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प्रधान और सचिव ने किया आठ लाख का फर्जीवाड़ा
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मैनपुरी। मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा ने नौ जनवरी को करहल की ग्राम पंचायत उदनाडांडा में निरीक्षण किया था। इस दौरान ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की शिकायतें की गई थीं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारी करहल रामप्रसाद को जांच के आदेश दिए थे। ग्राम पंचायत में उन्होंने जांच की तो आठ लाख का फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। ये पूरा फर्जीवाड़ा इंटरलॉकिंग गली निर्माण के नाम पर किया गया था।
वर्ष 2019-20 में ग्राम निधि खाता प्रथम से चार स्थानों पर गली निर्माण के नाम पर कुल आठ लाख रुपये निकाला गया लेकिन गलियों का निर्माण नहीं कराया। जांच रिपोर्ट में कुल आठ लाख 167 रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया। इसके अलावा कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी की संस्तुति पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने प्रधान नेहा चौहान को पंचायती राज अधिनियम की धारा 95जी के तहत नोटिस जारी किया है। 15 दिन में साक्ष्य सहित जवाब न देने पर प्रधान के अधिकार सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं तत्कालीन सचिव रवि कुमार और विमलेश कुमार को भी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर साक्ष्य सहित सही जवाब न मिला तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ ही उनके वेतन से धनराशि की रिकवरी की जाएगी।
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14 आवासों के लिए वसूले 2.70 लाख रुपये
ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में भी जमकर वसूली का खेल चला। जांच के दौरान लाभार्थियों ने 14 आवासों में 2.70 लाख रुपये की अवैध वसूली करने की पुष्टि की। इसमें वर्ष 2016-17 के चार लाभार्थियों से बीस-बीस हजार, वर्ष 2017-18 के तीन लाभार्थियों से बीस-बीस हजार व एक लाभार्थी से 15 हजार, वर्ष 2018-19 में तीन लाभार्थियों से बीस-बीस हजार और वर्ष 2019-20 में दो लाभार्थियों से बीस-बीस हजार व एक लाभार्थी से 15 हजार की अवैध वसूली शामिल है।
शौचालयों में भी मिली अनियमितता
जांच में जब खंड विकास अधिकारी करहल ने शौचालयों का सत्यापन किया गया तो इसमें भी अनियमितताएं सामने आईं। एक लाभार्थी जहां गांव में नहीं मिला तो वहीं छह शौचालय अनारंभ, नौ शौचालय छत विहीन और 14 में शोकपिट व सीट नहीं लगाई गई है। इसमें 1.63 लाख रुपये की अनियमितता दिखाई गई है।
दस स्ट्रीट लाइटें भी हैं गायब
ग्राम पचांयत में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था के लिए ग्रामब निधि से 27 स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई गई थीं। लेकिन जांच के दौरान गांव में केवल 17 स्ट्रीट लाइटें ही लगी मिलीं। ऐसे में दस लाइटें कहां गई, इसका भी जवाब मांगा गया है।
मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए सौंप दी गई थी। प्रधान को 95जी का नोटिस जिलाधिकारी महोदय के आदेश पर जारी हुआ है, नोटिस प्राप्त भी करा दिया गया है।
रामप्रसाद, खंड विकास अधिकारी, करहल।
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वर्ष 2019-20 में ग्राम निधि खाता प्रथम से चार स्थानों पर गली निर्माण के नाम पर कुल आठ लाख रुपये निकाला गया लेकिन गलियों का निर्माण नहीं कराया। जांच रिपोर्ट में कुल आठ लाख 167 रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया। इसके अलावा कई अन्य अनियमितताएं भी सामने आईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य विकास अधिकारी की संस्तुति पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने प्रधान नेहा चौहान को पंचायती राज अधिनियम की धारा 95जी के तहत नोटिस जारी किया है। 15 दिन में साक्ष्य सहित जवाब न देने पर प्रधान के अधिकार सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं तत्कालीन सचिव रवि कुमार और विमलेश कुमार को भी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर साक्ष्य सहित सही जवाब न मिला तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ ही उनके वेतन से धनराशि की रिकवरी की जाएगी।
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14 आवासों के लिए वसूले 2.70 लाख रुपये
ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में भी जमकर वसूली का खेल चला। जांच के दौरान लाभार्थियों ने 14 आवासों में 2.70 लाख रुपये की अवैध वसूली करने की पुष्टि की। इसमें वर्ष 2016-17 के चार लाभार्थियों से बीस-बीस हजार, वर्ष 2017-18 के तीन लाभार्थियों से बीस-बीस हजार व एक लाभार्थी से 15 हजार, वर्ष 2018-19 में तीन लाभार्थियों से बीस-बीस हजार और वर्ष 2019-20 में दो लाभार्थियों से बीस-बीस हजार व एक लाभार्थी से 15 हजार की अवैध वसूली शामिल है।
शौचालयों में भी मिली अनियमितता
जांच में जब खंड विकास अधिकारी करहल ने शौचालयों का सत्यापन किया गया तो इसमें भी अनियमितताएं सामने आईं। एक लाभार्थी जहां गांव में नहीं मिला तो वहीं छह शौचालय अनारंभ, नौ शौचालय छत विहीन और 14 में शोकपिट व सीट नहीं लगाई गई है। इसमें 1.63 लाख रुपये की अनियमितता दिखाई गई है।
दस स्ट्रीट लाइटें भी हैं गायब
ग्राम पचांयत में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था के लिए ग्रामब निधि से 27 स्ट्रीट लाइटें भी लगवाई गई थीं। लेकिन जांच के दौरान गांव में केवल 17 स्ट्रीट लाइटें ही लगी मिलीं। ऐसे में दस लाइटें कहां गई, इसका भी जवाब मांगा गया है।
मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए सौंप दी गई थी। प्रधान को 95जी का नोटिस जिलाधिकारी महोदय के आदेश पर जारी हुआ है, नोटिस प्राप्त भी करा दिया गया है।
रामप्रसाद, खंड विकास अधिकारी, करहल।