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UP: पासपोर्ट जब्त, वेतन रोका...कैमरून में फंसे आगरा के धीरज जैन के केस में बड़ा अपडेट, कंपनी ने दिया ये बयान

Wed, 26 Nov 2025 04:54 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: अरुन पाराशर Updated Wed, 26 Nov 2025 04:54 PM IST
सार

अफ्रीकी देश कैमरून में फंसे आगरा के धीरज जैन ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि उनका पासपोर्ट छीन लिया गया है। वह भारत नहीं लाैट पा रहे हैं। अब कंपनी की ओर से भी मामले में अपना पक्ष रखा गया है।

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Big update in case of Agra resident Dheeraj Jain stranded in Cameroon
मदद की गुहार लगाता परिवार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

अफ्रीकी देश कैमरून में फंसे धीरज जैन के मामले में कंपनी ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि कंपनी की रकम का गबन किया। इस कारण उन पर वहां पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। धीरज के वीडियो के जवाब में कंपनी ने वीडियो जारी कर कहा है कि कंपनी धीरज जैन के बयानों को खारिज करती है। वहीं कंपनी के एचआर ने फोन पर बातचीत में अमर उजाला को बताया कि उन्होंने (धीरज) कंपनी के साथ वित्तीय धोखाधड़ी की है। ग्राहकों से मिली रकम को कंपनी के खाते में जमा नहीं कराया। इसे हड़प लिया।
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कंपनी के मुताबिक यह धनराशि 78 हजार अमेरिकी डालर के रूप में है। इस रकम में और वृद्धि हो सकती हे। पत्नी और बच्चे को रोकने के आरोप निराधार हैं जबकि उनके वापस जाने के लिए कंपनी खर्च करने को तैयार है। वहीं कंपनी बिना किसी रुकावट के आवास, बिजली और पानी की व्यवस्था कर रही है। घर का किराया 31 दिसंबर 2025 तक रखा गया है। वह कंपनी के फ्लैट में ही रह रहे हैं। कंपनी के पास सभी साक्ष्य कानून-प्रवर्तन अधिकारियों को साैंप दिए हैं। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। सुनवाई तक के लिए धीरज को कैमरून में ही रोका गया है।
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कंपनी के लोग ही बेटे को फंसा रहे, बोल रहे हैं झूठ
इस मामले में धनपाल जैन ने कहा कि बेटे को कंपनी ने झूठा फंसा है। घटना एक साल पहले घटित हुई थी। अगर कंपनी सही बोल रही है तो यह बताए कि कंपनी की रकम को कैश वैन से क्यों नहीं मंगवाया जा रहा था। कोई गार्ड क्यों नहीं था। चालक ने पूर्व में बयान डकैती का दिया था। अगर कंपनी को किसी तरह का शक था तो बेटे को नाैकरी से क्यों नहीं निकाला गया। इस बीच वो भारत भी 2 महीने के लिए आया। जनवरी 2025 में चला गया।
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सितंबर में कंपनी ने आरोप लगा दिए। कंपनी के पास कोई साक्ष्य है तो पेश करे। पूर्व में बेटे का एग्रीमेंट भी फर्जी तरीके से कंपनी के लोगों ने ही बनाया है। इसकी जांच संबंधित एजेंसी से कराई जाए। क्यों कि अनुबंध पत्र पर बेटे ने हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं। इसके बावजूद कंपनी के ही कर्मचारियों ने बेटे को फंसाने के लिए साजिश की है। अगर वो दोषी है तो सजा मिले। अगर कोई और दोषी है तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए।




 
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