फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Be careful Do not become a victim of fraud after hearing your son's cry this is new method of fraudsters

सावधान: बेटे के रोने की आवाज सुनकर ठगी का शिकार न हो जाना, ठगों का ये है नया तरीका

Tue, 06 Feb 2024 01:31 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 06 Feb 2024 01:31 PM IST
सार

ठगी करने वाले लोगों को जाल में फंसाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसा ही एक पैंतरे से अब लोगों को ठगी के जाल में फंसाया जा रहा है। इन ठगों से बचने के लिए पुलिस लोगों को जागरूक भी कर रही है। 
 

विज्ञापन
Be careful Do not become a victim of fraud after hearing your son's cry this is new method of fraudsters
फ्रॉड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आपका बेटा हमारे कब्जे में है। सलामती चाहते हो तो रुपयों का इंतजाम कर लो। विश्वास नहीं है तो आवाज भी सुन लो... व्हाट्सएप पर आई इस तरह का कॉल आपकी धड़कन बढ़ा सकती है। मगर, यह कॉल इन दिनों साइबर ठग कर रहे हैं।
विज्ञापन


आगरा जोन में दो लोगों को बेटों के अपहरण का भय दिखाकर खातों में रकम जमा करा ली गई। ये मामले पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस लोगों से यही कह रही है कि इस तरह के कॉल आने पर घबराएं नहीं। रुपये जमा करने से पहले सोच ले। पुलिस की सहायता लें।
विज्ञापन


केस : 1
सिकंदरा के ऋषि पुरम निवासी उमेश के साथ धोखाधड़ी की गई थी। वह आयकर विभाग में कार्यरत हैं। बेटा मुरादनगर में पढ़ता है। उमेश के पास कॉल आया था। कॉल करने वाले ने दरोगा बताते कहा था कि बेटा चार दोस्तों के साथ एक लड़की के अपहरण के मामले में फंस गया है। आवाज सुनाकर फोन काट दिया था। इसके बाद खाते में 1.20 लाख रुपये जमा करा लिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस : 2
कासगंज के गांधी नगर निवासी नगर संघ चालक राकेश पाराशर के साथ 18 लाख की ठगी की गई थी। बेटा दिल्ली में पढ़ाई कर रहा है। उन्हें व्हाट्सएप काल किया गया। बेटे के रोने की आवाज आई। पापा मुझे बचा लो सुनाई दिया। इसके बाद उनसे रकम की मांग की गई। उनसे 6 बार में 18 लाख रुपये खाते में जमा करा लिए गए। बाद में उन्हें धोखाधड़ी का पता चला।


पहले पता करें, पुलिस की सहायता लें
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि साइबर ठग रोजाना नए नए तरीके अपना कर ठगी का शिकार बना रहे हैं। डाटा चोरी करके लोगों को कॉल करते हैं। इसलिए अनजान नंबर से आने वाले कॉल रिसीव करने से बचें। व्हाट्सएप पर कॉल कर कोई परिजन के अपहरण की बात करता है तो विश्वास नहीं करना चाहिए। पुलिस को जानकारी देनी चाहिए। पहले यह पता कर लें कि जिसके अपहरण की बात कही जा रही है, वो कहां है। उन्हें कॉल करके बात कर लें। अगर, कॉल नहीं लग रहा है तो कुछ देर इंतजार भी कर सकते हैं। इस तरह के मामलों में साइबर सेल जांच करती है। नंबर से आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed