{"_id":"5f60c507a9864577e44cdc75","slug":"ayodhya-ram-mandir-trust-member-vasudevanand-saraswati-on-agra-mughal-museum-renamed-as-chhatrapati-shivaji","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वासुदेवानंद सरस्वती ने आगरा को बताया अग्रवन, मुगल म्यूजियम का नाम बदलने का फैसला सही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वासुदेवानंद सरस्वती ने आगरा को बताया अग्रवन, मुगल म्यूजियम का नाम बदलने का फैसला सही
Wed, 16 Sep 2020 12:12 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 16 Sep 2020 12:12 AM IST
विज्ञापन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा के मुगल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी रखे जाने पर संत समाज ने योगी सरकार के फैसले का समर्थन किया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने इस फैसले पर खुशी जताई है।
वासुदेवानंद सरस्वती मंगलवार को प्रयागराज जाते समय रास्ते में आगरा के मोहनलाल सर्राफ के आवास पर रुके थे। इस दौरान वह मीडिया से मुखातिब हुए। मुगल म्यूजियम का नाम बदले जाने पर उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अच्छा फैसला लिया है। यह फैसला सबको स्वीकार्य होना चाहिए।
'आगरा को बताया अग्रवन'
वासुदेवानंद ने आगरा को अग्रवन बताया। कहा कि जो स्थान, हिंदू नामों से जाने जाते थे, उनका नाम वापस मिले। यह देश के लिए गौरव की बात है। बता दें कि ताजमहल से 1300 मीटर की दूरी पर निर्माणाधीन मुगल म्यूजियम अब छत्रपति शिवाजी के नाम से जाना जाएगा। यह फैसला योगी सरकार ने लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वासुदेवानंद सरस्वती मंगलवार को प्रयागराज जाते समय रास्ते में आगरा के मोहनलाल सर्राफ के आवास पर रुके थे। इस दौरान वह मीडिया से मुखातिब हुए। मुगल म्यूजियम का नाम बदले जाने पर उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने अच्छा फैसला लिया है। यह फैसला सबको स्वीकार्य होना चाहिए।
विज्ञापन
'आगरा को बताया अग्रवन'
वासुदेवानंद ने आगरा को अग्रवन बताया। कहा कि जो स्थान, हिंदू नामों से जाने जाते थे, उनका नाम वापस मिले। यह देश के लिए गौरव की बात है। बता दें कि ताजमहल से 1300 मीटर की दूरी पर निर्माणाधीन मुगल म्यूजियम अब छत्रपति शिवाजी के नाम से जाना जाएगा। यह फैसला योगी सरकार ने लिया है।
विज्ञापन
राजस्थान सरकार के लाल पत्थर के खनन पर रोक लगाने के बाद राम मंदिर निर्माण में आने वाली बाधा के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले में ट्रस्ट सरकार के साथ मिलकर मामले को जल्द सुलझाएगा और राम मंदिर के लिए लाल पत्थर अतिशीघ्र आने लगेगा।
'विहिप के मॉडल पर ही बनेगा राम मंदिर'
राम मंदिर के लिए फंडिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर विश्व हिंदू परिषद के प्रस्तावित मॉडल पर ही बनेगा। ट्रस्ट का उद्देश्य और संकल्प अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण है। मंदिर निर्माण के लिए आम लोगों से सवा रुपये से लेकर 11 रुपये तक का भी सहयोग लिया जा रहा है लेकिन किसी व्यक्ति विशेष के पैसे से राम मंदिर का निर्माण नहीं किया जाएगा।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।
'विहिप के मॉडल पर ही बनेगा राम मंदिर'
राम मंदिर के लिए फंडिंग के सवाल पर उन्होंने कहा कि राम मंदिर विश्व हिंदू परिषद के प्रस्तावित मॉडल पर ही बनेगा। ट्रस्ट का उद्देश्य और संकल्प अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण है। मंदिर निर्माण के लिए आम लोगों से सवा रुपये से लेकर 11 रुपये तक का भी सहयोग लिया जा रहा है लेकिन किसी व्यक्ति विशेष के पैसे से राम मंदिर का निर्माण नहीं किया जाएगा।
अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।