फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Barsana Radharani Temple Case in High Court

मथुरा: हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे विश्व प्रसिद्ध राधारानी मंदिर के सेवायत, सेवा को लेकर है विवाद

Mon, 09 May 2022 07:12 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 09 May 2022 07:12 PM IST
सार

बरसाना के विश्व प्रसिद्ध राधारानी मंदिर में सेवा को लेकर सेवायतों के बीच विवाद चल रहा है। अब यह मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। 

विज्ञापन
Barsana Radharani Temple Case in High Court
राधारानी मंदिर बरसाना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरसाना के विश्व प्रसिद्ध राधारानी मंदिर में सेवा के हक का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोनों पक्ष अपने-अपने अधिकार को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट की शरण में जा पहुंचे। 
विज्ञापन

राधारानी मंदिर में अक्षयराम थोक की छह माह की सेवा का कोई नया मामला नहीं है। बता दें कि मंदिर में सेवा के हक के लिए माया देवी और रासबिहारी गोस्वामी आमने-सामने आ गए हैं। 
विज्ञापन


रविवार को पुलिस प्रशासन के सामने सेवायतों में सेवा को लेकर धक्का-मुक्की तक हो चुकी है। एसडीएम गोवर्धन ने सिविल जज जूनियर डिविजन छाता के आदेश का हवाले का देते हुए सेवा का चार्ज दिलाने का निर्देश तहसीलदार गोवर्धन को दिया था। सेवा दिलाने गए तहसीलदार गोवर्धन व पुलिस को विरोध के चलते बैरंग ही लौटना पड़ा। सेवायतों ने मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

सोमवार को रासबिहारी ने की सेवा

रविवार को हुए इस विवाद के बाद माया देवी और रासबिहारी दोनों पक्षों ने हाईकोर्ट की शरण ली है। हालांकि सोमवार को राधारानी मंदिर में रासबिहारी गोस्वामी द्वारा ही बिना किसी बाधा के सेवा की गई। इस दौरान माया देवी के वकील गोकुलेश कटारा ने बताया कि डीएम, एसएसपी व थानाध्यक्ष के खिलाफ अवमानना के नोटिस जारी कराए जा रहे हैं। दूसरे पक्ष के सेवायत रासबिहारी गोस्वामी ने बताया कि माया देवी को कोर्ट ने हरवंश की पत्नी ही नहीं माना है। उन्होंने दूसरे पक्ष के एक पक्षीय आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।  

यह है विवाद

अक्षयराम थोक के हरवंश गोस्वामी की दो पत्नियां गुलाब देवी व माया देवी थीं। माया देवी और हरवंश गोस्वामी के बीच कोर्ट में हक को लेकर मुकदमा चला। इसमें कोर्ट ने माया देवी को उनकी पत्नी नहीं माना। सन् 1999 में हरवंश गोस्वामी की मृत्यु हो जाने के बाद माया देवी व गुलाब देवी में सेवा को लेकर विवाद चलता रहा। गुलाब देवी की मौत हो जाने के बाद माया देवी व थोक के अन्य हिस्सेदारों में वाद-विवाद होने लगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed