अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान: तीन साल में पूरा न हो सका स्वास्थ्य भवनों का निर्माण, जानें वजह
जिले में स्वास्थ्य भवनों का निर्माण तीन साल में भी पूरा नहीं हो सका है, जिसकी वजह से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। कार्यदायी संस्थाएं समय से कार्य पूरा नहीं कर पा रही हैं।
विस्तार
एटा में स्वास्थ्य इकाइयों के निर्माण कार्य आरईएस, पैक्सफेड, यूपीसिप और पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा रहा है। तीन वर्ष बीतने के बाद भी स्वास्थ्य इकाईयों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। जिसकी वजह से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रहीं हैं। कार्यदायी संस्थाएं समय से कार्य पूरा नहीं कर पा रही हैं। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग भी लगातार पत्र जारी कर रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए वर्ष 2018 में 20 सब सेंटर, 16 पीएचसी और दो उप स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत हुए थे। इनमें से एक सब सेंटर का निर्माण अभी तक नहीं हो सका है। इसी तरह वर्ष 2019-20 में 44 सब सेंटरों की स्वीकृति हुई थी, इसका निर्माण कार्य करने की जिम्मेदारी पैक्सपेड को दी गई थी। इनमें से चार का निर्माण कार्य तीन वर्षों में भी पूरा नहीं हो सका है।
अधूरा पड़ा है काम
वर्ष 2020-21 में 33 सब सेंटर, चार पीएचसी की स्वीकृति हुई लेकिन नौ सब सेंटरों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। वर्ष 2021-22 में 29 सब सेंटर और आठ पीएचसी के निर्माण कार्य करने का दायित्व यूपीसिप और 12 सब सेंटरों का निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी को दिया गया। इनमें से एक भी संस्था किसी भी इकाई का कार्य पूरा नहीं कर सकी है। 41 सब सेंटर निर्माण कार्य के पूर्ण होने की राह देख रहे हैं। स्वीकृत स्वास्थ्य इकाइयों का कार्य पूर्ण हो जाता तो ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होने की उम्मीदें पूरी हो जाती। अधूरे कार्य होने के चलते स्वास्थ्य इकाइयों का संचालन नहीं हो पा रहा है।
लिखे जा रहे पत्र
सीएमओ डॉ. उमेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि निर्माणाधीन स्वास्थ्य इकाइयों का कार्य पूरा नहीं होने के चलते पिछले दिनों ही जिलाधिकारी द्वारा कार्यदायी संस्थाओं के साथ बैठक की थी। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश भी दिए थे, लेकिन नहीं हो सका है। लगातार संस्थाओं से पत्राचार किया जा रहा है।