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वृंदावन के प्राचीन गोविंद देव मंदिर के पट खुले, श्रद्धालुओं ने छह माह बाद किए ठाकुरजी के दर्शन
Tue, 22 Sep 2020 12:21 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 22 Sep 2020 12:21 AM IST
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गोविंद देव मंदिर वृंदावन
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना काल में छह माह बाद तीर्थनगरी वृंदावन के सबसे प्राचीन मंदिरों में शामिल ठाकुर गोविंद देव मंदिर के पट खोल दिए गए। सोमवार को आम भक्तों को मंदिर में दर्शन करने की अनुमति प्रदान की गई। पहले दिन लगभग 60 श्रद्धालुओं ने मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन किए।
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वृंदावन में प्राचीन गोविंद देव मंदिर अपनी वास्तुकला और खूबसूरती के लिए प्रख्यात है। वृंदावन के सबसे प्राचीन मंदिर में शामिल होने के कारण इसकी देखरेख भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन है।
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विभागीय आदेश मिलने के बाद मंदिर के पट सोमवार को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सेवायत सुमित गोस्वामी ने बताया कि पहले दिन करीब 50-60 लोगों ने दर्शन किए। सुबह 8 से 11 बजे तक तथा शाम 5 से रात 8 बजे तक श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे।
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औरंगजेब ने गिरवा दी थी मंदिर की 4 मंजिल
गोविंद देव का यह मंदिर जयपुर के राजा मान सिंह ने 1590 में बनवाया था। यह मंदिर सात मंजिला था और एक बड़ा सा दीपक बनवाया गया था। यहां रोजाना 50 किलो देशी घी से दीपक जलाए जाते थे।
लोगों का मानना है कि मुगल शासक औरंगजेब की बुरी नजर इस मंदिर पर पड़ गई थी। उसने मंदिर की चार मंजिल गिरवा दी थी। ठाकुर जी की प्रतिमा को बचाने के लिए यहां से ले जाया गया। इसके बाद लंबे अर्से तक यहां कोई भी मूर्ति स्थापित नहीं हो सकी।
श्रीरंगनाथ मंदिर खोलने का आग्रह
तीर्थनगरी में ब्राह्मण महासभा एवं तीर्थ पुरोहित पंडा सभा के पदाधिकारियों ने प्रमुख मंदिर संचालकों से नियमों के अनुशासन में मंदिर खोलने के लिए आग्रह करने की पहल की है। प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को ठाकुर श्रीरंगनाथ मंदिर की सीईओ अनघा श्रीनिवासन से मुलाकात की।
गोविंद देव का यह मंदिर जयपुर के राजा मान सिंह ने 1590 में बनवाया था। यह मंदिर सात मंजिला था और एक बड़ा सा दीपक बनवाया गया था। यहां रोजाना 50 किलो देशी घी से दीपक जलाए जाते थे।
लोगों का मानना है कि मुगल शासक औरंगजेब की बुरी नजर इस मंदिर पर पड़ गई थी। उसने मंदिर की चार मंजिल गिरवा दी थी। ठाकुर जी की प्रतिमा को बचाने के लिए यहां से ले जाया गया। इसके बाद लंबे अर्से तक यहां कोई भी मूर्ति स्थापित नहीं हो सकी।
श्रीरंगनाथ मंदिर खोलने का आग्रह
तीर्थनगरी में ब्राह्मण महासभा एवं तीर्थ पुरोहित पंडा सभा के पदाधिकारियों ने प्रमुख मंदिर संचालकों से नियमों के अनुशासन में मंदिर खोलने के लिए आग्रह करने की पहल की है। प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को ठाकुर श्रीरंगनाथ मंदिर की सीईओ अनघा श्रीनिवासन से मुलाकात की।