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ज्योर्तिविज्ञान विभाग की पूर्व अध्यक्ष का दावा, ओबामा की यात्रा में विघ्न के आसार भी
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 20 Jan 2015 01:48 AM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा में विघ्न के आसार हैं। ग्रहों की दशा उनकी यात्रा के अनुकूल नहीं है। केएमआई के ज्योर्तिविज्ञान विभाग की पूर्व अध्यक्ष और ज्योतिषी डा. किरन जेटली ने प्रश्न कुंडली के आधार पर इस यात्रा को थोड़ा जोखिमभरा भी बताया है।
सोमवार दोपहर दो बजकर सात मिनट और 11 सेकेंड पर यात्रा की सफलता को लेकर किए सवाल के आधार पर बनाई गई प्रश्न कुंडली में वृष लग्न में चंद्रमा अष्टम भाव में विराजमान था। इस कुंडली में शनि की भी पूरी दृष्टि लग्नेश पर पड़ रही है। यह योग यात्रा को असुविधापूर्ण बनाता है। डा. जेटली के मुताबिक ओबामा की सुरक्षा को लेकर भारत को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसा भी हो सकता है कि किन्हीं कारणों से ओबामा के आने के बाद उनके कार्यक्रम में बदलाव करना पड़े। प्रश्न कुंडली में उच्च के गुरु की पूरी दृष्टि लग्नेश पर है और मंगल की भी दृष्टि लग्नेश पर बनी हुई है, इसलिए आपसी समझौतों में अमेरिका की चलेगी और ओबामा अपना प्रभाव छोड़ने में सफल रहेंगे। चूंकि मंगल कुंभ राशि में और दसवें भाव में है, इसलिए संबंधों के मैत्रीपूर्ण होने व भारत को इसका फायदा मिलने की भी पूरी संभावना है।
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सोमवार दोपहर दो बजकर सात मिनट और 11 सेकेंड पर यात्रा की सफलता को लेकर किए सवाल के आधार पर बनाई गई प्रश्न कुंडली में वृष लग्न में चंद्रमा अष्टम भाव में विराजमान था। इस कुंडली में शनि की भी पूरी दृष्टि लग्नेश पर पड़ रही है। यह योग यात्रा को असुविधापूर्ण बनाता है। डा. जेटली के मुताबिक ओबामा की सुरक्षा को लेकर भारत को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ऐसा भी हो सकता है कि किन्हीं कारणों से ओबामा के आने के बाद उनके कार्यक्रम में बदलाव करना पड़े। प्रश्न कुंडली में उच्च के गुरु की पूरी दृष्टि लग्नेश पर है और मंगल की भी दृष्टि लग्नेश पर बनी हुई है, इसलिए आपसी समझौतों में अमेरिका की चलेगी और ओबामा अपना प्रभाव छोड़ने में सफल रहेंगे। चूंकि मंगल कुंभ राशि में और दसवें भाव में है, इसलिए संबंधों के मैत्रीपूर्ण होने व भारत को इसका फायदा मिलने की भी पूरी संभावना है।
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