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Mathura: वीआईपी न कोई आयोजन, फिर भी एक घंटे तक बंद रहे बांकेबिहारी मंदिर के गेट
Mon, 25 Jul 2022 03:18 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 25 Jul 2022 03:18 PM IST
सार
रविवार को एकादशी होने के कारण मंदिर में बेतहाशा भीड़ थी। तभी मंदिर के सेवाधिकारी ने मंदिर के सभी गेटों को अंदर से बंद करवा दिया। जो लोग अंदर थे वह अंदर रह गए और जो बाहर थे वह बाहर।
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वृंदावन का बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मथुरा वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के सभी गेट लगभग एक घंटे तक बंद रहे। इससे दर्शन के लिए आए हजारों श्रद्धालु परेशान रहे। साथ ही सेवायत, भंडारी और सुरक्षाकर्मी भी मंदिर के बाहर रहे। इस मामले को लेकर कुछ सेवायतों ने मंदिर प्रशासक से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
बांकेबिहारी मंदिर में रविवार को एकादशी होने के कारण मंदिर में बेतहाशा भीड़ थी। तभी मंदिर के सेवाधिकारी ने मंदिर के सभी गेटों को अंदर से बंद करवा दिया। जो लोग अंदर थे वह अंदर रह गए और जो बाहर थे वह बाहर।
रविवार शाम लगभग 4:30 बजे मंदिर के गेट अंदर से बंद कर दिए गए, जो लगभग 5:30 बजे के आसपास खोले गए। इस दौरान मंदिर के सभी गेटों पर भक्तों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के पट खुलने का समय भले ही लगभग 5:30 बजे का है, लेकिन मंदिर के गेट 4.30 बजे खोल दिए जाते हैं। परंतु रविवार को मंदिर के सेवाधिकारी ने सभी गेटों के अंदर से ताले लगा दिए गए।
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मंदिर के बाहर जमा भीड़ ने जब शोर मचाया और विरोध करते हुए वहां मौजूद कर्मचारियों पर कड़ाई की गई, उसके बाद गेट खोले गए। इस दौरान मंदिर के निजी सुरक्षाकर्मियों ने कई श्रद्धालुओं के साथ हाथापाई और मारपीट भी कर डाली। उधर, मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा का कहना है कि जिसकी सेवा थी, वह ताला लगाकर चले गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई है।
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बांकेबिहारी मंदिर में रविवार को एकादशी होने के कारण मंदिर में बेतहाशा भीड़ थी। तभी मंदिर के सेवाधिकारी ने मंदिर के सभी गेटों को अंदर से बंद करवा दिया। जो लोग अंदर थे वह अंदर रह गए और जो बाहर थे वह बाहर।
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रविवार शाम लगभग 4:30 बजे मंदिर के गेट अंदर से बंद कर दिए गए, जो लगभग 5:30 बजे के आसपास खोले गए। इस दौरान मंदिर के सभी गेटों पर भक्तों की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के पट खुलने का समय भले ही लगभग 5:30 बजे का है, लेकिन मंदिर के गेट 4.30 बजे खोल दिए जाते हैं। परंतु रविवार को मंदिर के सेवाधिकारी ने सभी गेटों के अंदर से ताले लगा दिए गए।
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मंदिर के बाहर जमा भीड़ ने जब शोर मचाया और विरोध करते हुए वहां मौजूद कर्मचारियों पर कड़ाई की गई, उसके बाद गेट खोले गए। इस दौरान मंदिर के निजी सुरक्षाकर्मियों ने कई श्रद्धालुओं के साथ हाथापाई और मारपीट भी कर डाली। उधर, मंदिर प्रबंधक मुनीष शर्मा का कहना है कि जिसकी सेवा थी, वह ताला लगाकर चले गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई है।