{"_id":"92def348546bb0508e780d406925b166","slug":"babulal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाबूलाल के गढ़ में कठेरिया की हुंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाबूलाल के गढ़ में कठेरिया की हुंकार
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sun, 13 Sep 2015 01:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा में महापंचायत को लेकर छिड़ी ‘महाभारत’ का कुरुक्षेत्र बने सती मंदिर प्रांगण (शमसाबाद) में पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों से पर्दा उठ गया। भाजपा ने अपनी ही पार्टी के सांसद चौधरी बाबूलाल के न चाहते हुए भी उनके संसदीय क्षेत्र में ही महापंचायत कर डाली। इतना ही नहीं, इस महापंचायत का सेहरा भी उसी व्यक्ति के सिर पर बांधा, जिस पर बाबूलाल ने 12 घंटे पहले ही महापंचायत की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेकने का आरोप लगाया था।
शनिवार को शमसाबाद से 10 किमी दूर धिमश्री के पास सती मंदिर के प्रांगण में भारतीय जनता पार्टी ने महापंचायत की। इसका मकसद कस्बे में हुए उपद्रव के दौरान पकड़े गए निर्दोष लोगों को छोड़ने की मांग और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील करना था। मगर, क्षेत्रीय सांसद चौधरी बाबूलाल और उनके समर्थक नहीं पहुंचे। वह यह महापंचायत नहीं चाहते थे। एक दिन पूर्व उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया पर निशाना साधते हुए, इस महापंचायत से क्षेत्र का माहौल खराब होने की आशंका जताई थी। इसके बावजूद महापंचायत हुई और कठेरिया कोे मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री ने भी कूटनीति का परिचय देते हुए, चौधरी बाबूलाल के आरोपों का जवाब देने के बजाय प्रदेश की सपा सरकार और स्थानीय पुलिस-प्रशासान के खिलाफ हुंकार भरी। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। कहा कि अन्याय के खिलाफ समाज में यदि जागरूकता नहीं आई तो यह डायनासोर की तरह समाप्त हो जाएगा। पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने कहा कि शमसाबाद प्रकरण के दोषी को भी उतनी ही सजा मिले, जिसका वह हकदार है। बेवजह किसी को परेशान न किया जाए। चौधरी उदयभान सिंह ने क्षेत्र में सभी समुदायों से शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील करते हुए निर्दोषों को शीघ्र रिहा करने की मांग की। महापंचायत की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अशोक राना ने की। इस दौरान डा. जीएस धर्मेश, अनिल चौधरी, रामकुमार शर्मा, कमल वाल्मीकि, राणा प्रताप सिकरवार, धर्मवीर प्रजापति, कौशलेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद थे।
इनसेट
तीन मांगें
महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए अशोक राना ने पुलिस-प्रशासन के सामने तीन मांगें रखीं। पहली मांग, गिरफ्तार किए गए लोगों को बिना किसी शर्त के छोड़ा जाए। दूसरी मांग, दोषियों पर भी कार्रवाई हो। तीसरी मांग थी कि अब किसी और के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए।
विज्ञापन
इनसेट
बाबूलाल मुर्दाबाद के लगे नारे
महापंचायत के दौरान अंतिम वक्ता के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री डा. कठेरिया भाषण खत्म करके मंच से नीचे उतरे ही थे कि अचानक माइक से बाबूलाल मुर्दाबाद के नारे गूंजने लगे। हालांकि मंच पर मौजूद दूसरे वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस पर एक्शन लिया और नारेबाजी बंद कराई।
विज्ञापन
शनिवार को शमसाबाद से 10 किमी दूर धिमश्री के पास सती मंदिर के प्रांगण में भारतीय जनता पार्टी ने महापंचायत की। इसका मकसद कस्बे में हुए उपद्रव के दौरान पकड़े गए निर्दोष लोगों को छोड़ने की मांग और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील करना था। मगर, क्षेत्रीय सांसद चौधरी बाबूलाल और उनके समर्थक नहीं पहुंचे। वह यह महापंचायत नहीं चाहते थे। एक दिन पूर्व उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया पर निशाना साधते हुए, इस महापंचायत से क्षेत्र का माहौल खराब होने की आशंका जताई थी। इसके बावजूद महापंचायत हुई और कठेरिया कोे मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री ने भी कूटनीति का परिचय देते हुए, चौधरी बाबूलाल के आरोपों का जवाब देने के बजाय प्रदेश की सपा सरकार और स्थानीय पुलिस-प्रशासान के खिलाफ हुंकार भरी। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। कहा कि अन्याय के खिलाफ समाज में यदि जागरूकता नहीं आई तो यह डायनासोर की तरह समाप्त हो जाएगा। पूर्व महानगर अध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने कहा कि शमसाबाद प्रकरण के दोषी को भी उतनी ही सजा मिले, जिसका वह हकदार है। बेवजह किसी को परेशान न किया जाए। चौधरी उदयभान सिंह ने क्षेत्र में सभी समुदायों से शांति व्यवस्था कायम रखने की अपील करते हुए निर्दोषों को शीघ्र रिहा करने की मांग की। महापंचायत की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष अशोक राना ने की। इस दौरान डा. जीएस धर्मेश, अनिल चौधरी, रामकुमार शर्मा, कमल वाल्मीकि, राणा प्रताप सिकरवार, धर्मवीर प्रजापति, कौशलेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
इनसेट
तीन मांगें
महापंचायत की अध्यक्षता करते हुए अशोक राना ने पुलिस-प्रशासन के सामने तीन मांगें रखीं। पहली मांग, गिरफ्तार किए गए लोगों को बिना किसी शर्त के छोड़ा जाए। दूसरी मांग, दोषियों पर भी कार्रवाई हो। तीसरी मांग थी कि अब किसी और के खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए।
विज्ञापन
इनसेट
बाबूलाल मुर्दाबाद के लगे नारे
महापंचायत के दौरान अंतिम वक्ता के रूप में केंद्रीय राज्यमंत्री डा. कठेरिया भाषण खत्म करके मंच से नीचे उतरे ही थे कि अचानक माइक से बाबूलाल मुर्दाबाद के नारे गूंजने लगे। हालांकि मंच पर मौजूद दूसरे वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इस पर एक्शन लिया और नारेबाजी बंद कराई।