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Agra News: आयुष्मान योजना बनी वरदान, ट्राॅमा सेंटर के लिए भटक रहे मरीज
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मैनपुरी। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना जिले के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। पिछले सात साल में जिले के 64045 मरीजों ने इस योजना के तहत 80 करोड़ का निशुल्क उपचार प्राप्त किया है। शासन के निर्देश पर योजना से लगातार लोग जुड़ते जा रहे हैं।
योजना के तहत जनपद में कुल लाभार्थी परिवारों की संख्या 179384 है जिसमें 773383 लाभार्थी शामिल हैं। वर्तमान में योजना में शामिल जनपद के 92 प्रतिशत परिवारों को आयुष्मान योजना से आच्छादित किया जा चुका है। जनपद में अभी तक 517317 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके है। प्रदेश में जनपद को 11वां स्थान प्राप्त है जबकि आगरा मंडल में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2025 में अब तक जिले में 20000 से अधिक पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। जबकि इस साल जिले में इस वर्ष 17683 लाभार्थियों को चिकित्सीय लाभ दिलाया गया है। वर्ष 2018 से अब तक आयुष्मान में 64045 मरीजों को 80 करोड़ रुपये का नि:शुल्क इलाज प्रदान किया जा चुका है। इसमें हार्ट सर्जरी, कैंसर प्रत्यारोपण आदि का इलाज भी सम्मिलित है। इसके साथ ही जिले के सरकारी अस्पतालों में सभी प्रकार की जांचों की व्यवस्था नि:शुल्क है।
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ट्राॅमा सेंटर का सपना नहीं हो सका पूरा
जिले में ट्रामा सेंटर की मांग लंबे समय से चली आ रही है। शासन से इसके लिए मंजूरी भी मिली थी, लेकिन ट्राॅमा सेंटर का सपना पूरा नहीं हो सका। इस वजह से गंभीर मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पाता है। गंभीर मरीजों को देखते ही मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल से प्रतिदिन 8 से 10 मरीज गंभीर हालत में रेफर किए जाते हैं। इनमें से एक से दो मरीजों की सैफई पहुंचने से पहले ही मौत हो जाती है। सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य का कहना है कि सरकार ट्रामा सेंटर के लिए जगह तक उपलब्ध नहीं करा सकी।
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धूल फांक रहे हैं वेंटिलेटर
कोरोना महामारी के दौरान विकास खंड स्तर पर पांच-पांच वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। जिला अस्पताल में 30 वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए। विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण अंतिम सांसो में जिले भर के अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की मौत हो रही है और वेंटिलेटर कमरों में बंद पड़े हुए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ का कहना है कि कई बार डॉक्टरों की मांग की गई, लेकिन सरकार डॉक्टर उपलब्ध नहीं करा सकी।
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जिले में आयुष्मान योजना से हर साल हजारो़ं लोगों को उपचार दिलाया जा रहा है। दवा की कोई कमी नहीं है। डॉॅक्टरों की कमी है। विशेषज्ञ डॉक्टर मिलते ही वेंटिलेटर का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। ट्रामा सेंटर के लिए जगह की तलाश जारी है।
डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ
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योजना के तहत जनपद में कुल लाभार्थी परिवारों की संख्या 179384 है जिसमें 773383 लाभार्थी शामिल हैं। वर्तमान में योजना में शामिल जनपद के 92 प्रतिशत परिवारों को आयुष्मान योजना से आच्छादित किया जा चुका है। जनपद में अभी तक 517317 लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके है। प्रदेश में जनपद को 11वां स्थान प्राप्त है जबकि आगरा मंडल में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2025 में अब तक जिले में 20000 से अधिक पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। जबकि इस साल जिले में इस वर्ष 17683 लाभार्थियों को चिकित्सीय लाभ दिलाया गया है। वर्ष 2018 से अब तक आयुष्मान में 64045 मरीजों को 80 करोड़ रुपये का नि:शुल्क इलाज प्रदान किया जा चुका है। इसमें हार्ट सर्जरी, कैंसर प्रत्यारोपण आदि का इलाज भी सम्मिलित है। इसके साथ ही जिले के सरकारी अस्पतालों में सभी प्रकार की जांचों की व्यवस्था नि:शुल्क है।
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ट्राॅमा सेंटर का सपना नहीं हो सका पूरा
जिले में ट्रामा सेंटर की मांग लंबे समय से चली आ रही है। शासन से इसके लिए मंजूरी भी मिली थी, लेकिन ट्राॅमा सेंटर का सपना पूरा नहीं हो सका। इस वजह से गंभीर मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पाता है। गंभीर मरीजों को देखते ही मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर कर दिया जाता है। जिला अस्पताल से प्रतिदिन 8 से 10 मरीज गंभीर हालत में रेफर किए जाते हैं। इनमें से एक से दो मरीजों की सैफई पहुंचने से पहले ही मौत हो जाती है। सपा जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य का कहना है कि सरकार ट्रामा सेंटर के लिए जगह तक उपलब्ध नहीं करा सकी।
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धूल फांक रहे हैं वेंटिलेटर
कोरोना महामारी के दौरान विकास खंड स्तर पर पांच-पांच वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। जिला अस्पताल में 30 वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए। विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण अंतिम सांसो में जिले भर के अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों की मौत हो रही है और वेंटिलेटर कमरों में बंद पड़े हुए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ का कहना है कि कई बार डॉक्टरों की मांग की गई, लेकिन सरकार डॉक्टर उपलब्ध नहीं करा सकी।
जिले में आयुष्मान योजना से हर साल हजारो़ं लोगों को उपचार दिलाया जा रहा है। दवा की कोई कमी नहीं है। डॉॅक्टरों की कमी है। विशेषज्ञ डॉक्टर मिलते ही वेंटिलेटर का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। ट्रामा सेंटर के लिए जगह की तलाश जारी है।
डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमओ