फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   As soon as data is stored on U-Dies, frauds started coming to the fore.

Agra News: यू डायस पर डाटा संग्रहित होते ही सामने आने लगे फर्जीवाड़े

Fri, 02 Jun 2023 11:50 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Updated Fri, 02 Jun 2023 11:50 PM IST
विज्ञापन
As soon as data is stored on U-Dies, frauds started coming to the fore.
कासगंज। शासन से कक्षा एक से बारह तक के बच्चों के प्रवेश के समय आधार कार्ड की अनिवार्यता कर दी गई है, इससे फर्जीवाड़े सामने आने लगें हैं। विद्यालयों में छात्र संख्या में की जाने वाली हेराफेरी का भी खुलासा यू डायस पर डाटा संग्रहित होेेते ही सामने आने लगा है। इसका अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि यूएस डायस पर डाटा संग्रहित होने पर कई मान्यता प्राप्त विद्यालयों में छात्रों की संख्या घट गई है। इससे इन विद्यालयों की मान्यता पर खतरा मंडराने लगा है। जिले में बड़ी संख्या में ऐसे मान्यता प्राप्त विद्यालयों का संचालन हो रहा है, जिसमें बच्चों की संख्या काफी है। लेकिन स्कूल संचालक अभिलेखों में हेराफेरी कर विद्यालयों में छात्रों की फर्जी संख्या दिखाते हैं, ताकि उनके विद्यालय की मान्यता बरकरार रहे और आरटीई के तहत शासन से मिलने वाली सुविधा का भी वो लाभ लेते रहते। लेकिन यू डायस लागू होने के बाद अब स्कूलों के ये खेल खुलने लगे हैं। शासन से एक से 12 वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्रों का आधार कार्ड प्रवेश के समय अनिवार्य कर दिया है। एडमीशन होने के साथ ही छात्रों का विवरण अब यू डायस पर होने लग रहा। जैसे ही छात्रों का विवरण अपलोड हो रहा, पता चल जा रहा कि विद्यालय में कितने छात्र है। यदि उनका नामांकन किसी अन्य विद्यालय में है तो यू डायस उसे शो करने लग रहा।
विज्ञापन

इस नई व्यवस्था से स्कूल संचालकों में खलबली मची हुई है। जिन स्कूलों में पहले बच्चों की अच्छी खासी संख्या दिखाई जाती रही है अब उनमें पढ़ने वाले बच्चों के लाले नजर आ रहे हैं। कुछ स्कूल तो ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें वर्ष 2022-23 के डाटा में 2 से लेकर 10 बच्चे ही दर्शाए गए हैं। जिन स्कूलों में पिछले साल से कम संख्या में बच्चों का डाटा भेजा गया है विभाग ने उनको दो दिन में डाटा भेजने का समय भी दिया है, लेकिन सवाल यह उठता है कि जो स्कूल तीन माह में बच्चों का डाटा उपलब्ध नहीं करा सके वे दो दिन में बच्चे कहां से लाएंगे। स्कूलों को मान्यता का संचालन करने के लिए कम से कम 100 बच्चों की आवश्यकता हाेती है।
विज्ञापन



जिन स्कूलों ने बच्चों की संख्या कम दिखाई है उनको दो दिन का समय डाटा देने के लिए दिया गया है। इसके बाद इनकी मान्यता प्रत्याहरण व प्राथमिकी दर्ज की कार्रवाई भी की जाएगी- राजीव यादव, बीएसए
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed