दिल्ली गेट और अकबर का मकबरा स्मारक के पास अवैध निर्माण कराने वालों पर एफआईआर
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आगरा में दिल्ली गेट स्मारक के 100 मीटर दायरे के अंदर साइंटिफिक पैथोलॉजी द्वारा ऊपरी मंजिल पर बिना अनुमति के निर्माण कार्य कराने पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने एफआईआर दर्ज कराई है। दिल्ली गेट की तरह संरक्षित स्मारक अकबर का मकबरा सिकंदरा के प्रतिबंधित दायरे में चार भवनों का अवैध निर्माण किया जा रहा है, जिस पर थाना सिकंदरा में एएसआई ने एफआईआर कराई है। दोनों ही जगह थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर किए जा रहे अवैध निर्माण को पुलिस रुकवा नहीं पाई है।
एएसआई के सिकंदरा उप-मंडल ने तीन स्मारकों के पास बिना अनुमति निर्माण कराए जाने पर उसे रुकवाने के लिए एफआईआर दर्ज कराई है। संरक्षित स्मारक दिल्ली गेट के विनियमित क्षेत्र में उत्तर दिशा में साइंटिफिक पैथोलॉजी के भवन के ऊपरी तल पर बिना अनुमति के लोहे के पिलर लगाकर निर्माण कराने पर अशोक शर्मा के खिलाफ थाना हरीपर्वत में एफआईआर कराई गई है।
सिकंदरा स्मारक के पश्चिम की ओर हो रहा अवैध निर्माण
संरक्षित स्मारक सिकंदरा के पश्चिमी दिशा में बिना अनुमति के अनाधिकृत मकान बनाने पर एएसआई ने गायत्री विहार कालोनी बाईंपुर रोड निवासी प्रमोद, विनोद, कुमोद, आमोद के खिलाफ थाना सिकंदरा में शिकायत दी है। वहीं, ढाकरी का महल के विनियमित क्षेत्र में पूर्वी-उत्तरी दिशा में बिना अनुमति के दुकानों का नवनिर्माण कराने पर सुनील के खिलाफ थाना जगदीशपुरा में शिकायत की है।
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि स्मारकों के पास अवैध निर्माण की एफआईआर पुलिस थाने में कराई गई है। उन्हें रुकवाने या ध्वस्त करने का अधिकार हमारे पास नहीं है। प्रशासन के स्तर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी है।
दो साल की सजा, एक लाख जुर्माना का प्रावधान
प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) अधिनियम, 2010 की धारा 20 (क) के अनुसार संरक्षित क्षेत्र या स्मारक की सीमा से सभी दिशाओं में 100 मीटर तक और 200 मीटर की दूरी तक के विनियमित क्षेत्र में सक्षम अधिकारी से अनुमति लेकर काम कराया जा सकता है। एएसआई एक्ट में सक्षम अधिकारी मंडलायुक्त हैं। नियमों के उल्लंघन पर दो वर्ष तक की सजा या एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है।