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Agra News: बटुकनाथ मंदिर उपासना का है प्रमुख केंद्र
Mon, 31 Mar 2025 11:03 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Mon, 31 Mar 2025 11:03 PM IST
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सोरोंजी सिद्ध पीठ बटुकनाथ स्थित मां काली की प्रतिमा।
सोरोंजी। तीर्थं नगरी का प्राचीन सिद्धपीठ बटुकनाथ मंदिर को काली कलकत्ते वाली की उपपीठ जयापीठ के नाम से भी जाना जाता है। यहां स्थित मां जया काली की प्राचीन प्रतिमा के दर्शन-पूजन से मनोकामना पूर्ण होती है। मान्यता है कि कलकत्ता में काली देवी की जात के लिए ना जा पाने वाले लोग अगर जयापीठ की जात कर लें तो उनकी जात पूरी मानी जाती है, आदि शंकराचार्य भी इस पीठ की जात करने आये थे, उनके द्वारा यहां स्थापित श्रीयंत्र मौजूद है, तांत्रिक इस श्रीयंत्र के सम्मुख अनुष्ठान कर तांत्रिक सिद्धियां हासिल करते हैं, नवरात्र के दिनों में यहां भव्य मेला आयोजित होता है, बड़ी संख्या में लोग बच्चों के मुंडन संस्कार कराने पहुंचते हैं। मंदिर प्रांगण में ही विशाल गृद्ध वट वृक्ष है। प्राचीन काल में भागीरथी गंगा इसी वट वृक्ष को छूकर बहती थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे संरक्षित धरोहरों की सूची में रख रखा है।
यहां स्थित है मंदिर:
मंदिर सोरोंजी से लहरा घाट जाने वाले मार्ग पर प्राचीन सीताराम मंदिर के सामने स्थित है। यह मंदिर कान्हा गोशाला व नुमाइश ग्राउंड के समीप है। बस स्टैंड से मंदिर लगभग डेढ़ किमी. तथा रेलवे स्टेशन से दो किमी. दूर है। मंदिर के लिए तीर्थनगरी के लोग सब्जी मंडी चौराहे, बड़ा बाजार, मोहल्ला मढ़ई, योग मार्ग आदि मार्गों से होकर जाते हैं। मंदिर जाने के लिए तीर्थनगरी के हर कोने से ई-रिक्शा हर समय तैयार मिलते हैं।
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यहां स्थित है मंदिर:
मंदिर सोरोंजी से लहरा घाट जाने वाले मार्ग पर प्राचीन सीताराम मंदिर के सामने स्थित है। यह मंदिर कान्हा गोशाला व नुमाइश ग्राउंड के समीप है। बस स्टैंड से मंदिर लगभग डेढ़ किमी. तथा रेलवे स्टेशन से दो किमी. दूर है। मंदिर के लिए तीर्थनगरी के लोग सब्जी मंडी चौराहे, बड़ा बाजार, मोहल्ला मढ़ई, योग मार्ग आदि मार्गों से होकर जाते हैं। मंदिर जाने के लिए तीर्थनगरी के हर कोने से ई-रिक्शा हर समय तैयार मिलते हैं।
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