{"_id":"d93bf700cf4ef6cdd76111e4eacde312","slug":"bihar-election-all-thing-will-done-according-to-us-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार में हम जो चाहेंगे, वो होगा : आडवाणी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार में हम जो चाहेंगे, वो होगा : आडवाणी
ब्यूरो, अमर उजाला अागरा
Updated Tue, 06 Oct 2015 02:08 AM IST
विज्ञापन
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपप्र्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने ब्रज क्षेत्र से बिहार की राजनीति पर निशाना साधा। विधानसभा चुनावों में वहां बनते-बिगड़ते राजनीतिक समीकरणों के बीच उन्होंने कहा है कि बिहार में हम जो चाहेंगे, वो होगा।
पूर्व एमएलएसी राजकुमार सामा की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी आत्मकथा के विमोचन के लिए सोमवार को यहां आए लालकृष्ण आडवाणी राजनीति से जुड़े सवालों से बचते नजर आए। हालांकि उन्होंने बिहार में अच्छे परिणामों की उम्मीद जरूर की। कहा, दो साल पहले कोई सोचता नहीं था कि देश की राजनीति में भाजपा अकेले अपने दम पर बहुमत हासिल करेगी। कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि इससे संतुष्ट होने की जरूरत नहीं है। आडवाणी ने संगठन को और मजबूत करने पर जोर देते हुए निष्ठावान कार्यकर्ता तैयार कर कमियों को दूर करने की सलाह दी। अपने आधा घंटे के भाषण के दौरान उन्होंने एक बार भी न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया और न ही केंद्र सरकार के लेखाजोखा पर रोशनी डाली। हालांकि इस दौरान वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के संगठनात्मक दृष्टिकोण और अपने जीवन में उनके योगदान का जिक्र करना नहीं भूले।
विज्ञापन
पूर्व एमएलएसी राजकुमार सामा की प्रथम पुण्यतिथि पर उनकी आत्मकथा के विमोचन के लिए सोमवार को यहां आए लालकृष्ण आडवाणी राजनीति से जुड़े सवालों से बचते नजर आए। हालांकि उन्होंने बिहार में अच्छे परिणामों की उम्मीद जरूर की। कहा, दो साल पहले कोई सोचता नहीं था कि देश की राजनीति में भाजपा अकेले अपने दम पर बहुमत हासिल करेगी। कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि इससे संतुष्ट होने की जरूरत नहीं है। आडवाणी ने संगठन को और मजबूत करने पर जोर देते हुए निष्ठावान कार्यकर्ता तैयार कर कमियों को दूर करने की सलाह दी। अपने आधा घंटे के भाषण के दौरान उन्होंने एक बार भी न तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया और न ही केंद्र सरकार के लेखाजोखा पर रोशनी डाली। हालांकि इस दौरान वह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के संगठनात्मक दृष्टिकोण और अपने जीवन में उनके योगदान का जिक्र करना नहीं भूले।
विज्ञापन