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बैंक बंद-एटीएम खाली, पब्लिक में गुस्सा भारी
बैंक बंद-एटीएम खाली, पब्लिक में गुस्सा भारी
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:05 AM IST
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- फोटो : reuters
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500 और एक हजार रुपये के नोट बंद होने के बाद कैश के लिए लोग पहले ही बेहाल थे, सोमवार को हालात और बिगड़ गए। सोमवार को बैंक की शाखाएं बंद थीं तो एटीएम एकदम खाली। जिले के 639 एटीएम में से एक में भी कैश नहीं था। इससे शहर से गांव तक कैश के लिए लोगों की मारामारी और बढ़ गई। सोमवार की छुट्टी में कैश लोड न किए जाने से मंगलवार को शाम तक एटीएम में कैश भरा जा सकेगा। ऐसे में मंगलवार को हंगामा, हाहाकार मचना तय है।
सोमवार को दिन पूरी तरह से कैशलेस रहा। चार दिनों तक लंबी कतारों में लगकर नोट एक्सचेंज करने वालों को उम्मीद थी कि गुरू नानक जयंती पर छुट्टी के दिन बैंक कम से कम अपने एटीएम में तो नोट लोड कर देंगे, लेकिन पब्लिक की मुसीबत से दूर बैंक अधिकारियों ने सोमवार को न तो एटीएम में कैश लोड कराया और न ही शाखाओं में भीड़ से निपटने के लिए अलग काउंटर आदि की व्यवस्थाएं की। सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों में स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, विजया बैंक , बैंक आफ इंडिया आदि के एटीएम तो खाली रहे ही, प्राइवेट बैंकों आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, यस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक आदि के एटीएम भी खाली रहे। बैंकिंग सेक्टर के अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को दोपहर दो बजे के बाद ही कैश लोड करने का काम पूरा हो पाएगा, वह भी करीब 45 शाखाओं में। एटीएम की ट्रे और साफ्टवेयर केलिब्रेट करने का काम अभी धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में मंगलवार को कैश के लिए ब्रांच के सामने रिकार्ड तोड़ कतारें लगने और मारामारी मचना तय है।
पोस्ट आफिसाें का नेटवर्क हो गया फेल
जिले में बैंकों से ज्यादा डाकघर हैं, लेकिन नोट एक्सचेंज करने के मामले में पोस्ट आफिस फेल साबित हो गए। कैश की किल्लत बताकर जिले भर के पोस्ट आफिसों से लोग मायूस लौट रहे हैं। डाक विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण आम जनता बेहाल है, जबकि देहात में कैश उपलब्ध कराने में बैंकों से ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे, लेकिन इतने बड़े डाकघर नेटवर्क का इस्तेमाल बैंकिंग के सबसे बड़े संकट में नहीं किया जा रहा।
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सीन-1
सुबह 7:00
आईसीआईसीआई बैंक, संजय प्लेस
चेस्ट की जिम्मेदारी संभाल रही बैंक का यह एटीएम रात में खाली हो गया। सोमवार सुबह ही लोग पहुंचे तो गार्ड ने बताया कि यह शाम तक लोड नहीं होगा। मंगलवार को ही आना। आज की छुट्टी है।
सुबह 10 बजे
एचडीएफसी बैंक, संजय प्लेस
एटीएम का शटर नीचे है और गार्ड हर आने-जाने वाले को एटीएम में कैश मंगलवार को लोड होने की जानकारी दे रहा है। प्राइवेट बैंकों का कैश संकट के समय यह रवैया ग्राहकाें को परेशान करने वाला रहा।
दोपहर 2 बजे
केनरा बैंक, अलबतिया रोड
एटीएम का शटर बंद है। गार्ड मौजूद नहीं था। पड़ोसी दुकानदारों ने बताया कि 9 नवंबर से एटीएम का शटर खुला नहीं है। उससे पहले ही कैश निकला था। एक सप्ताह से वह परेशान हैं।
शाम 6 बजे
स्टेट बैंक आफ इंडिया, राजा की मंडी
ई-कार्नर पर ग्राहकों की लंबी लाइन है, लेकिन कैश निकालने वालों की नहीं, बल्कि जमा करने वालों की। कैश डिपाजिट मशीन ठीक है, जबकि एटीएम खराब पड़ा है। यह तीन दिनों से चला नहीं।
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सोमवार को दिन पूरी तरह से कैशलेस रहा। चार दिनों तक लंबी कतारों में लगकर नोट एक्सचेंज करने वालों को उम्मीद थी कि गुरू नानक जयंती पर छुट्टी के दिन बैंक कम से कम अपने एटीएम में तो नोट लोड कर देंगे, लेकिन पब्लिक की मुसीबत से दूर बैंक अधिकारियों ने सोमवार को न तो एटीएम में कैश लोड कराया और न ही शाखाओं में भीड़ से निपटने के लिए अलग काउंटर आदि की व्यवस्थाएं की। सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों में स्टेट बैंक, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक आफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इलाहाबाद बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन बैंक, विजया बैंक , बैंक आफ इंडिया आदि के एटीएम तो खाली रहे ही, प्राइवेट बैंकों आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, यस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक आदि के एटीएम भी खाली रहे। बैंकिंग सेक्टर के अधिकारियों के मुताबिक मंगलवार को दोपहर दो बजे के बाद ही कैश लोड करने का काम पूरा हो पाएगा, वह भी करीब 45 शाखाओं में। एटीएम की ट्रे और साफ्टवेयर केलिब्रेट करने का काम अभी धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में मंगलवार को कैश के लिए ब्रांच के सामने रिकार्ड तोड़ कतारें लगने और मारामारी मचना तय है।
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पोस्ट आफिसाें का नेटवर्क हो गया फेल
जिले में बैंकों से ज्यादा डाकघर हैं, लेकिन नोट एक्सचेंज करने के मामले में पोस्ट आफिस फेल साबित हो गए। कैश की किल्लत बताकर जिले भर के पोस्ट आफिसों से लोग मायूस लौट रहे हैं। डाक विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण आम जनता बेहाल है, जबकि देहात में कैश उपलब्ध कराने में बैंकों से ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे, लेकिन इतने बड़े डाकघर नेटवर्क का इस्तेमाल बैंकिंग के सबसे बड़े संकट में नहीं किया जा रहा।
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सुबह 7:00
आईसीआईसीआई बैंक, संजय प्लेस
चेस्ट की जिम्मेदारी संभाल रही बैंक का यह एटीएम रात में खाली हो गया। सोमवार सुबह ही लोग पहुंचे तो गार्ड ने बताया कि यह शाम तक लोड नहीं होगा। मंगलवार को ही आना। आज की छुट्टी है।
सुबह 10 बजे
एचडीएफसी बैंक, संजय प्लेस
एटीएम का शटर नीचे है और गार्ड हर आने-जाने वाले को एटीएम में कैश मंगलवार को लोड होने की जानकारी दे रहा है। प्राइवेट बैंकों का कैश संकट के समय यह रवैया ग्राहकाें को परेशान करने वाला रहा।
दोपहर 2 बजे
केनरा बैंक, अलबतिया रोड
एटीएम का शटर बंद है। गार्ड मौजूद नहीं था। पड़ोसी दुकानदारों ने बताया कि 9 नवंबर से एटीएम का शटर खुला नहीं है। उससे पहले ही कैश निकला था। एक सप्ताह से वह परेशान हैं।
शाम 6 बजे
स्टेट बैंक आफ इंडिया, राजा की मंडी
ई-कार्नर पर ग्राहकों की लंबी लाइन है, लेकिन कैश निकालने वालों की नहीं, बल्कि जमा करने वालों की। कैश डिपाजिट मशीन ठीक है, जबकि एटीएम खराब पड़ा है। यह तीन दिनों से चला नहीं।