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पूरे परिवार पर था बाबूजी का आर्शीवाद और स्नेह

Sun, 22 Aug 2021 11:25 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 22 Aug 2021 11:25 PM IST
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Babuji's blessings and affection were on the whole family
कासगंज में वार्ष्णेय परिवार के बच्चों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह। फाइल फोटो - फोटो : KASGANJ
कासगंज। शहर के वार्ष्णेय परिवार के साथ पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का रिश्ता काफी पुराना है। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ही नहीं बल्कि परिवार के सभी लोग और बच्चे वार्ष्णेय परिवार में लगातार आते जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री जब 2009 में एटा लोकसभा सीट से चुनाव लड़े तो वार्ष्णेय परिवार के आवास में ही रहे और मुख्य कार्यालय भी यहीं से संचालित किया।
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वार्ष्णेय परिवार की भाजपा नेता कुमकुम वार्ष्णेय और उनके परिवार के लोग पूर्व मुख्यमंत्री के निधन से बेहद आहत हैं। कुमकुम वार्ष्णेय से जब बाबूजी की स्मृतियों के बारे में पूछा तो उनका गला भर आया। उनके मुंह से निकला कि उनके परिवार का साया छिन गया है। वह बताती हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री उनके पिता तुल्य थे और उन्होंने सदैव बेटी माना। हर मौके पर वह परिवार के साथ खड़े होते थे। उन्होंने बताया कि बाबूजी आदर्शों की राजनीति पसंद करते थे।
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उन्होंने बताया कि वे सुबह जल्दी उठते थे और चाय लेना उनकी आदत थी। इसके बाद वह केवल दो गिलास छाछ या बथुए का रायता लेते थे। भोजन में उन्हें पालक की सब्जी, उड़द की दाल, बेसन की चपाती बेहद पसंद थीं। उन्होंने बताया कि वह जब परिवार में बच्चों के साथ बैठते थे तो बच्चों के बीच उन्हें अपने संघर्ष की कहानी बताते थे कि वह कैसे साइकिल से घूमकर पार्टी के लिए काम करते थे। यहां तक कि वह कई बार भूखे भी रह जाते थे। उन्होंने बताया कि उनका बड़ा बेटा निखिल जो अब इस दुनिया में नहीं है वह बाबूजी को सुबह अखबार पढ़कर सुनाता था।
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कल्याण ने चाय तो नेतराम ने तंबाकू चबाना सिखाया
कासगंज। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह केवल दूध की चाय पीने के हमेशा से शौकीन थे। कासगंज के विधायक रहे स्वर्गीय नेतराम सिंह चाय नहीं पीते थे और केवल रगड़ा तंबाकू खाते थे। पूर्व विधायक के पुत्र डॉ. बीडी राना ने इस संस्मरण के बारे में बताया कि अक्सर बाबूजी की मुलाकात उनके पिता से होती थी। जब बाबूजी ने भाजपा को छोड़ा था तब उनके पिता ने बाबूजी के साथ के निर्देश पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने बताया कि जब बाबूजी पिता के साथ बैठते थे तो पिताजी उन्हें रगड़ा तंबाकू खिलाते थे वहीं पूर्व मुख्यमंत्री उनके पिता को चाय पिलाते थे। दोनों ने एक दूसरे का चाय और तंबाकू की आदत लगाई थी। संवाद
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