फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   antibodies found in many people even after 365 days of vaccination in Agra

Coronavirus: आगरा में टीके से वायरस का निकला दम, 365 दिन बाद भी लोगों में मिली एंटीबॉडी

Thu, 09 Jun 2022 04:11 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 09 Jun 2022 04:11 PM IST
सार

मार्च 2022 तक जिले में 4058 लोगों ने एंटीबॉडी की जांच कराई। इनमें 150 से 15 हजार यूनिट/एमएल तक एंटीबॉडी मिली। इन लोगों का टीकाकरण एक साल पहले हो चुका है। 

विज्ञापन
antibodies found in many people even after 365 days of vaccination in Agra
आगरा में टीकाकरण

विस्तार

आगरा में टीके ने कोरोना वायरस का दम निकाल दिया। टीकाकरण करवाने वालों के शरीर में 365 दिन बाद भी वायरस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बनी हुई है। इनमें संक्रमित हुए और टीका लगवाने वालों में 15 हजार यूनिट/एमएल तक एंटीबॉडी मिली है। एसएन मेडिकल कॉलेज में अब तक 4058 लोगों की एंटीबॉडी की जांच हो चुकी है।

विज्ञापन


एसएन मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन ट्रांसफ्यूजन विभागाध्यक्ष डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि 16 जनवरी 2020 से टीकाकरण शुरू हुआ। मार्च 2022 तक जिले में 4058 लोगों ने एंटीबॉडी की जांच कराई। इनमें 150 से 15 हजार यूनिट/एमएल तक एंटीबॉडी मिली। इनमें से 186 लोगों की एक साल तक 28वें दिन, 56वें दिन, 90वें दिन, 180वें दिन, 300 वें दिन और 365 वें दिन रक्त का नमूना लेकर एंटीबॉडी की जांच की। 
विज्ञापन


इनमें 80 मरीजों में 132 यूनिट/एमएल से कम एंटीबॉडी मिली। मानक के अनुसार एंटीबॉडी 132 यूनिट/एमएल से अधिक होनी चाहिए। बाकी के मरीजों में भरपूर एंटीबाडी की पुष्टि हुई। कोरोना से संक्रमित हुए और टीके की दोनों खुराक लगवाने वालों में एंटीबॉडी पांच से 15 हजार यूनिट/एमएल तक एंटीबॉडी मिलीं। दो मरीजों में 25 हजार यूनिट/एमएल पाई गईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

186 लोगों की साल में एंटीबॉडी की यह रही स्थिति: 

  • 80 लोगों में 20-132 यूनिट/एमएल 
  • 25 लोगों में 150-1000 यूनिट/एमएल 
  • 38 लोगों में 1000-5000 यूनिट/एमएल 
  • 41 लोगों में 5000-15 हजार यूनिट/एमएल 
  • 02: लोगों में 15 से 25 हजार यूनिट/एमएल 

टीकाकरण से तीसरी लहर रही बेअसर

सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर में वायरस सीधे फेफड़ों को संक्रमित कर रहा था। इसके बाद लोग टीके का महत्व समझे और टीकाकरण 80 फीसदी तक बढ़ गया। नतीजतन तीसरी लहर बेअसर साबित हुई। 40 फीसदी मरीजों में कोई लक्षण नहीं थे, बाकी को हल्का बुखार, खांसी, खराश की परेशानी रही। एसएन में भर्ती हुए करीब 48 मरीज वह रहे, जिनको कैंसर, टीबी, हृदय रोग, लकवा समेत अन्य गंभीर बीमारियां थीं। 

एहतियातन बूस्टर डोज भी लगवा लें लोग

जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि 12 साल से अधिक उम्र के करीब 35 लाख की आबादी है, जिनको 95 फीसदी से अधिक पहली डोज लग गई है। 50 फीसदी से अधिक का दोनों डोज लगने से पूर्ण टीकाकरण हो गया है। सरकार ने एहतियातन तीसरी डोज भी लगवा रही है। इसमें बुजुर्ग, स्वास्थ्य-फ्रंटलाइन कर्मचारियों को निशुल्क और बाकी को 375 रुपये में निजी अस्पतालों में बूस्टर डोज लगवा सकते हैं

ये करें

दूसरी डोज लगने के नौ महीने पूरे होने पर बूस्टर डोज लगवाएं।
भीड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनें, खाने-पीने से पहले हाथों को साफ करें।
अनावश्यक रूप से अस्पतालों में जाने से बचें। पौष्टिक आहार खाएं।
संक्रमण से ठीक हुए लोग योग और फेफड़ों की व्यायाम करें।
12 साल से अधिक उम्र को कोई सदस्य टीके से वंचित हैं तो वैक्सीन लगवाएं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed