फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   amit is on stairs in SN Medical College since 10 days

विश्वास टूटा, आस टूटी, अब सांसों की बारी

Tue, 07 Jul 2015 02:25 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा Updated Tue, 07 Jul 2015 02:25 AM IST
विज्ञापन
amit is on stairs in SN Medical College since 10 days
धरती पर डाक्टर भगवान का रूप हैं। 35 साल के अमित ने यही पढ़ा-सुना था।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कालेज की चौखट पर आकर उसका यह विश्वास टूट गया। वह यहां घड़ी वाली बिल्डिंग की सीढ़ियों पर 10 दिन से बीमार हाल, लाचार पड़ा है। इलाज के लिए जिस डाक्टर को देखा गुहार लगाई, पर किसी का दिल नहीं पसीजा। हालत अब ऐसी है कि जुबां से बोल भी बमुश्किल फूट रहे।
11 दिन पहले की बात है। विजय नगर निवासी अमित के पैराें में तेज दर्द हुआ। खड़ा होना दूभर। जैसे-तैसे वह देर शाम इमरजेंसी पहुुंचा। कुछ दवा देकर उसी रात 11 बजे अमित से वार्ड खाली करा लिया गया। हालत खराब थी लेकिन कहा गया कि घड़ी वाली बिल्डिंग में शिफ्ट कर देंगे। वहां इलाज होगा। एंबुलेंस स्टाफ एक कदम आगे निकला। अकेले अमित को गेट पर ही छोड़ दिया। वह वार्ड तक छोड़ने को गिड़गिड़ाता ही रह गया। थक हार कर सोचा, चंद घंटे की बात है, सुबह कोई उसे वार्ड में शिफ्ट करा ही देगा। दस दिन से उसकी यह उम्मीद पूरी नहीं हुई। लापरवाही की हद देखिए, डाक्टर तक देखकर आगे बढ़ जाते। उसकी हालत बिगड़ती जा रही है। शरीर पीला पड़ चुका है। घाव हुआ। अब तो कीड़े पड़ने लगे हैं। सांस लेने में भी तकलीफ है। अमित ने बताया कि कुछ डाक्टरों ने तो यह कह दिया कि ऊपर चढ़ने में दिक्कत होगी, यहीं पड़े रहो।

बजट धांधली की जांच अभी अधूरी
गरीब और असहाय मरीजों के इलाज को प्रदेश सरकार ने कालेज के आम बजट से अलग 50 लाख रुपये दिए। खेल कुछ ऐसा कि बजट खत्म हो गया और पर्याप्त संख्या में गरीबों को इसका लाभ भी नहीं मिला। ‘अमर उजाला’ ने जब इस धांधली को उजागर किया तो जांच शुरू हुई। तीन महीने हो गए, जांच पूरी नहीं हुई है।

खून के रिश्ते भी पड़े कमजोर
अमित ने बताया कि पहले पिता विनोद बिहारी ने दम तोड़ा कुछ साल बाद मां ने। दोनों बड़े भाइयों ने भी अमित से दूरी बना ली। दोनों भाइयों आर्थिक स्थिति अच्छी है, कई बार फोन कर अपनी दशा भी बताई, लेकिन कोई नहीं आया।

कैसा भी मरीज हो, उसके उपचार के निर्देश हैं। अमित को भर्ती कर उसका इलाज कराया जाएगा। उसे भर्ती न जांच होगी  वाले स्टाफ की जांच भी कराई जाएगी। डा. अजय अग्रवाल, प्राचार्य
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed