फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Antiquities found in excavations of the Harappan civilization to the brick kilns

ईंट भट्टे के लिए खोदाई में निकले हड़प्पा सभ्यता के पुरावशेष

Sat, 21 May 2016 01:22 AM IST
अमर उजाला आगरा
अमर उजाला आगरा Updated Sat, 21 May 2016 01:22 AM IST
विज्ञापन
Antiquities found in excavations of the Harappan civilization to the brick kilns
हड़प्पा सभ्यता - फोटो : Amar Ujala
चार हजार साल पुराने मृदभांड की जांच के लिए आगरा से पहुंची एएसआई टीम
विज्ञापन

तीन फुट खोदाई के बाद पता चला पूरे 4 एकड़ क्षेत्र में बिखरे पड़े हैं मृदभांड

ईंट भट्टे के लिए मिट्टी निकालने को खोदाई की, लेकिन जमीन के नीचे मिल गया इतिहास का खजाना। सहारनपुर के गांव सकतपुर में हड़प्पा सभ्यता की तांबे की कुल्हाड़ी और मृदभांड मिले हैं। आगरा सर्किल के एएसआई अधिकारियों की टीम चार एकड़ में फैले इस क्षेत्र से 4 हजार साल पहले के पुरावशेषों को एकत्र कर आगरा ले आई है, जहां इनकी सफाई करके जांच की जा रही है।

हड़प्पा संस्कृति के पुरावशेष यूं तो सहारनपुर के गांव हुलास, बाड़गांव, नसीरपुर और अंबाखेड़ी में मिल चुके हैं, लेकिन यह पहला मौका है, जब यमुना किनारे की जगह सहारनपुर के दक्षिणी हिस्से में मौजूद तहसील रामपुर मनिहारन के गांव सकतपुर में तांबे की कुल्हाड़ी के साथ चार हजार साल पुराने मृदभांड मिले हों।  सकतपुर में हड़प्पा कालीन पुरावशेष मिलना एएसआई अधिकारियों को भी चौंका रहा है। दरअसल, हड़प्पा कालीन सभ्यता में पहले मेरठ के आलमगीर स्थान को छोर माना गया था, लेकिन सहारनपुर में हुलास और बाड़गांव में मृदभांड मिलने के बाद दक्षिणी छोर पर मौजूद गांव में ताम्रयुग की कुठार मिलना एएसआई को आगे की खोज के लिए रास्ता दिखा रही है। सहारनपुर प्रशासन के पत्र के बाद आगरा सर्किल के अधिकारी सहायक पुरातत्वविद डा. आरके सिंह और अर्खित प्रधान की टीम सकतपुर जाकर मृदभांड और ताम्र कुठार आगरा ले आई है। सर्किल आफिस में पुरावशेषों की सफाई कर जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि हड़प्पा संस्कृति के कई और महत्वपूर्ण प्रमाण इस साइट पर उत्खनन से मिल सकते हैं।
विज्ञापन


‘यहां बड़े हिस्से में उत्तर हड़प्पाकालीन मृदभांड और तांबे की कुठार मिली है। हमारी टीम उन अवशेषों की जांच कर रही है। क्षेत्र का उत्खनन करना है या नहीं, इस पर आगे निर्देशों के बाद ही कार्रवाई की जाएगी’
विज्ञापन
विज्ञापन

डा. भुवन विक्रम
अधीक्षण पुरातत्वविद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed