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लापरवाही: अपार आईडी में स्कूलों की सुस्ती, एक महीने में सिर्फ 60% बढ़ा आंकड़ा; स्कूलों को दो दिन का अल्टीमेटम

Sat, 29 Aug 2026 11:20 AM IST
Dhirendra Singh संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Sat, 29 Aug 2026 11:20 AM IST
सार

आगरा में विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने की रफ्तार बेहद धीमी है और एक महीने में आंकड़ा सिर्फ 54 से बढ़कर 60 प्रतिशत हुआ है। सबसे ज्यादा लंबित काम वाले 129 स्कूलों को दो दिन में सुधार का अल्टीमेटम दिया गया है, वरना यू-डायस बंद करने और मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई हो सकती है।

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APAAR ID Progress Sluggish in Agra Schools Only 6 Percent Rise in a Month
अपार आईडी। - फोटो : amar ujala

विस्तार

विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की सख्ती के बावजूद स्कूलों की सुस्ती कम नहीं हो रही है। एक महीने पहले जिले में 54 प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी बनी थी, जो अब बढ़कर सिर्फ 60 प्रतिशत तक पहुंची है। यानी एक महीने में महज छह प्रतिशत की प्रगति हुई है।
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सबसे अधिक लापरवाही वाले 129 स्कूलों को बीएसए ने दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। इन विद्यालयों में अपार आईडी का काम सबसे अधिक लंबित है। बीएसए की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि दो दिनों में लंबित कार्य पूरा नहीं हुआ तो संबंधित विद्यालय का यू-डायस बंद करने के साथ मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।
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413 विद्यार्थियों में सिर्फ 4 की आईडी
विभागीय आंकड़ों में कई स्कूलों की स्थिति बेहद खराब सामने आई है। ताजगंज के रोज पब्लिक स्कूल में 413 विद्यार्थियों में सिर्फ 4 की अपार आईडी बनी हुई है। श्री के प्रसाद मैमोरियल जू. हाईस्कूल पंचकुइयां में 274 विद्यार्थियों में केवल 4 की आईडी बन सकी है। वहीं, सेंट पॉल चर्च स्कूल सिकंदरा के 393 विद्यार्थियों में महज 8 की आईडी तैयार हुई है। ऐसे ही 129 विद्यालयों को विभाग ने सर्वाधिक पेंडेंसी वाले स्कूलों की सूची में शामिल किया है।
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क्यों जरूरी है अपार आईडी
अपार आईडी विद्यार्थियों की स्थायी शैक्षणिक पहचान के रूप में काम करती है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने और विभिन्न शैक्षणिक सुविधाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में आईडी बनाने में हो रही देरी सीधे विद्यार्थियों के डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।


बीएसए डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि दो दिन के अल्टीमेटम के बाद अब विभाग की कार्रवाई पर नजर है। यदि निर्धारित समय में 129 स्कूलों ने लंबित कार्य पूरा नहीं किया तो यू-डायस बंद करने और मान्यता प्रत्याहरण जैसी कार्रवाई की जा सकती है। 


 
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