार्षद ने नाले में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। क्षेत्रीय लोगों ने पार्षद के प्रदर्शन पर कहा कि नाला निर्माण और सफाई न हुई तो नगर निगम में घुसकर उग्र आंदोलन करेंगे। अफसरों को एसी में बैठने नहीं देंगे।
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लंगड़े की चौकी हनुमान मंदिर के पास नाले के निर्माण और सफाई न होने से गुस्साए पार्षद बृहस्पतिवार शाम को अपना जन्मदिन मनाने नाले पर पहुंचे। समर्थकों के साथ उन्होंने हाथ में बैनर ले रखा था, जिस पर लिखा था कि हनुमान जी कल्याण करें। इसे लेकर उन्होेंने नाले में उतरकर क्षेत्रीय जनता के सामने केक काटा। उन्होंने बताया कि सुल्तानगंज की पुलिया से लंगड़े की चौकी होते हुए यह नाला जीवनी मंडी रोड के रास्ते यमुना तक जाता है। यह शाही कैनाल थी, जो नाला बना दी गई।
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पार्षद बने तीन साल हो गए लेकिन इस नाले का निर्माण नहीं कराया जा सका, जबकि 30 से ज्यादा पत्र वह मेयर और नगर आयुक्त को दे चुके हैं। इस नाले में गिरकर दो बच्चों और एक किसान की मौत हो चुकी है। एक बच्चे का पता नहीं चल पाया। निगम के अधिकारी संवेदनहीन हैं।
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जैसे जनता मना रही, वैसे मनाया जन्मदिन
पार्षद ने कहा कि जैसे उनके क्षेत्र की जनता जलभराव, गंदगी, नाले के गंदे पानी के बीच अपने जन्मदिन, शादी समारोह कर रही है, उन्होंने भी वैसे ही अपना जन्मदिन नाले में उतरकर मनाया। जनता इसे झेल रही है तो वह एसी कमरे में कैसे रहें। वह मेयर हेमलता दिवाकर और नगर आयुक्त के साथ स्वास्थ्य अधिकारी संजीव वर्मा से कह चुके, पर निदान नहीं हो रहा। 15 साल पहले 2011 में नाले की सफाई हुई थी, उसके बाद कागज पर ही नाला साफ हुआ है।
35 साल से नगर निगम पर भाजपा काबिज
नगर निगम अधिकारियों के रुख से विरोधी दलों ही नहीं, बल्कि अब सत्ताधारी भाजपा के पार्षद भी नाराज हैं। 35 साल से आगरा नगर निगम पर भाजपा काबिज है। पहली बार सत्ताधारी पार्षद ने नाले में उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। क्षेत्रीय लोगों ने पार्षद के प्रदर्शन पर कहा कि नाला निर्माण और सफाई न हुई तो नगर निगम में घुसकर उग्र आंदोलन करेंगे। अफसरों को एसी में बैठने नहीं देंगे।