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एंबुलेंस हुई खराब, दर्द से कराहती रही गर्भवती महिला
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इटावा रोड पर एंबुलेंस खराब होने के चलते दर्द से तड़पती महिला
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी/दन्नाहार। जिले में एंबुलेंस की हाल बदहाल हो चुकी है। कभी अस्पताल गेट के पास तो कभी बीच रास्ते में एंबुलेंस खराब हो रहीं हैं। चालक ने दूसरी एंबुलेंस के लिए कॉल की, लेकिन आधा घंटा बाद भी वह मौके पर नहीं पहुंची। इस बीच दर्द से कराह रही महिला की हालत बिगड़ती गई। इसके बाद परिजन महिला को प्राइवेट कार से अस्पताल लेकर आए। इसे बाद उसे भर्ती कराया गया।
दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव नगला सुम्मेर निवासी आलोक कुमार की 23 वर्षीय पत्नी शिप्रा को बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा होने लगी। परेशानी ज्यादा बढ़ी तो परिजनों ने 102 एंबुलेंस के लिए कॉल की। महिला को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया जा रहा था। इसी बीच इटावा मार्ग पर नगला जुला बंबा के पास दोपहर करीब पौने बारह बजे एंबुलेंस खराब हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार चालक ने एंबुलेंस को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन वह स्टार्ट नहीं हुई।
इस बीच चालक रामकुमार ने दूसरी एंबुलेंस के लिए अपने अफसरों को फोन किया। करीब आधा घंटे तक दूसरी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। वहीं दर्द से कराह रही महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी। इस पर साथ मौजूद परिजनों ने बिना देर किसी प्राइवेट कार से महिला को अस्पताल पहुंचाया।
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परेशान रहे परिजन
एंबुलेंस में गर्भवती शिप्रा के साथ उनकी सास सुमन देवी, ससुर महेश कुमार व गिरजा देवी भी सवार थे। महिला की हालत बिगड़ती देख साथ में मौजूद परिजन उसके ऊपर हवा करने लगे और चालक से दूसरी एंबुलेंस के बारे में जानकारी लेते रहे। साथ ही ससुर ने मामले की जानकारी अन्य परिजनों को और प्राइवेट कार को मौके पर बुलाया।
बहानेबाजी करता रहा ड्राइवर
एंबुलेंस का ड्राइवर और अफसर एंबुलेंस खराब होने की बात स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि एंबुलेंस का टायर पंक्चर हुआ था। वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि एंबुलेंस के सभी टायर ठीक थे। चालक से सवाल किया गया कि स्टेपनी क्यों नहीं लगाई तो वह गोलमोल जवाब देने लगा।
चालक ने बताया था कि एंबुलेंस का टायर पंक्चर हो गया था। उसके पास स्टेपनी क्यों नहीं थी, गाड़ी के इंजन में दिक्कत तो नहीं थी, इस संबंध में जानकारी की जाएगी। दूसरी एंबुलेंस समय से क्यों नहीं पहुंचे इस बारे में पता लगाया जा रहा है।
-धीरज यादव, जिला प्रोग्राम अधिकारी एंबुलेंस
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दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव नगला सुम्मेर निवासी आलोक कुमार की 23 वर्षीय पत्नी शिप्रा को बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा होने लगी। परेशानी ज्यादा बढ़ी तो परिजनों ने 102 एंबुलेंस के लिए कॉल की। महिला को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया जा रहा था। इसी बीच इटावा मार्ग पर नगला जुला बंबा के पास दोपहर करीब पौने बारह बजे एंबुलेंस खराब हो गई।
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स्थानीय लोगों के अनुसार चालक ने एंबुलेंस को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन वह स्टार्ट नहीं हुई।
इस बीच चालक रामकुमार ने दूसरी एंबुलेंस के लिए अपने अफसरों को फोन किया। करीब आधा घंटे तक दूसरी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। वहीं दर्द से कराह रही महिला की हालत बिगड़ती जा रही थी। इस पर साथ मौजूद परिजनों ने बिना देर किसी प्राइवेट कार से महिला को अस्पताल पहुंचाया।
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परेशान रहे परिजन
एंबुलेंस में गर्भवती शिप्रा के साथ उनकी सास सुमन देवी, ससुर महेश कुमार व गिरजा देवी भी सवार थे। महिला की हालत बिगड़ती देख साथ में मौजूद परिजन उसके ऊपर हवा करने लगे और चालक से दूसरी एंबुलेंस के बारे में जानकारी लेते रहे। साथ ही ससुर ने मामले की जानकारी अन्य परिजनों को और प्राइवेट कार को मौके पर बुलाया।
बहानेबाजी करता रहा ड्राइवर
एंबुलेंस का ड्राइवर और अफसर एंबुलेंस खराब होने की बात स्वीकार करने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि एंबुलेंस का टायर पंक्चर हुआ था। वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि एंबुलेंस के सभी टायर ठीक थे। चालक से सवाल किया गया कि स्टेपनी क्यों नहीं लगाई तो वह गोलमोल जवाब देने लगा।
चालक ने बताया था कि एंबुलेंस का टायर पंक्चर हो गया था। उसके पास स्टेपनी क्यों नहीं थी, गाड़ी के इंजन में दिक्कत तो नहीं थी, इस संबंध में जानकारी की जाएगी। दूसरी एंबुलेंस समय से क्यों नहीं पहुंचे इस बारे में पता लगाया जा रहा है।
-धीरज यादव, जिला प्रोग्राम अधिकारी एंबुलेंस