Agra University: ओएमआर शीट पर होगी BA BSc और BCom की परीक्षा, 75 में से देने होंगे 50 प्रश्नों के उत्तर
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति की बैठक में द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा भी ओएमआर आधारित कराने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही 25 प्रश्नों का विकल्प भी घटाया गया है। अब विद्यार्थी 75 में से 50 प्रश्नों के उत्तर दे सकेंगे।
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संचालित स्नातक (बीए, बीएससी व बीकॉम) प्रथम वर्ष के द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा भी ओएमआर शीट आधारित कराई जाएगी। परीक्षा में 75 प्रश्न पूछे जाएंगे, इसमें से 50 प्रश्नों के जवाब देने होंगे। शुक्रवार को विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में बृहस्पति भवन में परीक्षा समिति की बैठक हुई। कुछ सदस्य ऑनलाइन भी जुड़े।
सत्र को पटरी पर लाने की दिशा में ही वर्ष 2021-22 की द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा भी ओएमआर पर कराने निर्णय लिया गया। प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा में 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में से 50 के उत्तर देने थे, इस बार 25 प्रश्नों का विकल्प कम कर दिया गया है। परीक्षा समिति की बैठक में तय किया गया कि विश्वविद्यालय की आगामी विस्तृत उत्तरीय परीक्षाओं में इस्तेमाल की जाने वाली उत्तर पुस्तिकाएं अब 24 पृष्ठों की होंगी। पहले 36 पृष्ठ की होती थी।
होगा डिजिटल मूल्यांकन
परीक्षा नियंत्रक को प्रभारी कुलपति ने निर्देश दिया है कि अब विश्वविद्यालय डिजिटल मूल्यांकन की पद्धति पर चलेगा, उत्तर पुस्तिकाएं भी उसी व्यवस्था के अनुरूप बारकोड लगाकर तैयार की जाएं। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा, कुलसचिव संजीव कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव, वित्त अधिकारी एके सिंह , प्रो. मीनाक्षी श्रीवास्तव , प्रो. प्रदीप श्रीधर, प्रो. दीपमाला श्रीवास्तव, डॉ. एसपी सिंह , डॉ. प्रीति जौहरी, औटा के महामंत्री डॉ. भूपेंद्र चिकारा आदि ऑफलाइन व ऑनलाइन जुड़े।
बीएड व विधि की परीक्षाएं भी ओएमआर आधारित होंगी
परीक्षा समिति की बैठक में तय किया गया कि बीएड-2022 प्रथम वर्ष और द्वितीय वर्ष व एमएड-2022 व एलएलबी और बीएएलएलबी की वर्ष 2022 की परीक्षाएं भी ओएमआर पर आधारित कराई जाएंगी।
पेपर लीक की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई
परीक्षा समिति की बैठक में विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के पेपर लीक प्रकरण, उसमें कोचिंग और शिक्षकों की संलिप्तता , विश्वविद्यालय की ओर से सेल्फ फाइनेंस कॉलेज को दी गई संबद्धता और उनमें अवस्थापना सुविधाओं की कमी आदि की जांच करने के लिए प्रभारी कुलपति की ओर से चार सदस्यीय टीम बनाई गई है। समिति में प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा, सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह, आरसीए गर्ल्स डिग्री कॉलेज मथुरा की प्राचार्य डॉ. प्रीति जौहरी और औटा के महामंत्री डॉ. भूपेंद्र चिकारा हैं।
अंक चार्ट में संशोधन के लिए दो शिक्षकों को लगाया
विश्वविद्यालय के अंक चार्ट में परीक्षा फल से संबंधित संशोधन के लिए डॉ. राजीव वर्मा और डॉ. राजेश कुशवाहा को नामित किया गया है। प्रत्येक को 1000 रुपये प्रति माह पारिश्रमिक दिया जाएगा।
परीक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया का वीडियो अपलोड किया जाएगा
विश्वविद्यालय की मौखिक परीक्षा के लिए परीक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया, किसी परिस्थिति में नाम परिवर्तन किए जाने और अन्य जानकारी देने के लिए आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. वीके सारस्वत की ओर से एक वीडियो तैयार कर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।