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Agra News: सावधान, संभल कर खेलें होली, त्वचा हुई प्रभावित तो नहीं मिलेगा इलाज
Sun, 24 Mar 2024 12:38 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sun, 24 Mar 2024 12:38 AM IST
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कासगंज। सावधान, होली संभल कर खेलें। यदि केमिकल युक्त रंगाें से त्वचा प्रभावित हुई तो जिले में उपचार नहीं मिलेगा। क्योंकि जिले में त्वचा रोग विशेषज्ञों की कमी है। आम दिनों में तो त्वचा रोगियों को उपचार नहीं मिल पाता। ऐसे में होली पर रंगों से खराब होने वाली त्वचा का इलाज तो दूर की बात है। जिला अस्पताल पर आज तक त्वचा रोग विशेषज्ञ की तैनाती आज तक नहीं की जा सकी।
जिले को गठित हुए डेढ़ दशक का समय बीत चुका है, फिर भी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर नहीं हो सकी है। जिला अस्पताल पर त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को काफी समस्या होती है। ध्यान रहे होली में अक्सर लोग केमिकल युक्त रंगों का प्रयोग करते हैं, ये रंग त्वचा को प्रभावित करते है। यही कारण है कि होली पर्व के बाद त्वचा रोगियों की संख्या में और इजाफा होता है। इसके अलावा गर्मी बढ़ने पर भी त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। त्वचा रोग कई प्रकार के होते हैं, ऐसे में हर रोग के लिए अलग-अलग दवाओं का प्रयोग किया जाता है। जबकि जिला अस्पताल पर सामान्य दवाएं ही मौजूद हैं, जिन्हे मरीजों को देकर काम चलाया जाता है।
निजी क्षेत्र में भी नहीं है चिकित्सक
जिले में निजी क्षेत्र में त्वचा संबंधी कोई चिकित्सक नहीं है। जिससे मरीजों को काफी दिक्कतें होती है। त्वचा संबंधी कई रोग ऐसे होते हैं जो विशेषज्ञ चिकित्सक के इलाज से ठीक हो सकते हैं। ऐसे में मरीजों का आगरा, अलीगढ़ जैसे जनपदों में जाकर इलाज करना पड़ता है।
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ये त्वचा संबंधी रोग
दाद, खाज, खुजली, सोरायसिस, सफेद दाग , छाले, खसरा, फोड़े, फुंसी, एक्जिमा, त्वचा शोथ, डेरियर, मस्से, चकत्ते, मुंहासे, रोजेशिया, घमोरी
त्वचा रोगी ये बरतें सावधानी
-प्रतिदिन ताजे पानी से स्नान करें
-मीठा और मसालेदार भोजन का परहेज करें
-ढीले कपड़े पहनें, कपड़े प्रतिदिन बदलें
-चर्मरोग पीड़ित से दूरी बनाकर रखें
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जिले को गठित हुए डेढ़ दशक का समय बीत चुका है, फिर भी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर नहीं हो सकी है। जिला अस्पताल पर त्वचा रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को काफी समस्या होती है। ध्यान रहे होली में अक्सर लोग केमिकल युक्त रंगों का प्रयोग करते हैं, ये रंग त्वचा को प्रभावित करते है। यही कारण है कि होली पर्व के बाद त्वचा रोगियों की संख्या में और इजाफा होता है। इसके अलावा गर्मी बढ़ने पर भी त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ जाती हैं। त्वचा रोग कई प्रकार के होते हैं, ऐसे में हर रोग के लिए अलग-अलग दवाओं का प्रयोग किया जाता है। जबकि जिला अस्पताल पर सामान्य दवाएं ही मौजूद हैं, जिन्हे मरीजों को देकर काम चलाया जाता है।
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निजी क्षेत्र में भी नहीं है चिकित्सक
जिले में निजी क्षेत्र में त्वचा संबंधी कोई चिकित्सक नहीं है। जिससे मरीजों को काफी दिक्कतें होती है। त्वचा संबंधी कई रोग ऐसे होते हैं जो विशेषज्ञ चिकित्सक के इलाज से ठीक हो सकते हैं। ऐसे में मरीजों का आगरा, अलीगढ़ जैसे जनपदों में जाकर इलाज करना पड़ता है।
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ये त्वचा संबंधी रोग
दाद, खाज, खुजली, सोरायसिस, सफेद दाग , छाले, खसरा, फोड़े, फुंसी, एक्जिमा, त्वचा शोथ, डेरियर, मस्से, चकत्ते, मुंहासे, रोजेशिया, घमोरी
त्वचा रोगी ये बरतें सावधानी
-प्रतिदिन ताजे पानी से स्नान करें
-मीठा और मसालेदार भोजन का परहेज करें
-ढीले कपड़े पहनें, कपड़े प्रतिदिन बदलें
-चर्मरोग पीड़ित से दूरी बनाकर रखें