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श्रीकृष्ण जन्मस्थान केस: औरंगजेब ने मंदिर तोड़ने के लिए बनाई थी विशेष फौज, इस किताब में दर्ज जानें पूरी कहानी
Fri, 19 May 2023 09:09 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 19 May 2023 09:09 PM IST
सार
इतिहासकार आशीर्वादीलाल श्रीवास्तव ने अपनी किताब मुगलकालीन भारत में इस कहानी का जिक्र किया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान-ईदगाह प्रकरण में पक्षकार इन तथ्यों को सुनवाई का हिस्सा बनाएंगे। आगामी 25 मई को है सुनवाई।
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मुगल बादशाह औरंगजेब
- फोटो : Facebook/Nilofer A J
विस्तार
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर मौजूद राजा वीर बुंदेला द्वारा बनवाए मंदिर को औरंगजेब के दरोगा की मौजूदगी में तोड़ा गया था। ऐतिहासिक तथ्यों को मानें तो पता चलता है कि दरोगा औरंगजेब द्वारा मंदिरों को तोड़ने के लिए बनाई गई विशेष फौज की न केवल देखरेख करता था बल्कि उनकी रिपोर्ट भी देता था।
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इतिहासकारों का दावा है कि औरंगजेब ने न केवल मथुरा के विशाल ठाकुर केशवराय मंदिर को तुड़वाया था बल्कि उसके श्री विग्रहों को आगरा की बेगम साहिबा की मस्जिद की सीढ़ियों में दबवा दिया था। श्रीकृष्ण जन्मस्थान संबंधी दावे के पक्षकार महेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस पुस्तक में दिए मंदिर तोड़े जाने संबंधी तथ्यों को वह अदालत में सुनवाई का हिस्सा बनाएंगे। उनके दावे पर आगामी 25 मई को सुनवाई होगी।
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विख्यात इतिहासकार आशीर्वादीलाल श्रीवास्तव ने अपनी किताब मुगलकालीन भारत में औरंगजेब के मंदिर तोड़ने संबंधी तथ्यों का जिक्र किया है। पेज संख्या 312 पर उन्होंने बताया है कि औरंगजेब ने अकबर की नीतियों का त्याग किया और इस्लाम को पुन: राजधर्म घोषित कर प्रचार के लिए प्रचारकों को सभी सुविधाएं प्रदान कीं। कुफ्र यानि बहुदेवतावाद को समाप्त कर दिया।
औरंगजेब ने पुराने मंदिरों की मरम्मत पर प्रतिबंध लगा दिया तथा प्रांत के राज्यपालों को हिंदुओं के मंदिरों, पाठशालाओं और पवित्र धार्मिक स्थलों को तोड़ने का आदेश दिया। औरंगजेब द्वारा बनाई टीम को अपने-अपने क्षेत्र में जाकर मंदिरों को तोड़ना पड़ा। इस काम के लिए नियुक्त सरकारी कर्मचारियों पर एक दरोगा की नियुक्ति की गई। पुस्तक में दावा किया है कि बनारस के विश्वनाथ, मथुरा के केशवदेव तथा पाटन के सोमनाथ जैसे मंदिरों को गिरा दिया गया।