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बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही, मेडिकल कॉलेज में संक्रमित कचरे के ढेर
Sun, 20 Sep 2020 02:28 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 20 Sep 2020 02:28 PM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक कार्यालय के सामने और मेडिकल स्टोर से सटी जगह पर बायो मेडिकल वेस्ट बिखरा रहा। शनिवार को इस ढेर में में सुई, ग्लव्स, पीपीई किट, मास्क, ब्लड किट पड़ी नजर आई।
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मेडिकल कॉलेज में संक्रमित कचरे के ढेर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इस्तेमाल की गई पीपीई किट, मास्क, सीरिंज, ब्लड किट और दस्ताने... कोरोना संक्रमण से बचाने वाले इन सामानों का कचरा एसएन मेडिकल कालेज में बिखरा हुआ है। खुले में पड़े संक्रमित कचरे का निपटारा न होने से मेडिकल कॉलेज से जुड़े लोगों के लिए संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। मेडिकल कॉलेज के 25 छात्र संक्रमित पाए गए हैं, लेकिन बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। वार्ड के रास्ते में सूखे और गीले कचरे के डस्टबिन के नजदीक ही संक्रमित कचरे का ढेर लगा दिया गया है।
प्रमुख अधीक्षण कार्यालय
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक कार्यालय के सामने और मेडिकल स्टोर से सटी जगह पर बायो मेडिकल वेस्ट बिखरा रहा। शनिवार को इस ढेर में में सुई, ग्लव्स, पीपीई किट, मास्क, ब्लड किट पड़ी नजर आई। यहां से पोस्टमार्टम हाउस और सर्जरी विभाग की इमारत के लिए रास्ता भी है। रोजाना 400 से 500 लोग गुजरते हैं।
अमरपुरा, बिचपुरी रोड
बोदला-बिचपुरी रोड पर अमरपुरा में बने नर्सिंग होम का संक्रमित कचरा निस्तारण के लिए देने की जगह सामने सड़क पार जलाया जा रहा है। नर्सिंग होम के कर्मचारी रात में संक्रमित कचरे को सड़क पार करके नाले के किनारे आग लगा रहे हैं, जिससे नर्सिंग होम और नाले के दूसरी ओर रहने वाले लोग परेशान हैं। यहां अधजला संक्रमित कचरा आवारा जानवर सड़क पर बिखेर देते हैं।
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प्रमुख अधीक्षण कार्यालय
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रमुख अधीक्षक कार्यालय के सामने और मेडिकल स्टोर से सटी जगह पर बायो मेडिकल वेस्ट बिखरा रहा। शनिवार को इस ढेर में में सुई, ग्लव्स, पीपीई किट, मास्क, ब्लड किट पड़ी नजर आई। यहां से पोस्टमार्टम हाउस और सर्जरी विभाग की इमारत के लिए रास्ता भी है। रोजाना 400 से 500 लोग गुजरते हैं।
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अमरपुरा, बिचपुरी रोड
बोदला-बिचपुरी रोड पर अमरपुरा में बने नर्सिंग होम का संक्रमित कचरा निस्तारण के लिए देने की जगह सामने सड़क पार जलाया जा रहा है। नर्सिंग होम के कर्मचारी रात में संक्रमित कचरे को सड़क पार करके नाले के किनारे आग लगा रहे हैं, जिससे नर्सिंग होम और नाले के दूसरी ओर रहने वाले लोग परेशान हैं। यहां अधजला संक्रमित कचरा आवारा जानवर सड़क पर बिखेर देते हैं।
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नाले में पड़ा बायोमेडिकल वेस्ट
- फोटो : अमर उजाला
वार्ड के डस्टबिन में डाला बायोमेडिकल वेस्ट
वार्डों में रखे डस्टबिन में बायोमेडिकल वेस्ट डाल दिया गया। संक्रमित सुई होने से एचआईवी, हेपेटाइटिस के अलावा पीपीई किट पर वायरस होने से कोरोना के संक्रमण की आशंका है। प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि हर विभाग और वार्ड में वेस्ट इकट्ठा करने के लिए डिब्बे रखवाए हैं, सामान्य कचरे में कौन बायोमेडिकल वेस्ट फेंक रहा है, इसका पता करता हूं।
ये भी पढ़ें- उम्मीदः ताजमहल खुलने से लगेंगे पेठा उद्योग को 'पंख', कोरोना महामारी के चलते ठप पड़ा है व्यापार
बायोमेडिकल वेस्ट इकट्ठा करने के नियमों का पालन नहीं: जितेंद्र शर्मा
बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण करने वाली कंपनी के मैनेजर जितेंद्र शर्मा ने बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट इकट्ठा करते वक्त नियमों का ध्यान नहीं रखा जाता। कांच, प्लास्टिक को बेच देते हैं। कांच, मास्क, पट्टी समेत अन्य बायोमेडिकल वेस्ट अलग-अलग डिब्बों में जमा किया जाता है, लेकिन अधिकांश जगह एक ही डिब्बों में इकट्ठा कर देते हैं। सभी अस्पतालों की बात करें तो रोजाना 1200 किलो बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण कर रहे हैं।
पीपीई किट, मास्क और कोरोना संक्रमण से बचाने वाले सामान के निस्तारण के लिए गाइड लाइन जारी की जा चुकी हैं। सभी नर्सिंग होम और अस्पतालों को इसका पालन करना होगा। हमने छह अस्पतालों को शिकायत मिलने के बाद नोटिस जारी किए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। - डॉ. विश्वनाथ शर्मा, पर्यावरण अधिकारी, यूपीपीसीबी
वार्डों में रखे डस्टबिन में बायोमेडिकल वेस्ट डाल दिया गया। संक्रमित सुई होने से एचआईवी, हेपेटाइटिस के अलावा पीपीई किट पर वायरस होने से कोरोना के संक्रमण की आशंका है। प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि हर विभाग और वार्ड में वेस्ट इकट्ठा करने के लिए डिब्बे रखवाए हैं, सामान्य कचरे में कौन बायोमेडिकल वेस्ट फेंक रहा है, इसका पता करता हूं।
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बायोमेडिकल वेस्ट इकट्ठा करने के नियमों का पालन नहीं: जितेंद्र शर्मा
बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण करने वाली कंपनी के मैनेजर जितेंद्र शर्मा ने बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों में बायोमेडिकल वेस्ट इकट्ठा करते वक्त नियमों का ध्यान नहीं रखा जाता। कांच, प्लास्टिक को बेच देते हैं। कांच, मास्क, पट्टी समेत अन्य बायोमेडिकल वेस्ट अलग-अलग डिब्बों में जमा किया जाता है, लेकिन अधिकांश जगह एक ही डिब्बों में इकट्ठा कर देते हैं। सभी अस्पतालों की बात करें तो रोजाना 1200 किलो बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण कर रहे हैं।
पीपीई किट, मास्क और कोरोना संक्रमण से बचाने वाले सामान के निस्तारण के लिए गाइड लाइन जारी की जा चुकी हैं। सभी नर्सिंग होम और अस्पतालों को इसका पालन करना होगा। हमने छह अस्पतालों को शिकायत मिलने के बाद नोटिस जारी किए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। - डॉ. विश्वनाथ शर्मा, पर्यावरण अधिकारी, यूपीपीसीबी