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अमर उजाला के 'अपराजिता' के मंच पर बोलीं महिलाएं- नारी शिक्षा ही शिक्षित भारत की नींव
Sun, 25 Nov 2018 07:07 PM IST
kapil sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मैनपुरी
Published by: kapil sharma
Updated Sun, 25 Nov 2018 07:07 PM IST
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अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी में अमर उजाला की अपराजिता अभियान के तहत महिलाओं ने नारी शिक्षा पर जोर दिया। एक स्वर में सभी ने शिक्षित समाज के लिए महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिला दो घरों को शिक्षित करती है।
मैनपुरी के डॉक्टर किरन सौजिया सीनियर सेकेंड्री एजुकेशनल एकेडमी में रविवार को अपराजिता अभियान के तहत फोकस ग्रुप में महिलाओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी। महिलाओं ने नारी शिक्षा पर जोर दिया। एक स्वर में सभी ने शिक्षित समाज के लिए महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिला दो घरों को शिक्षित करती है।
महिलाओं को संबोधित करते हुए शिक्षिका गीता चौहान ने कहा कि ईश्वर चंद्र विद्या सागर और राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारकों ने महिला शिक्षा पर जोर दिया था। शिक्षा से बेटियों के संस्कारों की नींव मजबूत होगी। शिक्षिका उपासना चौहान ने कहा कि शिक्षित होकर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो सकती है। लोगों को बेटा और बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए।
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मैनपुरी के डॉक्टर किरन सौजिया सीनियर सेकेंड्री एजुकेशनल एकेडमी में रविवार को अपराजिता अभियान के तहत फोकस ग्रुप में महिलाओं ने बेबाकी से अपनी राय रखी। महिलाओं ने नारी शिक्षा पर जोर दिया। एक स्वर में सभी ने शिक्षित समाज के लिए महिलाओं का शिक्षित होना जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षित महिला दो घरों को शिक्षित करती है।
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महिलाओं को संबोधित करते हुए शिक्षिका गीता चौहान ने कहा कि ईश्वर चंद्र विद्या सागर और राजा राममोहन राय जैसे समाज सुधारकों ने महिला शिक्षा पर जोर दिया था। शिक्षा से बेटियों के संस्कारों की नींव मजबूत होगी। शिक्षिका उपासना चौहान ने कहा कि शिक्षित होकर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो सकती है। लोगों को बेटा और बेटी में फर्क नहीं करना चाहिए।
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नारी शिक्षित तो परिवार भी होगा शिक्षित
अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
अलका पांडेय और श्रावणी पांडेय ने संयुक्त रूप से कहा कि नारी शिक्षित होगी तो परिवार शिक्षित होगा। बीनू विक्रमन ने कहा कि शिक्षा से ही महिलाएं आगे बढ़ सकती हैं, इसलिए महिलाओं को शिक्षित होना पड़ेगा।
शिखा श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षित भारत के लिए महिलाओं का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में नीतू तिवारी, शैला खान, आकांक्षा प्रसाद, जिसा रूथ सनी, राधा रानी, ममता पांडेय, अनीता यादव, प्रगति यादव, कीरती पाल, रितू द्विवेदी सहित तमाम महिलाएं उपस्थित रहीं।
महिलाओं ने कहा
-बेटा और बेटी को समान शिक्षा दिलाएं माता पिता।
-नारी शिक्षित होगी तो परिवार भी शिक्षित होगा।
-शिक्षित होने के लिए महिलाएं खुद आगे बढ़ें।
-महिलाएं शिक्षित होंगी तो खुद ले सकेंगीं फैसले।
-शिक्षा बिना नारी पूरी तरह से अधूरी है।
शिखा श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षित भारत के लिए महिलाओं का शिक्षित होना बेहद जरूरी है। कार्यक्रम में नीतू तिवारी, शैला खान, आकांक्षा प्रसाद, जिसा रूथ सनी, राधा रानी, ममता पांडेय, अनीता यादव, प्रगति यादव, कीरती पाल, रितू द्विवेदी सहित तमाम महिलाएं उपस्थित रहीं।
महिलाओं ने कहा
-बेटा और बेटी को समान शिक्षा दिलाएं माता पिता।
-नारी शिक्षित होगी तो परिवार भी शिक्षित होगा।
-शिक्षित होने के लिए महिलाएं खुद आगे बढ़ें।
-महिलाएं शिक्षित होंगी तो खुद ले सकेंगीं फैसले।
-शिक्षा बिना नारी पूरी तरह से अधूरी है।
अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
पूजा पांडेय ने कहा कि नारी के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है। नारी शिक्षित होगी तो उसका परिवार, समाज और देश शिक्षित होगा। कार्यक्रम में चंद्रिका चौहान ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम से निश्चित तौर पर नारी को शक्ति मिलेगी। यह बेहतर प्लेटफार्म है।
श्रावणी पांडेय ने महिलाओं ने साबित कर दिया है कि वह किसी से कम नहीं हैं, उन्हें बेहतर माध्यमों की जरूरी है। स्वेता मिश्रा ने कहा कि मां-बाप अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाएं, बेटी शिक्षित होगी तो उसका परिवार भी शिक्षित होगा।
रुबीना शेख ने कहा कि औरतों को इस समाज ने ही कमजोर बनाया है, उनके साथ होने वाला भेदभाव बंद होना चाहिए। वहीं कार्यक्रम में रीता विश्वास ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं को अपनी बात कहने का माध्यम देते हैं। ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए।
श्रावणी पांडेय ने महिलाओं ने साबित कर दिया है कि वह किसी से कम नहीं हैं, उन्हें बेहतर माध्यमों की जरूरी है। स्वेता मिश्रा ने कहा कि मां-बाप अपनी बेटियों को बेहतर शिक्षा दिलाएं, बेटी शिक्षित होगी तो उसका परिवार भी शिक्षित होगा।
रुबीना शेख ने कहा कि औरतों को इस समाज ने ही कमजोर बनाया है, उनके साथ होने वाला भेदभाव बंद होना चाहिए। वहीं कार्यक्रम में रीता विश्वास ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं को अपनी बात कहने का माध्यम देते हैं। ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए।