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बेसिक शिक्षा परिषद का कारनामा, कक्षा पांच में बांदा तो सात में तुलसीदास की जन्मभूमि कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Fri, 28 Sep 2018 11:52 AM IST
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प्राइमरी की किताबों में एक ही जानकारी अलग अलग
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग परिषद की किताबों में गलतियों की भरमार है। पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की गलत जन्मतिथि पढ़ाई जा रही थी। अब रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का जन्मस्थान भी दो जगहों पर बताया जा रहा है।
कक्षा पांच की किताब कलरव के पेज नंबर 80 पर पाठ संख्या 14 भक्ति-नीति माधुरी में तुलसीदास का जन्म 1532 में बांदा जिले के गांव राजापुर में होना दर्शाया गया है। मृत्यु 1632 में दिखाई गई।
वहीं कक्षा सात की हिंदी पाठ्य पुस्तक मंजरी में पेज नंबर 39 में उनकी रचना के नीचे जीवन परिचय भी दिया गया है। इसमें गोस्वामी तुलसीदास (1511- 1623) जन्मस्थान सोरों कासगंज लिखा है। एक ही जानकारी अलग अलग होने पर बच्चे भी भ्रमित हो रहे हैं।
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कक्षा पांच की किताब कलरव के पेज नंबर 80 पर पाठ संख्या 14 भक्ति-नीति माधुरी में तुलसीदास का जन्म 1532 में बांदा जिले के गांव राजापुर में होना दर्शाया गया है। मृत्यु 1632 में दिखाई गई।
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वहीं कक्षा सात की हिंदी पाठ्य पुस्तक मंजरी में पेज नंबर 39 में उनकी रचना के नीचे जीवन परिचय भी दिया गया है। इसमें गोस्वामी तुलसीदास (1511- 1623) जन्मस्थान सोरों कासगंज लिखा है। एक ही जानकारी अलग अलग होने पर बच्चे भी भ्रमित हो रहे हैं।
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परिषद को भेजेंगे रिपोर्ट
फिरोजाबाद के एक प्राथमिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका जया शर्मा ने बताया कि तुलसीदास के संबंध में अलग-अलग जानकारी अंकित है। ऐसे में बच्चों के सामने यह पाठ आता है तो बच्चे दोनों किताबें दिखाने लगते हैं। बच्चे खुद भ्रमित में हो जाते हैं कि आखिर किसे सही माना जाए।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी अरविंद पाठक ने कहा कि जन्मतिथि और मृत्यु का भी दोनों कक्षाओं के वर्ष में अंतर है। दोनों कक्षाओं की हिंदी की किताबों में तुलसीदास का अलग-अलग जन्मस्थान अंकित होने की जानकारी हुई है। उप्र पाठ्य पुस्तक अधिकारी को रिपोर्ट भेजेंगे।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी अरविंद पाठक ने कहा कि जन्मतिथि और मृत्यु का भी दोनों कक्षाओं के वर्ष में अंतर है। दोनों कक्षाओं की हिंदी की किताबों में तुलसीदास का अलग-अलग जन्मस्थान अंकित होने की जानकारी हुई है। उप्र पाठ्य पुस्तक अधिकारी को रिपोर्ट भेजेंगे।