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Agra University: आगरा विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में व्यवस्थाएं फेल, सचल दल भी नहीं कर रहे जांच
Mon, 25 Nov 2024 06:30 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 25 Nov 2024 06:30 AM IST
सार
आगरा विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा में व्यवस्थाएं फेल नजर आ रही हैं। महज तीन दिन की परीक्षा में केंद्र बदलने, प्रवेशपत्रों में गड़बड़ी और कमी की शिकायतें मिल रही हैं।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
- फोटो : संवाद
विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन सेमेस्टर परीक्षा कराने में फेल साबित हुआ है। अधूरी तैयारी के बीच परीक्षा कराने से छात्रों को दिक्कतें हो रही हैं। इसी के चलते चंद घंटों में केंद्र बदलने, प्रवेशपत्रों में गड़बड़ी मिल रही है। यहां तक कि 50 से अधिक विषयों की परीक्षा हो गई, सचल दल भी जांच करने नहीं निकला।
बीए, बीएससी, बीकॉम के प्रथम, तृतीय, पंचम सेमेस्टर और एमए, एमएससी, एमकॉम के प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 21 नवंबर से शुरू हुईं। 286 केंद्रों पर करीब 2.80 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा से ऐनवक्त पर केंद्रों की सूची जारी करने और आपत्तियां नहीं सुनने से दिक्कत बढ़ गई हैं। राजनैतिक दखल बढ़ने से स्थिति और बदहाल हो गई, इसके चलते ही केंद्र बदलने पर हंगामा भी हुआ। आनन-फानन में परीक्षा शुरू होने के कारण छात्रों के प्रवेशपत्र में गड़बड़ी, केंद्रों पर प्रश्नपत्रों कम पड़ने की समस्याएं हुईं।
परीक्षा शुरू हुए तीन दिन बीत गए, लेकिन सचल दल ने किसी भी केंद्र पर जांच करने की जरूरत नहीं समझी। यहां तक कि नियंत्रण कक्ष में कई केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे बंद होने, संदिग्ध गतिविधि भी देखी है। सचल दल के निरीक्षण करने नहीं आने पर केंद्र संचालकों में भी खौफ नहीं हैं।
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परीक्षा केंद्र बनाने में भी खेल
डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि परीक्षा केंद्र गुपचुप बना दिए, इनके नाम पूर्व में सार्वजनिक नहीं किए, राजनैतिक दबाव में केंद्र बनाए और हटाए जा रहे हैं। इसमें भी खेल हो रहा है। सचल दल भी जांच करने नहीं जा रहे हैं, इससे साफ है कि शिक्षा माफिया और राजनैतिक लोगों के आगे विश्वविद्यालय प्रशासन नतमस्तक है।
चार सचल दल बनाए, आपत्तियों पर बदलते हैं केंद्र
परीक्षा नियंत्रक डाॅ. ओमप्रकाश का कहना है कि परीक्षा के लिए चार सचल दल बनाए हैं। इनके प्रभारी भी नियुक्त कर दिए हैं। जरूरत पर एक प्रभारी दो सचल दल और बना सकते हैं। केंद्रों पर आपत्तियां आने के कारण बदलने पड़ रहे हैं। शुरू में कुछ दिक्कत रही, अब सामान्य रूप से परीक्षाओं का संचालन हो रहा है।
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बीए, बीएससी, बीकॉम के प्रथम, तृतीय, पंचम सेमेस्टर और एमए, एमएससी, एमकॉम के प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की परीक्षाएं 21 नवंबर से शुरू हुईं। 286 केंद्रों पर करीब 2.80 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा से ऐनवक्त पर केंद्रों की सूची जारी करने और आपत्तियां नहीं सुनने से दिक्कत बढ़ गई हैं। राजनैतिक दखल बढ़ने से स्थिति और बदहाल हो गई, इसके चलते ही केंद्र बदलने पर हंगामा भी हुआ। आनन-फानन में परीक्षा शुरू होने के कारण छात्रों के प्रवेशपत्र में गड़बड़ी, केंद्रों पर प्रश्नपत्रों कम पड़ने की समस्याएं हुईं।
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परीक्षा शुरू हुए तीन दिन बीत गए, लेकिन सचल दल ने किसी भी केंद्र पर जांच करने की जरूरत नहीं समझी। यहां तक कि नियंत्रण कक्ष में कई केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे बंद होने, संदिग्ध गतिविधि भी देखी है। सचल दल के निरीक्षण करने नहीं आने पर केंद्र संचालकों में भी खौफ नहीं हैं।
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परीक्षा केंद्र बनाने में भी खेल
डाॅ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो. पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि परीक्षा केंद्र गुपचुप बना दिए, इनके नाम पूर्व में सार्वजनिक नहीं किए, राजनैतिक दबाव में केंद्र बनाए और हटाए जा रहे हैं। इसमें भी खेल हो रहा है। सचल दल भी जांच करने नहीं जा रहे हैं, इससे साफ है कि शिक्षा माफिया और राजनैतिक लोगों के आगे विश्वविद्यालय प्रशासन नतमस्तक है।
चार सचल दल बनाए, आपत्तियों पर बदलते हैं केंद्र
परीक्षा नियंत्रक डाॅ. ओमप्रकाश का कहना है कि परीक्षा के लिए चार सचल दल बनाए हैं। इनके प्रभारी भी नियुक्त कर दिए हैं। जरूरत पर एक प्रभारी दो सचल दल और बना सकते हैं। केंद्रों पर आपत्तियां आने के कारण बदलने पड़ रहे हैं। शुरू में कुछ दिक्कत रही, अब सामान्य रूप से परीक्षाओं का संचालन हो रहा है।