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आजादी से पहले छह साल की उम्र में अंग्रेजों ने लिया था अटल जी का बयान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Updated Thu, 16 Aug 2018 02:22 PM IST
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अटल बिहारी वाजपेयी का पैतृक गांव बटेश्वर स्थित घर
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वतंत्र देश को नई दिशा देने में न सिर्फ अपना अमिट योगदान दिया बल्कि स्वतंत्रता से पहले भी 6 साल की उम्र में उनका नाम इतिहास में दर्ज हो चुका था। ये वाकया उनके पैतृक गांव से जुड़ा हुआ है। उनके गांव में अवज्ञा आंदोलन से जुड़ी याद आज भी ताजा है।
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अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म वर्ष 1924 में ग्वालियर था, पर उनका पैतृक गांव आगरा जिले के बटेश्वर में है। वे 6 साल की उम्र में अपने गांव आए हुए थे। इस दौरान सविनय अवज्ञा आंदोलन की हवा चारों ओर थी। आंदोलन के दौरान यहां जंगलाइट कोठी (अंग्रेजों के वन विभाग का कक्ष), मवेशी और डाकखानों को क्रांतिक्रारियों ने निशाना बनाया। यहां जमा सरकारी खजाने पर कब्जा किया, क्योंकि इन्हीं स्थानों से अंग्रेज राजस्व एकत्रित करते थे।
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जंगलाइट कोठी के रास्ते में अंग्रेज सैनिकों को अटल बिहारी वाजपेयी मिल गए। उनको थाना ले गए और लिखित बयान दर्ज किया गया। बयान दर्ज कराने के दौरान उनकी उम्र 6 साल ही लिखी गई। इसमें अटल ने एक काका का उल्लेख भी किया है। इस आधार पर पूरे गांव में कलेक्ट्रेटी फाइन लगाया गया। ये बयान उर्दू और फारसी दर्ज किया गया। इस मसले में लंबे अर्से तक पूछताछ और जांच चलती रही। उनकी नन्हीं उम्र के बयान पर कई बार राजनीति भी हुई।
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कोठी का रास्ता घर से गुजरता था
अटल को अंग्रेजों ने जंगलाइट कोठी के पास पकड़ा। दरअसल इस कोठी रास्ता उनके पैतृक घर से होकर जाता था। वे बकरियों के पीछे जा रहे थे। इसी बीच अंग्रेज सैनिकों ने नन्हें बालक को पकड़ लिया और तीनों स्थानों पर धमक देने वालों के नाम पूछने लगे। उनके मुंह से सिर्फ यही निकला कि पीछे से काका आ रहे थे।
रेल लाइन का किया था उद्घाटन
पत्रकार शंकर देव तिवारी बताते हैं अटल का अपने गांव से गहरा नाता था। वे 70 के दशक तक हमेशा आते-जाते रहे। फिर उनका कई कारणों से आना जाना कम हो गया। प्रधानमंत्री रहने के दौरान बटेश्वर से बाह रेलवे लाइन के उद्घाटन करने पहुंचे।