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बेसिक शिक्षा: 9.60 लाख रुपये का गोलमाल
अमर उजाला आगरा
Updated Sat, 02 Jul 2016 02:04 AM IST
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रुपये
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तीन साल पहले जारी हुए रुपये, अभी तक स्कूल को प्राप्त नहीं हुए
शमसाबाद ब्लाक के 33 स्कूलों को दिया गया था टीएलई का बजट
हितेश सिंह
शैक्षणिक सत्र 2012-13 से शमसाबाद ब्लाक में संचालित 33 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। विद्यालयों को शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलई) के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर से 9.60 लाख रुपये जारी किए गए थे। तीन वर्षों में रुपये विद्यालयों के खाते में नहीं पहुंचे। कोई बताने वाला नहीं है कि रुपये कहां हैं।
नए विद्यालयों के लिए शासन स्तर से शिक्षण अधिगम सामग्री के लिए अलग से बजट दिया जाता है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों को 20 हजार और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 50 हजार रुपये मिलते हैं। शैक्षणिक सत्र में शमसाबाद ब्लाक के 33 स्कूलों के लिए बजट जारी किया गया। 10 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 50-50 हजार और 23 विद्यालयों को 20-20 हजार रुपये दिए गए। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय से बैंक के माध्यम से रुपये संबंधित विद्यालयों के खाते में भेजे जाने थे। चार-माह में स्कूलों ने विभाग में शिकायत दर्ज करानी शुरू की, उन्हें रुपये नहीं मिले। दो वर्ष से संबंधित ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी सहायक लेखाधिकारी को पत्र लिख रहे हैं। मामले में कोई जवाब तक नहीं दिया जा रहा है।
मामला मेरी तैनाती के पहले का है। खंड शिक्षा अधिकारी का पत्र प्राप्त होने के बाद एकाउंटेंट से जानकारी मांगी गई, उसने अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दी। इसकी जांच की जाएगी।
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- बीएस राठौर, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी
बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से बजट जारी किया गया है। स्कूलों से लगातार शिकायत मिल रही है कि रुपये खाते में नहीं पहुंचे। तीन बार इस संबंध में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को पत्र लिखा जा चुका है।
- आलोक श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी, शमसाबाद
मामला गंभीर है, इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
- धर्मेंद्र कुमार सक्सेना, बेसिक शिक्षा अधिकारी
टीएलई में ये चीजें खरीदी जा सकती हैं
टीएलई के अंतर्गत विद्यालय स्कूल के लिए खेलकूद का सामान, फर्नीचर, आलमारी, चाक, डस्टर, रजिस्टर, ब्लैक बोर्ड, पानी की बाल्टी आदि जरूरी चीजें आवश्यकतानुसार खरीद सकते हैं। शमसाबाद क्षेत्र के स्कूल ये सारी चीजें खरीदने के लिए बजट का इंतजार कर रहे हैं।
रुपये लौटने की संभावना भी कम
आमतौर पर स्कूल (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) के खाता संख्या गलत होने पर रुपये लौट जाते हैं। ऐसा होने की संभावना भी कम है। एक तो सभी 33 स्कूलों का खाता गलत नहीं हो सकता। दूसरे सभी स्कूलों के खाते में ही विद्यालय विकास अनुदान, यूनिफार्म, वार्षिक परीक्षा आदि का पैसा पहुंच रहा है।
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शमसाबाद ब्लाक के 33 स्कूलों को दिया गया था टीएलई का बजट
हितेश सिंह
शैक्षणिक सत्र 2012-13 से शमसाबाद ब्लाक में संचालित 33 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। विद्यालयों को शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलई) के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी स्तर से 9.60 लाख रुपये जारी किए गए थे। तीन वर्षों में रुपये विद्यालयों के खाते में नहीं पहुंचे। कोई बताने वाला नहीं है कि रुपये कहां हैं।
नए विद्यालयों के लिए शासन स्तर से शिक्षण अधिगम सामग्री के लिए अलग से बजट दिया जाता है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों को 20 हजार और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 50 हजार रुपये मिलते हैं। शैक्षणिक सत्र में शमसाबाद ब्लाक के 33 स्कूलों के लिए बजट जारी किया गया। 10 उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 50-50 हजार और 23 विद्यालयों को 20-20 हजार रुपये दिए गए। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय से बैंक के माध्यम से रुपये संबंधित विद्यालयों के खाते में भेजे जाने थे। चार-माह में स्कूलों ने विभाग में शिकायत दर्ज करानी शुरू की, उन्हें रुपये नहीं मिले। दो वर्ष से संबंधित ब्लाक के खंड शिक्षा अधिकारी सहायक लेखाधिकारी को पत्र लिख रहे हैं। मामले में कोई जवाब तक नहीं दिया जा रहा है।
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मामला मेरी तैनाती के पहले का है। खंड शिक्षा अधिकारी का पत्र प्राप्त होने के बाद एकाउंटेंट से जानकारी मांगी गई, उसने अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दी। इसकी जांच की जाएगी।
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- बीएस राठौर, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी
बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से बजट जारी किया गया है। स्कूलों से लगातार शिकायत मिल रही है कि रुपये खाते में नहीं पहुंचे। तीन बार इस संबंध में सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी को पत्र लिखा जा चुका है।
- आलोक श्रीवास्तव, खंड शिक्षा अधिकारी, शमसाबाद
मामला गंभीर है, इसकी जांच कराई जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
- धर्मेंद्र कुमार सक्सेना, बेसिक शिक्षा अधिकारी
टीएलई में ये चीजें खरीदी जा सकती हैं
टीएलई के अंतर्गत विद्यालय स्कूल के लिए खेलकूद का सामान, फर्नीचर, आलमारी, चाक, डस्टर, रजिस्टर, ब्लैक बोर्ड, पानी की बाल्टी आदि जरूरी चीजें आवश्यकतानुसार खरीद सकते हैं। शमसाबाद क्षेत्र के स्कूल ये सारी चीजें खरीदने के लिए बजट का इंतजार कर रहे हैं।
रुपये लौटने की संभावना भी कम
आमतौर पर स्कूल (स्कूल मैनेजमेंट कमेटी) के खाता संख्या गलत होने पर रुपये लौट जाते हैं। ऐसा होने की संभावना भी कम है। एक तो सभी 33 स्कूलों का खाता गलत नहीं हो सकता। दूसरे सभी स्कूलों के खाते में ही विद्यालय विकास अनुदान, यूनिफार्म, वार्षिक परीक्षा आदि का पैसा पहुंच रहा है।