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मुगलों का समर्थन न करें मुस्लिम, श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने में करें सहयोग: नरेंद्र गिरि

Fri, 16 Oct 2020 01:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 16 Oct 2020 01:02 AM IST
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Akhil Bharatiya Akhara Parishad president narendra giri on shri krishna janmabhoomi case
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि व अन्य संत - फोटो : अमर उजाला

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि ने कहा कि श्रीराम जन्म भूमि मुक्त हो गई है, अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराना है। इस पर बने गुंबद का कलंक मिटाना भी जरूरी है। नरेंद्र गिरि गुरुवार को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि दर्शन करने के लिए पहुंचे। 

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नरेंद्र गिरि ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आकर हृदय द्रवित हो गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान पर लगा कलंक हटना बहुत जरूरी है। इस मंदिर को चार बार तोड़ा गया है। आततायी मुगलों का एक ही काम रहा, मंदिर-मठों को तोड़कर मस्जिद और ईदगाह बनाना। 
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नरेंद्र गिरि ने कहा कि आजाद भारत में रह रहे मुस्लिमों से आग्रह है कि वे आततायी मुगलों का समर्थन न करें। हमारे साथ आएं, गुंबद तोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने युवा, संत, विश्व हिंदू परिषद से आग्रह करते हुए कहा कि सभी को साथ लेकर आंदोलन चलाया जाएगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की नींव के पत्थरों को तोड़कर मस्जिद बनाई गई है।  

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नरेंद्र गिरि सुबह तकरीबन 11 बजे श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे थे। दोपहर पौने एक बजे तक यहां रहे। उन्होंने जन्मभूमि का भ्रमण किया और श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान के सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी से जन्मभूमि से जुड़े मुकदमों की जानकारी ली। 

‘हरिद्वार कुंभ से पहले संतों की बैठक की परंपरा का पालन होगा’

श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बाद चिंतामणि कुंज पहुंचे अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि का संतों ने स्वागत किया। नरेंद्र गिरि ने कहा कि वृंदावन में हरिद्वार कुंभ से पहले वैष्णव संप्रदाय के महात्मा, संतों की बैठक की जो परंपराएं हैं, उनका पालन किया जाएगा। इससे हट कर कोई काम नहीं किया जाएगा।


यह भी पढ़ें- श्रीकृष्ण जन्मभूमि: तीन बार टूटा और चार बार बनाया गया भगवान श्रीकृष्ण का मंदिर, पढ़ें रोचक इतिहास 


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