बर्ड फ्लू: मुर्गी और चूजों को आगरा जिले से बाहर ले जाने पर रोक, लाने पर भी पाबंदी
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उत्तर प्रदेश के कानपुर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू का वायरस एन-5 एच-8 मिलने के बाद आगरा जिले में एहतियात और बढ़ा दिए गए हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी वीएस तोमर ने मुर्गी और चूजों को जिले से बाहर ले जाने और बाहर से लाने पर रोक लगा दी है। इसके लिए पुलिस को जिले की सीमाओं पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले से सटे राजस्थान में पॉल्ट्री उत्पादों के आवागमन पर पहले से रोक लगी है। हिमाचल प्रदेश और दिल्ली में भी ये कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। रविवार को आगरा में निगरानी शुरू की गई। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि आगरा में अभी किसी पक्षी में वायरस की पुष्टि नहीं हुई है। एहतियात के तौर पर ये कदम उठाए जा रहे हैं। अब तक 25 पक्षियों के सैंपल टेस्ट के लिए भोपाल लैब भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
चार दिन में आठ पक्षी मरे, बर्ड फ्लू नहीं मिला
पिछले चार दिनों में आगरा में आठ पक्षी मरने की सूचना मिली है। इनमें बाह में चार कौए मृत मिले। पशु चिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इनमें से किसी में बर्ड फ्लू नहीं मिला। आगे की जांच के लिए सैंपल भेजे हैं।
पक्षी मृत मिले तो सैंपल लिया जाएगा
आगरा में चंबल सेंक्चुरी, कीठम व जोधपुर झाल में दुनिया भर से पक्षी आए हुए हैं। पशुपालन विभाग ने जलीय क्षेत्रों और पोल्ट्री फार्मों पर सतर्कता बढ़ाई है। कहीं भी किसी पक्षी की मौत होने पर उसका सैंपल लिया जाएगा। 15 ब्लॉक में रैपिड रिस्पांस टीमें बनाई जा चुकी हैं।
बाह तहसील क्षेत्र के बिजौली गांव में रविवार की सुबह तीन कौए मृत मिले। इससे पहले शनिवार को प्रथमपुरा गांव में तीन कौए मरे थे। लगातार कौओं के मरने से लोग बर्ड फ्लू की आशंका से सहमे हैं। वहीं सूचना पाकर पहुंची वन विभाग की टीम ने छानबीन की। ठंड से कौओं के मरने की बात कही है।