'मुर्गी नहीं, सिर्फ उड़ने वाले पक्षियों से है बर्ड फ्लू का खतरा, मुर्गी पालक नहीं घबराएं'
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आगरा के जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहा है कि बर्ड फ्लू का खतरा मुर्गी से नहीं है, अभी सिर्फ उड़ने वाले पक्षियों से है। इसलिए मुर्गी पालक घबराएं नहीं, बायोसेफ्टी मानकों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने सतर्कता टीमों को निर्देश दिए हैं कि पक्षियों पर 24 घंटे नजर रखी जाए।
उन्होंने बताया कि पशु पालन और वन विभाग की टीमें पक्षियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। प्रशासन निगरानी की समीक्षा कर रहा है। सभी पोल्ट्री फार्म संचालकों को बायोसेफ्टी मानकों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। शनिवार को विस्तृत एडवायजरी जारी की जाएगी।
एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि जनपद में कहीं झुंड में पक्षियों की मौत का मामला सामने नहीं आया है। बाह के रेंजर आरके सिंह राठौड़ ने बताया कि हाई अलर्ट के बाद से चंबल सेंक्च्युरी में दो दिन के भीतर कोई भी बीमार या अस्वस्थ चिड़िया नहीं मिली है। ग्रामीणों को सूचना देने के लिए अलर्ट कर दिया गया है। विभागीय टीम भी नियमित रूप से पड़ताल कर रही है।
विभागों की बनेगी संयुक्त कमेटी
पुलिस, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, वन एवं पशु पालन विभाग की संयुक्त टीम बनाई जा रही है। जो बर्ड फ्लू केस पर काम करेंगी। इसका प्रस्ताव मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने जिलाधिकारी को भेजा है। शनिवार को संयुक्त कमेटी की बैठक प्रस्तावित है।
बाहर से माल लाने पर लगाई रोक
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वासुदेव तोमर ने बताया कि मीट विक्रेता राजस्थान, हिमाचल, दिल्ली, केरल आदि राज्यों से कोई माल नहीं खरीदेंगे। अंडा, चिकन व दाना आदि नहीं लिया जाएगा। प्रशासन ने शहर व देहात में पोल्ट्री फार्मों पर भी वायरोलोजिकल सर्विलांस शुरू कराई है।
ताजमहल व पर्यटन स्थलों पर निगरानी
ताजमहल, सिकंदरा समेत सभी पर्यटक स्थलों पर निगरानी बढ़ाई गई है। पशु चिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि जहां भी कोई सूचना मिलेगी, टीम सैंपलिंग व जांच के लिए जाएगी।
चंबल, कीठम में हाई अलर्ट
पशु चिकत्सिक डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि चंबल, कीठम समेत सभी झील, तालाब व सतही जल स्रोतों की दूरबीन से निगरानी कराई जा रही हैं। विदेशी पक्षी सितंबर-अक्तूबर में आए थे, फरवरी व मार्च में यह चले जाएंगे। यहां वन्य अधिकारी व चिकित्सकों की टीमें मृत पक्षियों की जांच करेंगी।
पालीवाल पार्क में बाज की मौत, 21 सैंपल भेजे भोपाल
पालीवाल पार्क में गुरुवार सुबह बाज मरा हुआ मिला। पशु पालन विभाग टीम ने बाज के सैंपल जांच के लिए भोपाल लैब भेजे हैं। अलग-अलग जगहों से पिछले 48 घंटे में 21 पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। बुधवार को लेडी लॉयल अस्पताल में एक कबूतर मरा मिला था। दोनों पक्षियों की मौत की वजह विभाग ने चोट लगने से बताई है।
बाह में ठंड से मरा कौआ
कस्बा बाह में गुरुवार की दोपहर मृत कौआ मिलने पर जांच कराई गई। इसमें पता चला कि मौत ठंड लगने से हुई है। वेटरनरी फार्मासिस्ट प्रवीण कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार की दोपहर बाह कस्बा में नीम के पेड़ के नीचे कौआ के मरा पड़ा होने की सूचना मिली थी। कौआ का पूरा शरीर अकड़ा हुआ था। पैर आदि सिकुडे़ थे। ये लक्षण ठंड से मौत के हैं।