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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में एक सितंबर से शुरू होगा एंटी कोरोना वैक्सीन का ट्रायल
Sat, 15 Aug 2020 12:08 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 15 Aug 2020 12:08 AM IST
सार
- पहले 15 अगस्त दी थी तिथि, आईसीएमआर ने बढ़ाई, अभी तक 13 लोगों ने ट्रायल के लिए कराया है पंजीकरण
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Coronavirus Vaccine News: प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay/Amar Ujala
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विस्तार
आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) में एंटी कोरोना वायरस वैक्सीन का ट्रायल अब एक सितंबर से शुरू होगा। पहले यह वैक्सीन 15 अगस्त से लगाई जानी थी। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च सेंटर (आईसीएमआर) ने तिथि आगे बढ़ा दी है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज में अभी तक वैक्सीन के लिए 13 लोगों ने पंजीकरण कराया है। आईसीएमआर ने इनके क्लीनिकल जांच कराने का निर्देश मिलने के बाद एथिकल कमेटी ने लोगों को तय समय देकर इनको जांच के लिए बुलाना शुरू कर दिया है।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि अब वैक्सीन का ट्रायल एक सितंबर से शुरू होगा। 18 से 55 साल की उम्र के स्वस्थ लोग वैक्सीन का ट्रायल में शामिल होना चाहते हैं, वो एसएन मेडिकल कॉलेज में संपर्क कर सकते हैं।
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कोवैक्सीन है नाम
एंटी कोरोना वायरस वैक्सीन का नाम कोवैक्सीन है। इसे भारत बायोटेक कंपनी ने तैयार किया है। इसका पहले चरण में 20 से 25 शहरों में शुरुआत हो चुकी है। आगरा में इसका दूसरे चरण में होगा। स्वस्थ लोगों को पहली डोज देने के बाद 14वें दिन दूसरी डोज दी जाएगी।
विशेषज्ञों की टीम इसकी हृदय, किडनी, लिवर समेत अन्य अंग और रक्त की भी जांच की जाएगी, जिससे वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति पर साइड इफेक्ट का पता लगाया जा सके। साल भर तक यह मॉनीटरिंग चलेगी।
विशेषज्ञों की टीम इसकी हृदय, किडनी, लिवर समेत अन्य अंग और रक्त की भी जांच की जाएगी, जिससे वैक्सीन लगवाने वाले व्यक्ति पर साइड इफेक्ट का पता लगाया जा सके। साल भर तक यह मॉनीटरिंग चलेगी।
चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ को नहीं लगेगी वैक्सीन
आईसीएमआर की नई गाइड लाइन के मुताबिक अस्पताल कर्मचारी, चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ को अभी एंटी कोरोना वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। इसकी वजह है कि हो सकता है इनमें कोई कोरोना संक्रमित हुआ हो और स्वत: ही ठीक हो गया हो।
इससे उसके शरीर में एंटीबॉडीज बन गई होंगी। ऐसा होने पर वैक्सीन का ट्रायल प्रभावी नहीं होगा। पहले ऐसी कोई गाइड लाइन नहीं थी, जिसके चलते 240 स्वास्थ्यकर्मी वैक्सीन ट्रायल में शामिल होने को राजी हुए थे।
आईसीएमआर की नई गाइड लाइन के मुताबिक अस्पताल कर्मचारी, चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ को अभी एंटी कोरोना वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। इसकी वजह है कि हो सकता है इनमें कोई कोरोना संक्रमित हुआ हो और स्वत: ही ठीक हो गया हो।
इससे उसके शरीर में एंटीबॉडीज बन गई होंगी। ऐसा होने पर वैक्सीन का ट्रायल प्रभावी नहीं होगा। पहले ऐसी कोई गाइड लाइन नहीं थी, जिसके चलते 240 स्वास्थ्यकर्मी वैक्सीन ट्रायल में शामिल होने को राजी हुए थे।