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रार: अग्रबंधुओं के नाम पर डेढ़ करोड़ का चंदा घोटाला? अध्यक्ष पर ये आरोप, चार पार्षदों ने खोला मोर्चा

Tue, 25 Aug 2026 11:46 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Tue, 25 Aug 2026 11:46 AM IST
सार

आगरा में अग्रबंधु समन्वय समिति के अध्यक्ष वीके अग्रवाल पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये के चंदे का हिसाब न देने और संस्था के नाम पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। चार पार्षदों और समिति के सदस्यों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि वीके अग्रवाल ने आरोपों को झूठा बताया है।

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Alleged 1.5 Crore Donation Fraud in Agra’s Agrabandhu Committee Sparks Dispute
अग्रबंधुओं के नाम पर डेढ़ करोड़ का चंदा घोटाला? - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आगरा के बल्केश्वर क्षेत्र में अग्रबंधु के नाम पर संस्थाएं बनाकर डेढ़ करोड़ रुपये की चंदा चोरी का आरोप लगाया गया है। सोमवार को अतिथि वन में दो पार्षदों के साथ दो पूर्व पार्षदों और अग्रबंधु समन्वय समिति के सदस्यों ने अध्यक्ष वीके अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोला। उनकी गिरफ्तारी की मांग भी उठाई।
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पूर्व पार्षद प्रकाश चंद्र अग्रवाल और ताराचंद मित्तल ने बताया कि वर्ष 2004 में श्रीअग्रबंधु समन्वय समिति बनाई गई। आरोप लगाया कि वर्ष 2019 में श्री नाम हटाकर नई कमेटी अग्रबंधु समन्वय समिति का पंजीकरण वीके अग्रवाल ने अपने नाम से करा लिया। नई नियमावली बनाकर सभी अधिकार महामंत्री के रूप में अपने पास रखे और चंदे का धंधा जारी रखा। उनके फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी शपथपत्र लगाकर यह काम किया गया।
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यह भी आरोप लगाया कि हिसाब न देने पर जांच में यह हेरफेर सामने आया। पार्षद हरिओम गोयल ने बताया कि सबरजिस्ट्रार ने अपनी जांच में वीके अग्रवाल को दोषी माना और पंजीकरण निरस्त कर दिया। पुलिस कार्रवाई की संस्तुति पर ही 7 अगस्त 2025 को वीके अग्रवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। पार्षद गिर्राज बंसल और रमन अग्रवाल ने गिरफ्तारी और समाज की ओर से बहिष्कार करने की मांग की।
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आमने-सामने
पूर्व पार्षद ताराचंद मित्तल का कहना है कि श्री अग्रबंधु समन्वय समिति के सभी आर्थिक कार्य वीके अग्रवाल स्वयं ही देखते थे। हर पांच साल बाद नवीनीकरण की जगह अवैध रूप से संस्था चलाई। हर साल महाराजा अग्रसेन जयंती के नाम पर लाखों रुपये का चंदा लिया और अपनी जेब भरी। करीब डेढ़ करोड़ रुपये का चंदा चोरी हुआ है।


वीके अग्रवाल ने कहा कि मेरे खिलाफ झूठी प्राथमिकी कराई गई है। अगर शिकायत सच होती तो अब तक गिरफ्तारी हो जाती। जब मैं अमेरिका से आया तो कोषाध्यक्ष ने हिसाब नहीं दिया। अब मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगा रहे हैं। घपला होता तो पूरी संस्था आरोप लगाती।
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