{"_id":"5e6299108ebc3ec7b5202f1e","slug":"bimar-teacher-kasganj-news-agr432843225","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतरजनपदीय के लिए कर दिया आवेदन, मेडिकल में खुली पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतरजनपदीय के लिए कर दिया आवेदन, मेडिकल में खुली पोल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कासगंज। जो शिक्षक बीमार ही नहीं थे उन्होंने भी अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन कर दिया, लेकिन जैसे ही मेडिकल चेकअप हुआ तो पोल खुल गई। अब आवेदक गुरुजी मानसिक तनाव में आ आ गए हैं।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन शिक्षकों ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए पिछले महीने आवेदन किया था। जिसकी काउंसलिंग फरवरी माह में शिक्षा विभाग ने कराई थी। इस काउंसलिंग में पाया कि कई शिक्षकों ने जो आवेदन किए उसमें अपने असाध्य रोगों से ग्रसित होने की जानकारी दी। इसके लिए उनका मेडिकल कराया जिसकी शुक्रवार को रिपोर्ट आई तो अधिकांश स्वस्थ निकले। चिकित्सकों की टीम ने अपनी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को सौंप दी है।
यह था शासनादेश
शासन ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए नियमावली लागू की थी। जिसमें असाध्य रोग जैसे कैंसर, किडनी रोग पीड़ित, दिव्यांग सहित 8 असाध्य रोगों का जिक्र किया था। इसके आधार पर शिक्षकों ने आवेदन किया था। जिनमें 58 शिक्षकों ने असाध्य रोगों से स्वयं को ग्रसित बताते हुए राहत मांगी थी।
विज्ञापन
परीक्षण करा लिया है। जानकारी कर रहे हैं कि कितने शिक्षक जो अंतरजनपदीय आवेदक थे और उन्होंने स्वयं को अस्वस्थ बताते हुए प्रमाण लगाए थे। उनकी क्या स्थिति है।
- अंजली अग्रवाल, बीएसए।
विज्ञापन
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन शिक्षकों ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए पिछले महीने आवेदन किया था। जिसकी काउंसलिंग फरवरी माह में शिक्षा विभाग ने कराई थी। इस काउंसलिंग में पाया कि कई शिक्षकों ने जो आवेदन किए उसमें अपने असाध्य रोगों से ग्रसित होने की जानकारी दी। इसके लिए उनका मेडिकल कराया जिसकी शुक्रवार को रिपोर्ट आई तो अधिकांश स्वस्थ निकले। चिकित्सकों की टीम ने अपनी रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को सौंप दी है।
विज्ञापन
यह था शासनादेश
शासन ने अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए नियमावली लागू की थी। जिसमें असाध्य रोग जैसे कैंसर, किडनी रोग पीड़ित, दिव्यांग सहित 8 असाध्य रोगों का जिक्र किया था। इसके आधार पर शिक्षकों ने आवेदन किया था। जिनमें 58 शिक्षकों ने असाध्य रोगों से स्वयं को ग्रसित बताते हुए राहत मांगी थी।
विज्ञापन
परीक्षण करा लिया है। जानकारी कर रहे हैं कि कितने शिक्षक जो अंतरजनपदीय आवेदक थे और उन्होंने स्वयं को अस्वस्थ बताते हुए प्रमाण लगाए थे। उनकी क्या स्थिति है।
- अंजली अग्रवाल, बीएसए।