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आगरा में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का रास्ता हुआ साफ
आगरा में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने का रास्ता हुआ साफ
Updated Sun, 04 Sep 2016 01:31 AM IST
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रक्षा मंत्रालय और प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अफसरों के बीच वार्ता से आगरा में वर्ल्ड क्लास इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने, सैफई इटावा में कारगो एयरपोर्ट के विकास और इलाहाबाद के बमरौली हवाई अड्डे पर हवाई जहाजों को लाइट लैंडिंग सुविधा उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हो गया है। इसके अलावा भी कई अहम मुद्दों पर दोनों सरकारों के बीच सहमति बनी है। खास बात ये है कि इनमें कई प्रोजेक्ट 3-4 साल से तो कुछेक 30-40 साल से लंबित थे।
केंद्रीय रक्षा मंत्रालय व राज्य के बीच लंबित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए शनिवार को रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिवजेआरके राव के नेतृत्व में लखनऊ पहुंचा। मुख्य सचिव दीपक सिंघल की अध्यक्षता में दल के साथ बैठक हुई। इसमें पहले आगरा में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों की सहमति से तय हुआ कि आगरा में वर्तमान में वायुसेना के नियंत्रण वाले एयरपोर्ट का विस्तार कर इसे अंतर्राष्ट्रीय रूप दिया जा सकता हैै। इसके लिए करीब 150 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इस जमीन के मालिक 347 किसानों में से 300 से आगरा के जिलाधिकारी ने सहमति प्राप्त कर ली है। भूमि की कुल कीमत लगभग 165 करोड़ रुपये आएगी। प्रदेश सरकार की ओर से अपनी लागत पर एक महीने में जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति दी गई। इसके बाद वायुसेना ने एयरपोर्ट का विस्तार के लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी। लगभग 110 करोड़ रुपये से रनवे की लंबाई बढ़ाकर इसे अंतर्राष्ट्रीय विमानों की लैंडिंग के अनुकूल बनाने और विस्तार से जुड़े कार्य प्रदेश सरकार ही कराएगी। इस पूरे काम का पर्यवेक्षण वायुसेना के अधिकारी करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि आगरा में पहले से बन रहे सिविल टर्मिनल के लिए अधिकांश भूमि मिल चुकी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ भी काम शुरू करने पर सहमति बन गई है। मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने कहा कि यह ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिससे आगरा में अंतर्राष्ट्रीय विमानों की सीधी लैंडिंग और लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों की यात्रा सुगम बनाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह भी तय हुआ कि मौके पर जल्द से जल्द काम शुरू किया जाएगा और प्रयास होगा कि अगले पांच से छह महीने में विस्तारीकरण कार्य तथा सिविल एन्क्लेव का काम पूरा कर लिया जाए।
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प्रोजेक्ट का बड़ा असर
प्रदेश सरकार आगरा को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने को लेकर इसलिए भी विशेष उत्साहित है, क्योंकि इससे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विजन के मुताबिक आगरा से लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूर्ण होने के साथ लखनऊ से बलिया एक्सप्रेस-वे बनाए जाने की परियोजना की परिकल्पना के साथ ही पूरे लखनऊ को ग्लोबल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
सैफई में कारगो टर्मिनल विकसित करने पर 15 दिन में परीक्षण
केंद्र व प्रदेश के अधिकारियों के बीच सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के गृह क्षेत्र के सैफई एयरपोर्ट पर कारगो टर्मिनल विकसित करने, वहां पर वायुयानों के मरम्मत व रखरखाव के लिए एमआरओ सुविधा विकसित करने तथा फ्लाइंग क्लब चलाए जाने पर भी चर्चा हुई। इस प्रोजेक्ट पर भी वायुसेना ने सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की तथा अगले 15 दिन में इसका परीक्षण कर अपना मंतव्य बताने को कहा है।
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केंद्रीय रक्षा मंत्रालय व राज्य के बीच लंबित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के लिए शनिवार को रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल रक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिवजेआरके राव के नेतृत्व में लखनऊ पहुंचा। मुख्य सचिव दीपक सिंघल की अध्यक्षता में दल के साथ बैठक हुई। इसमें पहले आगरा में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों की सहमति से तय हुआ कि आगरा में वर्तमान में वायुसेना के नियंत्रण वाले एयरपोर्ट का विस्तार कर इसे अंतर्राष्ट्रीय रूप दिया जा सकता हैै। इसके लिए करीब 150 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। इस जमीन के मालिक 347 किसानों में से 300 से आगरा के जिलाधिकारी ने सहमति प्राप्त कर ली है। भूमि की कुल कीमत लगभग 165 करोड़ रुपये आएगी। प्रदेश सरकार की ओर से अपनी लागत पर एक महीने में जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति दी गई। इसके बाद वायुसेना ने एयरपोर्ट का विस्तार के लिए सैद्धांतिक सहमति दे दी। लगभग 110 करोड़ रुपये से रनवे की लंबाई बढ़ाकर इसे अंतर्राष्ट्रीय विमानों की लैंडिंग के अनुकूल बनाने और विस्तार से जुड़े कार्य प्रदेश सरकार ही कराएगी। इस पूरे काम का पर्यवेक्षण वायुसेना के अधिकारी करेंगे।
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अधिकारियों ने बताया कि आगरा में पहले से बन रहे सिविल टर्मिनल के लिए अधिकांश भूमि मिल चुकी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ भी काम शुरू करने पर सहमति बन गई है। मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने कहा कि यह ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि है, जिससे आगरा में अंतर्राष्ट्रीय विमानों की सीधी लैंडिंग और लाखों की संख्या में आने वाले पर्यटकों की यात्रा सुगम बनाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह भी तय हुआ कि मौके पर जल्द से जल्द काम शुरू किया जाएगा और प्रयास होगा कि अगले पांच से छह महीने में विस्तारीकरण कार्य तथा सिविल एन्क्लेव का काम पूरा कर लिया जाए।
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प्रोजेक्ट का बड़ा असर
प्रदेश सरकार आगरा को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने को लेकर इसलिए भी विशेष उत्साहित है, क्योंकि इससे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के विजन के मुताबिक आगरा से लखनऊ एक्सप्रेस-वे का निर्माण पूर्ण होने के साथ लखनऊ से बलिया एक्सप्रेस-वे बनाए जाने की परियोजना की परिकल्पना के साथ ही पूरे लखनऊ को ग्लोबल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
सैफई में कारगो टर्मिनल विकसित करने पर 15 दिन में परीक्षण
केंद्र व प्रदेश के अधिकारियों के बीच सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के गृह क्षेत्र के सैफई एयरपोर्ट पर कारगो टर्मिनल विकसित करने, वहां पर वायुयानों के मरम्मत व रखरखाव के लिए एमआरओ सुविधा विकसित करने तथा फ्लाइंग क्लब चलाए जाने पर भी चर्चा हुई। इस प्रोजेक्ट पर भी वायुसेना ने सैद्धांतिक सहमति व्यक्त की तथा अगले 15 दिन में इसका परीक्षण कर अपना मंतव्य बताने को कहा है।