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मथुरा: किसानों की महापंचायत में हुआ निर्णय, 'कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं' तिरंगे का अपमान नहीं करेगा किसान
Wed, 03 Feb 2021 11:54 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 03 Feb 2021 11:54 AM IST
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मथुरा महापंचायत में आए किसान नेता
- फोटो : अमर उजाला
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मथुरा के बलदेव कस्बा के अबैरनी चौराहे पर हुई भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) टिकैत की महापंचायत में किसानों की भीड़ उमड़ी। हर ओर किसानों का रेला नजर आ रहा था। पंचायत में निर्णय लिया गया कि हर घर से एक किसान, दिल्ली आंदोलन में भाग लेगा। हर ओर एक ही नारा 'लड़ेंगे-लड़ेंगे और जीतेंगे-जीतेंगे' सुनाई दे रहा था।
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भाकियू की युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. गौरव टिकैत ने कहा यह लड़ाई अब किसानों के मान, सम्मान और स्वाभिमान की है। इसके लिए सभी किसान केंद्र सरकार के खिलाफ एकजुट होकर आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हो जाएं। देश का किसान कभी भी तिरंगे का अपमान न सहेगा और न करेगा।
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विगत 26 जनवरी को यह पूरी साजिश के तहत किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए किया गया था। अब यह लड़ाई अंजाम तक जाकर रहेगी। किसानों को रोकने के लिए उसके चारों ओर लोहे के तारों की बैरीकेडिंग, सीमेंट, कंक्रीट की दीवार व सड़क में लोहे की कील लगा दी गई है। सरकार के ताबूत में कील लगाने का कार्य किसान करेंगे। किसानों से देश के दुश्मनों की तरह व्यवहार किया जा रहा है। जब तक किसान कानून वापस नहीं होते, तब तक घर वापसी नहीं होगी। किसानों ने हाथ उठा कर गौरव टिकैत का समर्थन किया।
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विगत 26 जनवरी को यह पूरी साजिश के तहत किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए किया गया था। अब यह लड़ाई अंजाम तक जाकर रहेगी। किसानों को रोकने के लिए उसके चारों ओर लोहे के तारों की बैरीकेडिंग, सीमेंट, कंक्रीट की दीवार व सड़क में लोहे की कील लगा दी गई है। सरकार के ताबूत में कील लगाने का कार्य किसान करेंगे। किसानों से देश के दुश्मनों की तरह व्यवहार किया जा रहा है। जब तक किसान कानून वापस नहीं होते, तब तक घर वापसी नहीं होगी। किसानों ने हाथ उठा कर गौरव टिकैत का समर्थन किया।
मथुरा में महापंचायत के लिए पहुंचे किसान
- फोटो : अमर उजाला
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश चौहान ने कहा लड़ेंगे-लड़ेंगे और जीतेंगे, जीतेंगे। यह लड़ाई हम सभी किसानों के हित व हक के लिए है। काले कृषि कानूनों से देश के किसानों की जमीन चली जाएगी। किसानों की आने वाली पीढ़ी उद्योगपतियों की मजदूर बन जाएगी। एकजुट होकर किसान हित में आवाज उठाएं। अंतिम सांस तक लड़ाई जारी रहेगी। किसान देश का कभी भी देश के तिरंगे का अपमान नहीं कर सकता है। दीप सिद्धू लाल किले तक कैसे पहुंच गया? वह पहले से ही वहां पर बैठाया गया था।
किसी ने भी कुछ नहीं कहा यह सब षड्यंत्र था। किसानों को बदनाम करने के लिए। किसानों पर दुश्मनों की तरह चारों ओर पहरा लगा दिया है, जैसे देश के किसान नहीं, देश के दुश्मन हों। बड़े दुख की बात है कि मथुरा जनपद के लोगों ने नाचने, गाने वाली, ठुमके लगाने वाली को सांसद बना दिया है। आज किसान की आवाज को उठाने वाला कोई नहीं है। जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर ने सभी किसानों से कहा पंचायत का फैसला है, हर घर से एक व्यक्ति हर दिन किसान आंदोलन में जाएगा और जाता रहेगा। जब तक यह लड़ाई अंतिम रूप नहीं ले लेगी, तब तक इसमें सभी किसान भाग लेंगे। सभी किसान तन मन धन से एकजुट होकर आंदोलन के लिए लड़ने-मरने के लिए आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।
महापंचायत में ये रहे मौजूद
रालोद जिलाध्यक्ष रामरसपाल पौंनिया, राजेंद्र सिंह सिकरवार, रामवीर सिंह भंरगर, राजपाल सिंह भंरगर, ठा. नरेंद्र सिंह, विवेक देशवार, यदुवीर सिसौदिया, सुरेश भगत, उदयवीर सरपंच, लेखराज सिंह पहलवान, जयपाल छौंकर प्रधान, नवाब सिंह, रतन चौधरी, धर्मेंद्र तोमर, गोपाल पांडेय, अवधेश रावत, अजय सिकरवार, खुशी तोमर, संदीप चौधरी, सूरज पहलवान, हरपाल प्रधान, भिक्की सिंह प्रधान, ओमवीर छौंकर प्रधान, जयवीर सिंह, मनोज शर्मा, गौरव मलिक, ताराचंद गोस्वामी, रन सिंह, मुकेश प्रधान, बाबू लाल, संतोष राणा, गजेंद्र सिंह परिहार व बुद्धा सिंह प्रधान।
किसी ने भी कुछ नहीं कहा यह सब षड्यंत्र था। किसानों को बदनाम करने के लिए। किसानों पर दुश्मनों की तरह चारों ओर पहरा लगा दिया है, जैसे देश के किसान नहीं, देश के दुश्मन हों। बड़े दुख की बात है कि मथुरा जनपद के लोगों ने नाचने, गाने वाली, ठुमके लगाने वाली को सांसद बना दिया है। आज किसान की आवाज को उठाने वाला कोई नहीं है। जिलाध्यक्ष राजकुमार तोमर ने सभी किसानों से कहा पंचायत का फैसला है, हर घर से एक व्यक्ति हर दिन किसान आंदोलन में जाएगा और जाता रहेगा। जब तक यह लड़ाई अंतिम रूप नहीं ले लेगी, तब तक इसमें सभी किसान भाग लेंगे। सभी किसान तन मन धन से एकजुट होकर आंदोलन के लिए लड़ने-मरने के लिए आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं।
महापंचायत में ये रहे मौजूद
रालोद जिलाध्यक्ष रामरसपाल पौंनिया, राजेंद्र सिंह सिकरवार, रामवीर सिंह भंरगर, राजपाल सिंह भंरगर, ठा. नरेंद्र सिंह, विवेक देशवार, यदुवीर सिसौदिया, सुरेश भगत, उदयवीर सरपंच, लेखराज सिंह पहलवान, जयपाल छौंकर प्रधान, नवाब सिंह, रतन चौधरी, धर्मेंद्र तोमर, गोपाल पांडेय, अवधेश रावत, अजय सिकरवार, खुशी तोमर, संदीप चौधरी, सूरज पहलवान, हरपाल प्रधान, भिक्की सिंह प्रधान, ओमवीर छौंकर प्रधान, जयवीर सिंह, मनोज शर्मा, गौरव मलिक, ताराचंद गोस्वामी, रन सिंह, मुकेश प्रधान, बाबू लाल, संतोष राणा, गजेंद्र सिंह परिहार व बुद्धा सिंह प्रधान।