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लापरवाही: आगरा में 18 महीने से खाली पड़े हैं आंगनबाड़ी केंद्र, बच्चों की देखभाल जगह हो रहा ये काम
Thu, 07 Oct 2021 12:12 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 07 Oct 2021 12:12 PM IST
सार
आगरा में कोरोना से खाली हुए आंगनबाड़ी केंद्र 18 महीने बाद भी दोबारा नहीं भर सके हैं। शिक्षण कार्य पटरी पर नहीं लौटा। सप्ताह में दो दिन केंद्र खोलने के आदेश के बावजूद केंद्रों पर ताले लटके हुए हैं। नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग हो चुकी है, लेकिन बाल विकास एवं शिक्षा विभाग में समन्वय न होने से शिक्षण कार्य अधर में लटका है।
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आंगनबाड़ी केंद्र
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा जिले में तीन हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में 1.25 लाख बच्चे हैं। फरवरी 2020 से स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र भी खाली हो गए। दोबारा स्कूल तो खुल गए, लेकिन आंगनबाड़ी केंद्रों में रौनक नहीं लौटी। इन केंद्रों को बेसिक शिक्षा विभाग के साथ जोड़ने के लिए जुलाई 2021 में ट्रेनिंग हो चुकी है, लेकिन पढ़ाई शुरू नहीं हुई।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की देखभाल की जगह संचारी रोग, बीएलओ ड्यूटी, निगरानी समिति आदि काम लिए जा रहे हैं। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों का पुष्टाहार वितरण भी पूरा नहीं हो सका है।
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शेखपुरा के गढ़ी सक्कन में केंद्र बंद
शेखपुरा गांव के गढ़ी सक्कन में आंगनबाड़ी केंद्र महीनों से बंद पड़ा है। प्रधान ममता देवी ने बताया कि केंद्र बंद होने की जानकारी नहीं है। ग्रामीण राजवती ने बताया कि केंद्र कब खुला था ये भी अब याद नहीं। बच्चे घर पर हैं। पुष्टाहार भी नहीं मिला।
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'गड्ढे के किनारे बना है केंद्र'
फतेहाबाद के मीट पुरा गांव का आंगनबाड़ी केंद्र बिहारीपुरा में एक गड्ढे के किनारे बना है। गड्ढे में पानी भर जाता है। केंद्र को मड़ैया स्थित स्कूल में संचालित करना पड़ रहा है। प्रधान रामदेव ने कहा कि पिछले कार्यकाल में इसका निर्माण कराया था। तालाब के पानी को निकाला जाएगा। जल्द केंद्र दोबारा शुरू होगा।
'दो महीने पहले हुई ट्रेनिंग'
जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब सिंह यादव ने कहा कि दो महीने पहले शिक्षा विभाग ने ट्रेनिंग कराई थी। उसके बाद कुछ नहीं हुआ। समन्वय स्थापित किया जा रहा है। सप्ताह में दो दिन केंद्र खोलने के आदेश हैं।
'अधिकारियों से लेंगे रिपोर्ट'
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ए. मनिकन्डन ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बेसिक शिक्षा देने का प्रावधान है। कोरोना के कारण कार्य प्रभावित हुए हैं। शिक्षा विभाग व कार्यक्रम विभाग के अधिकारयों से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
फतेहाबाद के मीट पुरा गांव का आंगनबाड़ी केंद्र बिहारीपुरा में एक गड्ढे के किनारे बना है। गड्ढे में पानी भर जाता है। केंद्र को मड़ैया स्थित स्कूल में संचालित करना पड़ रहा है। प्रधान रामदेव ने कहा कि पिछले कार्यकाल में इसका निर्माण कराया था। तालाब के पानी को निकाला जाएगा। जल्द केंद्र दोबारा शुरू होगा।
'दो महीने पहले हुई ट्रेनिंग'
जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब सिंह यादव ने कहा कि दो महीने पहले शिक्षा विभाग ने ट्रेनिंग कराई थी। उसके बाद कुछ नहीं हुआ। समन्वय स्थापित किया जा रहा है। सप्ताह में दो दिन केंद्र खोलने के आदेश हैं।
'अधिकारियों से लेंगे रिपोर्ट'
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ए. मनिकन्डन ने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बेसिक शिक्षा देने का प्रावधान है। कोरोना के कारण कार्य प्रभावित हुए हैं। शिक्षा विभाग व कार्यक्रम विभाग के अधिकारयों से रिपोर्ट मांगी जाएगी।