फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Amar ujala samvad on womens day 2020 in agra

महिला दिवस पर बोलीं नारी शक्ति: हर बेटी में है दम...दिखा देगी छूकर आसमान को

Sun, 08 Mar 2020 06:58 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 08 Mar 2020 06:58 AM IST
विज्ञापन
Amar ujala samvad on womens day 2020 in agra
अमर उजाला संवाद में नारी शक्ति - फोटो : Amar Ujala
हम जननी हैं। सर्जक हैं। ममता की धार हैं और स्नेह का तट भी। सरल हैं, जरूरत पर दुर्गा-काली भी बन सकती हैं। हम महिलाएं हैं। पुरुषों से होड़ नहीं, उनके कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहती हैं। अपनी खुद की पहचान के साथ। लंबे समय से उपेक्षा-उत्पीड़न का सामना किया है। कई मायनों अब भी है। हालांकि आकाश छू रही हैं लेकिन कुछ अवरोध हटें तो हर बेटी ऐसा करके दिखा सकती है। 
विज्ञापन


यूं तो कोशिशें जारी हैं। थोड़ा और साथ, सहयोग और सम्मान मिले तो हम जल्दी ही समाज-देश की तरक्की में बराबर की साझीदार होंगी। ये विचार विभिन्न क्षेत्रों में अपने संघर्ष के बूते खास मुकाम पर पहुंची शहर की महिलाओं के हैं जो उन्होंने अमर उजाला कार्यालय में हुए ‘संवाद’ में व्यक्त किए। आयोजन अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में किया गया। 
विज्ञापन

उपलब्धि प्रचारित हो
कवियित्री डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने कहा कि शहर में लगी एलईडी पर क्रिकेटर पूनम और दीप्ति जैसी बेटियों की कहानी दिखाएं। मैं अपनी रचनाओं से महिला शक्ति को जगाने के प्रयास कर रही हूं। 

घर से ही शुरूआत हो
समाजसेवी सुमन सुराना ने कहा कि महिलाओं से समानता के लिए घर में बचपन से ही संस्कार दिए जाने चाहिए। मां-बाप को ही बच्चों में भेदभाव की भावना को समाप्त करना चाहिए। 

विचार सकारात्मक हों
आरबीएस कॉलेज की शिक्षिका डॉ. पूनम तिवारी ने कहा कि लड़कियों को समानता कपड़ों और दूसरे दिखावों से नहीं मिलेगी। मानसिकता को सकारात्मक बनाकर ही लड़कियां आगे बढ़ सकती हैं। 

शरीर से तो स्वस्थ रहें
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा शर्मा ने कहा कि आज भी तमाम विकास के बाद भी अधिकांश महिलाएं एनीमिया का शिकार हैं। अब भी बड़ी संख्या में हो रही प्रसव के दौरान मौतों को रोकना होगा।

संघर्ष ही सूत्र, साथ दें
सिकासा की चेयरपर्सन सीए दीपिका मित्तल ने कहा कि कामकाजी महिलाओं को पुरुषवादी मानसिकता से संघर्ष करना पड़ता है। इसके बाद भी लड़कियां हर फील्ड में आगे आ रही हैं। उनका साथ दें।

दायरे तोड़ना चुनौती है
समाजसेवी शीतल अग्रवाल ने कहा कि गरीब तबके की महिलाएं समस्याओं के बारे में भी चर्चा से बचती हैं। ऐसी महिलाओं को सीमित दायरे से बाहर निकलने की जरूरत है।
विज्ञापन

बेटियां गौरव, महसूस करें
गृहिणी सीमा कांत ने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ाने से मां का ही गौरव बढ़ता है। इसलिए मांओं को अपनी बेटियों को आगे बढ़ाना चाहिए। कर के देखें, परिणाम सुखकारी होंगे।

बेटी-बहू का अंतर मिटे
मॉडल-अभिनेत्री सारा मून का कहना है कि समानता का भाव घर से पैदा होता है। यही होना भी चाहिए। हर परिवार में बहू और बेटी के बीच के अंतर को दूर करने की जरूरत है। 

सुरक्षित माहौल की जरूरत
डेंटल सर्जन डॉ. प्रीति भारद्वाज ने कहा कि आज भी महिलाएं अकेले रात में घर से बाहर निकलने में डरती हैं। ऐसा वातावरण बने जिससे महिला अकेले खुद को सुरक्षित महसूस करे। 

नारे नहीं, ठोस कदम उठें
शिक्षिका डॉ. मृदुल जुनेजा ने कहा कि समाज में अभी भी कई मोर्चों पर महिलाओं के बारे में विचार करने की जरूरत है। सच तो यही है कि सशक्तिरण केवल नारों से नहीं होगा। 

वैचारिक स्वतंत्रता मिले
अधिवक्ता धेनु शर्मा ने कहा कि लड़कियों को अपने निर्णय खुद लेने की आजादी देनी चाहिए। वैचारिक स्वतंत्रता ही उन्हें कल्पना चावला जैसी बेटी बना सकती है। 

बस, संघर्ष से न डिगें
रिष्ठ रंगकर्मी रिष्ठ रंगकर्मी का कहना है कि मैंने अपने जीवन संघर्ष से सीखा है कि अगर महिलाएं ठान लें तो कुछ भी कर सकती हैं। बस, वह डटी रहें, अपनी राह से डिगें नहीं।
 
समर्थ बनें, फैसले करे
इनरव्हील क्लब की मंडल कोषाध्यक्ष नीलू धाकरे ने कहा कि चुनी गई पार्षदों-प्रधानों को देखिए, फैसले वे खुद नहीं करतीं। जरूरत ऐसा बनाने की है ताकि वे खुद सक्षम हों। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed