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आयुष्मान योजना: प्रचार-प्रसार न होने मरीजों को नहीं मिल रहा लाभ
Fri, 06 Sep 2019 07:45 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 06 Sep 2019 07:45 AM IST
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आयुष्मान योजना
- फोटो : अमर उजाला
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आयुष्मान योजना के प्रचार-प्रसार की कमी से मरीजों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत चयनित अस्पतालों की जानकारी न होना है। सार्वजनिक स्थानों पर अस्पतालों की सूची न होने से लाभार्थियों को परेशानी हो रही है।
आयुष्मान योजना में आगरा में 1.63 लाख परिवारों के करीब आठ लाख सदस्य लाभार्थियों की सूची में शामिल हैं। योजना में साल भर में महज 5006 मरीज ही लाभ पा सकेंगे। इतने कम लाभार्थियों के पीछे योजना और अस्पतालों की जानकारी न होना बड़ी वजह है।
ये भी पढ़ें: आयुष्मान योजना पर लापरवाही का 'ग्रहण', अभी तक सात लाख लोगों के नहीं बने गोल्डन कार्ड
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अस्पतालों के नाम सार्वजनिक स्थानों पर अंकित नहीं किए गए हैं। कैसे योजना का लाभ ले सकते हैं, इसके बारे में भी जानकारी नहीं दी गई है। पोर्टल पर अस्पतालों की सूची डाल दी है, लेकिन अधिकांश गरीबों को इसकी जानकारी नहीं है। अस्पतालों ने भी किस मर्ज के इलाज की सुविधा दे रहे हैं, इसका बोर्ड तक नहीं लगाया है।
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आयुष्मान योजना में आगरा में 1.63 लाख परिवारों के करीब आठ लाख सदस्य लाभार्थियों की सूची में शामिल हैं। योजना में साल भर में महज 5006 मरीज ही लाभ पा सकेंगे। इतने कम लाभार्थियों के पीछे योजना और अस्पतालों की जानकारी न होना बड़ी वजह है।
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अस्पतालों के नाम सार्वजनिक स्थानों पर अंकित नहीं किए गए हैं। कैसे योजना का लाभ ले सकते हैं, इसके बारे में भी जानकारी नहीं दी गई है। पोर्टल पर अस्पतालों की सूची डाल दी है, लेकिन अधिकांश गरीबों को इसकी जानकारी नहीं है। अस्पतालों ने भी किस मर्ज के इलाज की सुविधा दे रहे हैं, इसका बोर्ड तक नहीं लगाया है।
यह किए जा सकते हैं उपाय :
- अस्पतालों के बाहर योजना के तहत बीमारियों के इलाज की सुविधा का बोर्ड लगाया जाए।
- सीएचसी-पीएचसी, तहसील समेत सार्वजनिक स्थानों पर अस्पतालों की सूची लगाई जाए।
- ग्राम प्रधानों को लाभार्थियों और अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
- कैंप लगाकर लोगों को योजना और इसमें लाभ लेने के बारे में बताया जाए।
ये भी पढ़ें: आयुष्मान योजना: सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल नहीं ले रहे हैं रुचि, गंभीर मरीज बेहाल
अस्पताल संचालकों को बोर्ड लगाने को कहा है
सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स से बातचीत:
सवाल: प्रचार-प्रसार न होने से अधिकांश लोगों को योजना में शामिल अस्पतालों की जानकारी नहीं है।
जवाब: सभी लाभार्थी परिवारों को योजना की जानकारी संबंधी पत्रक भेजे गए हैं। अस्पतालों के नाम सार्वजनिक स्थानाें पर अंकित
कराए जाएंगे।
सवाल: किस अस्पताल में कौन सी बीमारी का इलाज है, मरीजों को यह जानकारी नहीं है।
जवाब: यह समस्या है, इसकी शिकायतें भी आती हैं। इसके लिए अस्पताल संचालकों से बोर्ड लगाने को कहा गया है।
सवाल: सभी के गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं, विभाग क्या कर रहा है।
जवाब: सर्विस सेंटरों पर गड़बड़ी मिलने पर शासन ने आईडी ब्लाक कर दी थी, अब सभी अस्पतालों में कार्ड बनाए जा रहे हैं। कैंप
लगाकर यह सुविधा दी जाएगी।
- अस्पतालों के बाहर योजना के तहत बीमारियों के इलाज की सुविधा का बोर्ड लगाया जाए।
- सीएचसी-पीएचसी, तहसील समेत सार्वजनिक स्थानों पर अस्पतालों की सूची लगाई जाए।
- ग्राम प्रधानों को लाभार्थियों और अस्पतालों की सूची उपलब्ध कराई जाए।
- कैंप लगाकर लोगों को योजना और इसमें लाभ लेने के बारे में बताया जाए।
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अस्पताल संचालकों को बोर्ड लगाने को कहा है
सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स से बातचीत:
सवाल: प्रचार-प्रसार न होने से अधिकांश लोगों को योजना में शामिल अस्पतालों की जानकारी नहीं है।
जवाब: सभी लाभार्थी परिवारों को योजना की जानकारी संबंधी पत्रक भेजे गए हैं। अस्पतालों के नाम सार्वजनिक स्थानाें पर अंकित
कराए जाएंगे।
सवाल: किस अस्पताल में कौन सी बीमारी का इलाज है, मरीजों को यह जानकारी नहीं है।
जवाब: यह समस्या है, इसकी शिकायतें भी आती हैं। इसके लिए अस्पताल संचालकों से बोर्ड लगाने को कहा गया है।
सवाल: सभी के गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं, विभाग क्या कर रहा है।
जवाब: सर्विस सेंटरों पर गड़बड़ी मिलने पर शासन ने आईडी ब्लाक कर दी थी, अब सभी अस्पतालों में कार्ड बनाए जा रहे हैं। कैंप
लगाकर यह सुविधा दी जाएगी।