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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स: जन प्रतिनिधियों से खासी नाराज हैं कासगंज की महिलाएं
Tue, 02 Apr 2019 02:19 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 02 Apr 2019 02:19 PM IST
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अपराजिता के कार्यक्रम में महिलाएं
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कासगंज की स्टेट बैंक कॉलोनी में अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत फोकस ग्रुप आयोजित किया गया। इसमें महिलाओं ने जन समस्या उठाते हुए जन प्रतिनिधियों की उदासीनता पर असंतोष जताया। महिलाओं ने लचर स्वास्थ्य सेवाओं और शहर में गंदगी की समस्या को लेकर महिलाएं आहत नजर आईं।
जन समस्याओं पर चर्चा करते हुए शालिनी गोयल ने कहा कि जन प्रतिनिधियों का ध्यान समस्याओं के निदान पर रहना चाहिए। चुनावों के समय तो उन्हें अपने तमाम वादे याद आते हैं, लेकिन चुनाव होते ही ये वादे हवा में उड़ जाते हैं। भावना जैन ने शहर के बाजारों में जाम और अतिक्रमण की समस्या उठाई।
उनका कहना था कि बाजार में काफी भीड़ रहती है, जाम लगा रहता है। स्कूल आने जाने वाले बच्चे परेशान होते हैं। संगीता अग्रवाल और रीनू वार्ष्णेय ने बंदरों के आतंक की समस्या उठाई। महिलाओं ने कहा कि बंदरों का आतंक इतना बढ़ा हुआ है कि गलियों में बच्चों और महिलाओं का निकलना दूबर हो गया है।
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ममता माहेश्वरी, रेनू गुप्ता ने कहा कि बाजार में ई-रिक्शा संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें न हों। अर्चना अग्रवाल और अर्चना गर्ग ने भी चिकित्सा की व्यवस्था सुदृढ़ न होने पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस बड़ी समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
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जन समस्याओं पर चर्चा करते हुए शालिनी गोयल ने कहा कि जन प्रतिनिधियों का ध्यान समस्याओं के निदान पर रहना चाहिए। चुनावों के समय तो उन्हें अपने तमाम वादे याद आते हैं, लेकिन चुनाव होते ही ये वादे हवा में उड़ जाते हैं। भावना जैन ने शहर के बाजारों में जाम और अतिक्रमण की समस्या उठाई।
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उनका कहना था कि बाजार में काफी भीड़ रहती है, जाम लगा रहता है। स्कूल आने जाने वाले बच्चे परेशान होते हैं। संगीता अग्रवाल और रीनू वार्ष्णेय ने बंदरों के आतंक की समस्या उठाई। महिलाओं ने कहा कि बंदरों का आतंक इतना बढ़ा हुआ है कि गलियों में बच्चों और महिलाओं का निकलना दूबर हो गया है।
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ममता माहेश्वरी, रेनू गुप्ता ने कहा कि बाजार में ई-रिक्शा संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें न हों। अर्चना अग्रवाल और अर्चना गर्ग ने भी चिकित्सा की व्यवस्था सुदृढ़ न होने पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को इस बड़ी समस्या पर ध्यान देना चाहिए।