Firozabad: चचेरे भाई की बेटियों ने की ऐसी हरकत, गुस्से में आए युवक ने उठाया खौफनाक कदम, दर्दनाक मौत
छोटी बच्चियों की शरारत से क्षुब्द युवक ने खौफनाक कदम उठाया। युवक की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में युवक ने फंदे पर लटक कर जान दे दी। बताया गया है कि चचेरे भाई की बेटियों ने उसे अपशब्द कहकर चिढ़ा दिया था। इसी बात से गुस्से में आए युवक ने आत्महत्या कर ली। परिवारीजनों ने जब युवक का शव फंदे पर लटका देखा तो उनके होश उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को पंखे से नीचे उतारने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
शिकोहाबाद के मोहल्ला मीरखलील निवासी अमित कुमार प्रजापति (22) अपनी मां और छोटे भाई सुमित के साथ रहता था। उसी मकान में उसका चचेरा भाई बंटू का भी परिवार रहता है। बीती रात 9 बजे के करीब अमित घर पहुंचा, तो उसका भाई सुमित से विवाद हो गया था। इसके बाद उसके चचेरे भाई बंटू की पत्नी से भी कुछ कहा सुनी हो गई। इस दौरान बंटू की बेटियों ने भी उसे अपशब्द कहकर चिढ़ाया।
बताया गया है कि इस विवाद के बाद अमित कमरे में गया और अंदर से कुंडी लगा ली। कमरे में उसने पंखे से रस्सी बांधकर फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। युवक को फंदे पर लटका देख परिवार में चीख पुकार मच गई। सूचना पर थाना पुलिस पहुंची और कमरे का दरवाजा तोड़ कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि युवक नशे का लती था। बीती रात भी वह शराब पीकर घर पहुंचा तो परिवार में उसका विवाद हो गया। इसके बाद उसने फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। मृतक के भाई की तहरीर पर पोस्टमार्टम कराया गया है।
बच्चियों के चिढ़ाने से हो गया था क्षुब्ध
मृतक की ममेरी बहन अर्चना ने बताया कि अमित को उसके चेचेरे भाई बंटू की लड़कियां उल्टा सीधा बोलती थीं। उससे अभद्र शब्द बोलकर चिढ़ातीं रहती थीं। जब उसने इसका विरोध किया तो बंटू और उसकी पत्नी ने उससे उल्टा सीधा कहा। इसके बाद भाई से हुए विवाद के बाद उसने आत्महत्या कर ली है। अर्चना का आरोप है कि घटना के बाद से ही बंटू अपनी बच्चियों को लेकर भाग गया है।
जमीन पर लिखा मैं आत्महत्या कर रहा हूं...
मृतक अमित ने फंदा लगाने से पहले जमीन पर खड़िया से लिखा कि 'मैं आत्महत्या कर रहा हूं।' जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो जमीन पर खड़िया से लिखे शब्दों को देख कर हैरान रह गई। उधर जब अमित घर पर पहुंचा और विवाद के बाद कमरा बंद कर लिया तो मां सुनीता उसे खाने के लिए बुलाती रही, लेकिन उसने मां की एक भी नहीं सुनी। बिना खाना घाए ही उसने मौत को गले लगा लिया। पति की मौत के दो साल बाद बड़े बेटे द्वारा उठाये गये कदम से मां स्तब्ध है।