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टोरंट कर्मियों और पुलिस के सामने आत्मदाह की कोशिश
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Sun, 01 Nov 2015 01:52 AM IST
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वजीरपुरा स्थित लाडली गली में शनिवार दोपहर टोरंट पावर की अंडरग्राउंड केबल
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डालने के विरोध में एक महिला ने आत्मदाह का प्रयास किया। आननफानन में
लोगों ने उससे माचिस की तीली छीनकर बचाया। इसके बाद वहां काम बंद करा दिया
गया।
लाडली गली में 12 परिवार रहते हैं। लोगों के निकलने के लिए एक जमीन पर रास्ता बना है। इसके एक हिस्से पर शनिवार को टोंरट पावर के कर्मचारी अंडरग्राउंड केबल बिछा रहे थे। इसी बीच वहां आए राहुल शर्मा पुत्र गिरीशचंद शर्मा के परिवार ने इसका विरोध किया। राहुल ने बताया कि यह जमीन उनके ताऊ प्रेमनरायन शर्मा, उसके पिता सहित अन्य दो भाइयों के नाम पर है। सन 1983 में नगर निगम ने इसे सार्वजनिक बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसे जिला जज की कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
अब टोरंट पावर के कर्मचारियों ने कोर्ट के आदेश की अनदेखी की। परिवार की महिलाओं ने केबल डालने से रोकने का प्रयास किया तो पुलिस को बुला लिया। फिर पुलिस की मौजूदगी में काम शुरू करा दिया। इससे गुस्साए घरवालों ने हंगामा किया। इसी बीच परिवार की महिला कुसुमलता ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल दिया।
ये देख अफरातफरी मच गई। लोगों ने कुसुमलता को पकड़ लिया। इसके बाद काम रोक दिया गया। हालांकि, तब तक केबल डाली जा चुकी थी। पीड़ित परिवार अफसरों से शिकायत की बात कह रहा है। एसओ हरीपर्वत का कहना है कि कोर्ट का आदेश देखने के बाद टोरंट कर्मियों को केबल हटाने के लिए बोला गया है।
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आम रास्ते पर केबल डाली गई है। हमारा किसी की निजी संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है। एक व्यक्ति ने कोर्ट का आदेश दिखाने के लिए कहा है। उसे सोमवार को आदेश की कापी लेकर दफ्तर बुलाया गया है। कोर्ट के आदेश का सम्मान किया जाएगा।
भूपेंद्र सिंह, पीआरओ टोरंट पावर
मस्ता की बगीची में मोबाइल टावर का विरोध
आगरा। मस्ता की बगीची निवासी मनोज के घर के पिछले हिस्से में मोबाइल कंपनी का टावर (4जी) लगाया जा रहा था। मनोज ने बताया कि सभी विभागों की अनुमति के बाद ही कंपनी ने टावर लगाने का काम शुरू किया है। शनिवार को काम शुरू होने पर लोगों ने प्रदर्शन किया। गली के बाहर धरना दिया। क्षेत्र के ही लाल सिंह ने बताया कि घनी आबादी क्षेत्र में टावर नहीं लगाया जा सकता है। मोबाइल टावर से निकलने वाले रेडिएशन से कैंसर होने की संभावना रहती है। मौके पर आई पुलिस ने काम रुकवा दिया। पुलिस का कहना है कि गृहस्वामी को दस्तावेज दिखाने को बोला गया है।
लाडली गली में 12 परिवार रहते हैं। लोगों के निकलने के लिए एक जमीन पर रास्ता बना है। इसके एक हिस्से पर शनिवार को टोंरट पावर के कर्मचारी अंडरग्राउंड केबल बिछा रहे थे। इसी बीच वहां आए राहुल शर्मा पुत्र गिरीशचंद शर्मा के परिवार ने इसका विरोध किया। राहुल ने बताया कि यह जमीन उनके ताऊ प्रेमनरायन शर्मा, उसके पिता सहित अन्य दो भाइयों के नाम पर है। सन 1983 में नगर निगम ने इसे सार्वजनिक बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसे जिला जज की कोर्ट ने खारिज कर दिया था।
अब टोरंट पावर के कर्मचारियों ने कोर्ट के आदेश की अनदेखी की। परिवार की महिलाओं ने केबल डालने से रोकने का प्रयास किया तो पुलिस को बुला लिया। फिर पुलिस की मौजूदगी में काम शुरू करा दिया। इससे गुस्साए घरवालों ने हंगामा किया। इसी बीच परिवार की महिला कुसुमलता ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल दिया।
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ये देख अफरातफरी मच गई। लोगों ने कुसुमलता को पकड़ लिया। इसके बाद काम रोक दिया गया। हालांकि, तब तक केबल डाली जा चुकी थी। पीड़ित परिवार अफसरों से शिकायत की बात कह रहा है। एसओ हरीपर्वत का कहना है कि कोर्ट का आदेश देखने के बाद टोरंट कर्मियों को केबल हटाने के लिए बोला गया है।
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आम रास्ते पर केबल डाली गई है। हमारा किसी की निजी संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है। एक व्यक्ति ने कोर्ट का आदेश दिखाने के लिए कहा है। उसे सोमवार को आदेश की कापी लेकर दफ्तर बुलाया गया है। कोर्ट के आदेश का सम्मान किया जाएगा।
भूपेंद्र सिंह, पीआरओ टोरंट पावर
मस्ता की बगीची में मोबाइल टावर का विरोध
आगरा। मस्ता की बगीची निवासी मनोज के घर के पिछले हिस्से में मोबाइल कंपनी का टावर (4जी) लगाया जा रहा था। मनोज ने बताया कि सभी विभागों की अनुमति के बाद ही कंपनी ने टावर लगाने का काम शुरू किया है। शनिवार को काम शुरू होने पर लोगों ने प्रदर्शन किया। गली के बाहर धरना दिया। क्षेत्र के ही लाल सिंह ने बताया कि घनी आबादी क्षेत्र में टावर नहीं लगाया जा सकता है। मोबाइल टावर से निकलने वाले रेडिएशन से कैंसर होने की संभावना रहती है। मौके पर आई पुलिस ने काम रुकवा दिया। पुलिस का कहना है कि गृहस्वामी को दस्तावेज दिखाने को बोला गया है।